{"_id":"57cb003b4f1c1bba272cb59e","slug":"eaarateeo-kaaryaalay-par-ejenton-ne-kiya-pradarshan","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआरटीओ कार्यालय पर एजेंटों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एआरटीओ कार्यालय पर एजेंटों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
एआरटीओ कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भैसोरा के पूर्व प्रधानपति को शिक्षक के अपहरण करने एवं मारपीट के मामले में न्यायालय ने दोषी पाया। न्यायालय ने सात वर्ष का कारावास एवं 28 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
ग्राम भैसोरा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक जवाहर हुसैन निवासी मुहल्ला अंसारी चौक 6 फरवरी 2014 की शाम लगभग 4 बजे विद्यालय बंद करके कासगंज आ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानपति संपत निवासी भैसोरा ने अमांपुर अड्डे पर उसे रोक लिया और उससे मिड डे मील की चेकबुक व पासबुक मांगी। उसके चेकबुक न देने पर पूर्व प्रधान ने उसका अपहरण कर लिया। साथी शिक्षक सुरेश, ब्रह्मदत्त ने मामले की जानकारी प्रधानपति के परिवारीजन को दी। मामले में दबाब बढने पर आरोपी ने प्रधानाध्यापक को मुक्त कर दिया। प्रधानाध्यापक जवाहर हुसैन ने कासगंज कोतवाली में आरोपी संपत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या 2 धीरेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। वहीं गवाहों के बयानों एवं साक्ष्यों के आधार पर संपत को अपहरण एवं मारपीट व धमकी देने का दोषी पाया। अभियुक्त पूर्व प्रधान पति संपत को सात वर्ष का कारावास एवं 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम भैसोरा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक जवाहर हुसैन निवासी मुहल्ला अंसारी चौक 6 फरवरी 2014 की शाम लगभग 4 बजे विद्यालय बंद करके कासगंज आ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानपति संपत निवासी भैसोरा ने अमांपुर अड्डे पर उसे रोक लिया और उससे मिड डे मील की चेकबुक व पासबुक मांगी। उसके चेकबुक न देने पर पूर्व प्रधान ने उसका अपहरण कर लिया। साथी शिक्षक सुरेश, ब्रह्मदत्त ने मामले की जानकारी प्रधानपति के परिवारीजन को दी। मामले में दबाब बढने पर आरोपी ने प्रधानाध्यापक को मुक्त कर दिया। प्रधानाध्यापक जवाहर हुसैन ने कासगंज कोतवाली में आरोपी संपत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या 2 धीरेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। वहीं गवाहों के बयानों एवं साक्ष्यों के आधार पर संपत को अपहरण एवं मारपीट व धमकी देने का दोषी पाया। अभियुक्त पूर्व प्रधान पति संपत को सात वर्ष का कारावास एवं 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन