{"_id":"58cd6efd4f1c1b2d5a32b9c7","slug":"enhanced-alert-after-the-explosion-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा में विस्फोट के बाद बढ़ी चौकसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में विस्फोट के बाद बढ़ी चौकसी
amar ujala
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
आगरा में विस्फोट के बाद बढ़ी चौकसी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आगरा में कैंट स्टेशन के पास हुए दो विस्फोट एवं धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से जनपद में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। शनिवार को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य भीड़भरे सार्वजनिक स्थानों, धर्मस्थलों आदि पर चेकिंग अभियान चलाया गया।
आगरा में स्टेशन के पास हुए धमाके का असर कासगंज में भी देखने को मिले। अलर्ट जारी होते ही सीओ शैलेंद्र लाल के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, ढाबों में जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान यात्रियों के सामान की मेटल डिटेक्टर आदि से चेकिंग की गई। सीओ ने बताया कि चेकिंग में किसी भी प्रकार का संदिग्ध सामान आदि नहीं बरामद हुआ है।
संवेदनशील रहा है कासगंज इलाका
लखनऊ, कानपुर में आतंकियों पकड़े जाने, मध्यप्रदेश के भोपाल मे उज्जैन एक्सप्रेस में धमाके की घटना को लोग अभी भुला भी नहीं पाए थे कि आगरा में शुक्रवार को ट्रेक पर पत्थर रखकर झांसी से दिल्ली जा रही अंडमान एक्सप्रेस ट्रेन को पलटने की कोशिश एवं शनिवार को कैंट स्टेशन पर दो धमाके हुए। इससे यहां के लोग भी भयभीत हैं। कारण कई बार यहां से आंतकियों के तार जुड़े होने के सबूत मिल चुके हैं।
विज्ञापन
बता दें कि आगरा की दूरी कासगंज से मात्र 120 किमी है। कानपुर भी अधिक दूर नहीं है। इन क्षेत्रों के सीधा रेल व बस मार्ग जुड़ा होने से आतंकियों के शरण लेने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि पूर्व में भी यहां दहशतगर्दों के तार जुड़े रहे हैं। करीब डेढ दशक पहले आतंकी अब्दुल बसर व अब्दुल गुल अमापुर में एक माह तक रहने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार हो गए। यही नहीं वर्ष 2014 में राजस्थान में पकड़ा गया आतंकी अशरफ सहावर का मूल निवासी निकला। फर्रुखाबाद में स्टेशन पर मिले बम के दौरान भी दो संदिग्धों के इस क्षेत्र से जुड़े होने के संकेत मिले थे। पठान कोट में आतंकी हमले के दौरान यहां के प्रसिद्ध झाल के पुल पर भारत के नक्शे में आईएस लिखा मिला। पुलिस ने नक्शे पर कालिख पेात कर अपना कर्तव्य पूरा कर लिया। इसी दौरान एक न्यूज पोर्टल को हैक कर उस पर पाक का झंडा फहरा कर संदेश लिख दिया था। वहीं ढाई साल पहले रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध पकड़ा गया था। उसके पास से लैपटॉप, विश्व की प्रसिद्ध इमारतों के पाक की मुहर लगे नक्शे, एटीएम, मोबाइल, डायरी, घड़ी, फ्यूज, बैरिंग, बाघा बॉर्डर की परेड का फोटो, धार्मिक स्थलों के फोटो मिले थे।
आगरा में स्टेशन के पास हुए धमाके का असर कासगंज में भी देखने को मिले। अलर्ट जारी होते ही सीओ शैलेंद्र लाल के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, ढाबों में जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान यात्रियों के सामान की मेटल डिटेक्टर आदि से चेकिंग की गई। सीओ ने बताया कि चेकिंग में किसी भी प्रकार का संदिग्ध सामान आदि नहीं बरामद हुआ है।
विज्ञापन
संवेदनशील रहा है कासगंज इलाका
लखनऊ, कानपुर में आतंकियों पकड़े जाने, मध्यप्रदेश के भोपाल मे उज्जैन एक्सप्रेस में धमाके की घटना को लोग अभी भुला भी नहीं पाए थे कि आगरा में शुक्रवार को ट्रेक पर पत्थर रखकर झांसी से दिल्ली जा रही अंडमान एक्सप्रेस ट्रेन को पलटने की कोशिश एवं शनिवार को कैंट स्टेशन पर दो धमाके हुए। इससे यहां के लोग भी भयभीत हैं। कारण कई बार यहां से आंतकियों के तार जुड़े होने के सबूत मिल चुके हैं।
विज्ञापन
बता दें कि आगरा की दूरी कासगंज से मात्र 120 किमी है। कानपुर भी अधिक दूर नहीं है। इन क्षेत्रों के सीधा रेल व बस मार्ग जुड़ा होने से आतंकियों के शरण लेने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि पूर्व में भी यहां दहशतगर्दों के तार जुड़े रहे हैं। करीब डेढ दशक पहले आतंकी अब्दुल बसर व अब्दुल गुल अमापुर में एक माह तक रहने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार हो गए। यही नहीं वर्ष 2014 में राजस्थान में पकड़ा गया आतंकी अशरफ सहावर का मूल निवासी निकला। फर्रुखाबाद में स्टेशन पर मिले बम के दौरान भी दो संदिग्धों के इस क्षेत्र से जुड़े होने के संकेत मिले थे। पठान कोट में आतंकी हमले के दौरान यहां के प्रसिद्ध झाल के पुल पर भारत के नक्शे में आईएस लिखा मिला। पुलिस ने नक्शे पर कालिख पेात कर अपना कर्तव्य पूरा कर लिया। इसी दौरान एक न्यूज पोर्टल को हैक कर उस पर पाक का झंडा फहरा कर संदेश लिख दिया था। वहीं ढाई साल पहले रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध पकड़ा गया था। उसके पास से लैपटॉप, विश्व की प्रसिद्ध इमारतों के पाक की मुहर लगे नक्शे, एटीएम, मोबाइल, डायरी, घड़ी, फ्यूज, बैरिंग, बाघा बॉर्डर की परेड का फोटो, धार्मिक स्थलों के फोटो मिले थे।