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मासूमों से कैसी दुश्मनीः क्या जान लेते हुए नहीं कांपे हैवानों के हाथ
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Sun, 03 May 2015 11:18 PM IST
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मां के आंचल में छिपकर सोया एक साल का अलकेश तो दूसरा घर के बाहर खेलता सात साल का विकास। बच्चे वैसे ईश्वर का रूप होते हैं। उनके मासूम चेहरे तो पल भर में गुस्सा दूर कर देते हैं। लेकिन इनके लिए हत्यारे हैवान बन गए थे। न इन बच्चों के मासूम चेहरों पर तरस आया और न ही इनकी हत्या करते वक्त उनके हाथ कांपे। बेरहमी से हत्या के बाद शवों को गड्ढे खोदकर दबा दिया गया। हर तरफ यहीं चर्चाएं और सवाल, हत्यारों की यदि कोई दुशमनी या खुन्नस थी तो इनके परिवारीजनों से होगी। इन मासूमों ने उनका क्या बिगाड़ा। यह तो दुशमनी और दोस्ती के मायने भी नहीं जानते थे। हर कोई हत्यारों को कोस रहा था, लानत देता नजर आया।
अलकेश गांव बेगमपुर निवासी यूनिस का इकलौता पुत्र था। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। उसकी मां शकीला का रो-रोकर बुरा हाल है। यूनिस नगर के आगरा चौराहा स्थित एक दुकान पर कार-जीप की डेंटिंग व पेंटिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की शाम छह बजे घर के बाहर से बच्चे का किन्हीं अज्ञात लोगोें ने अपहरण कर लिया था और गांव से दो सौ मीटर दूर स्थित एक 40 फुट गहरे कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद कुएं को ढक दिया था। रात 11 बजे बच्चे को ढूंढते हुए जब वह वहां पहुंचे और उसके रोने की आवाज सुनकर उसे कुएं से वह निकाला था। बच्चे को सकुशल देख कोतवाली पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके चलते फिर से बालक को अगवा कर लिया और उसकी हत्या कर शव को गड्ढे में दफना दिया। कुछ लोगों का कहना है कि किसी ने तंत्र मंत्र के चलते तो बालक की हत्या नहीं की। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पिता के अवैध संबंधों की भेंट चढ़ गया मासूम विकास
मिरहची। पिता के अवैध संबंधों का खामियाजा सात वर्षीय विकास को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा। महिला के पति ने उसकी हत्या कर दी।
बता दें, थाना मिरचही के गांव अगरपुर निवासी नेम सिंह का सात वर्षीय पुत्र विकास 30 अप्रैल को गांव में ही दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते ही गांव से लापता हो गया। रविवार सुबह शौच को गए ग्रामीणों ने करू नदी के पास एक गड्ढे में से बालक का पैर बाहर निकला देखा। यह देख अन्य ग्रामीण भी एकत्रित हो गए और थाना पुलिस को सूचना देकर गड्ढे में से शव को बाहर निकाला गया।
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परिवारीजनों ने शव की पहचान विकास के रूप में की। विकास के गायब होने के बाद उसके नाना चंद्रकमल ने दामाद नेम सिंह पर धेवते का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि नेम सिंह के पड़ोसी दलबीर की पत्नी के साथ अवैध संबंध है और इनका विरोध करने पर वह अपनी पत्नी रेनू के साथ भी मारपीट करता था। इसी के चलते उसने महिला के साथ मिलकर विकास का अपहरण किया है। अब विकास का शव मिलने के बाद अब हत्या का आरोप दलबीर पर लग रहा है।
जिस दिन विकास का अपहरण हुआ, उस दिन नेम सिंह और दलबीर की पत्नी भी गांव में नहीं थे। दोनों को आगरा में देखा गया। परिवारीजनों का कहना है कि दलबीर पत्नी के साथ अवैध संबंधों की खुन्नस में विकास की हत्या की और शव दबा दिया।थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
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अलकेश गांव बेगमपुर निवासी यूनिस का इकलौता पुत्र था। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। उसकी मां शकीला का रो-रोकर बुरा हाल है। यूनिस नगर के आगरा चौराहा स्थित एक दुकान पर कार-जीप की डेंटिंग व पेंटिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की शाम छह बजे घर के बाहर से बच्चे का किन्हीं अज्ञात लोगोें ने अपहरण कर लिया था और गांव से दो सौ मीटर दूर स्थित एक 40 फुट गहरे कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद कुएं को ढक दिया था। रात 11 बजे बच्चे को ढूंढते हुए जब वह वहां पहुंचे और उसके रोने की आवाज सुनकर उसे कुएं से वह निकाला था। बच्चे को सकुशल देख कोतवाली पुलिस से शिकायत नहीं की थी। इसके चलते फिर से बालक को अगवा कर लिया और उसकी हत्या कर शव को गड्ढे में दफना दिया। कुछ लोगों का कहना है कि किसी ने तंत्र मंत्र के चलते तो बालक की हत्या नहीं की। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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पिता के अवैध संबंधों की भेंट चढ़ गया मासूम विकास
मिरहची। पिता के अवैध संबंधों का खामियाजा सात वर्षीय विकास को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा। महिला के पति ने उसकी हत्या कर दी।
बता दें, थाना मिरचही के गांव अगरपुर निवासी नेम सिंह का सात वर्षीय पुत्र विकास 30 अप्रैल को गांव में ही दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते ही गांव से लापता हो गया। रविवार सुबह शौच को गए ग्रामीणों ने करू नदी के पास एक गड्ढे में से बालक का पैर बाहर निकला देखा। यह देख अन्य ग्रामीण भी एकत्रित हो गए और थाना पुलिस को सूचना देकर गड्ढे में से शव को बाहर निकाला गया।
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परिवारीजनों ने शव की पहचान विकास के रूप में की। विकास के गायब होने के बाद उसके नाना चंद्रकमल ने दामाद नेम सिंह पर धेवते का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि नेम सिंह के पड़ोसी दलबीर की पत्नी के साथ अवैध संबंध है और इनका विरोध करने पर वह अपनी पत्नी रेनू के साथ भी मारपीट करता था। इसी के चलते उसने महिला के साथ मिलकर विकास का अपहरण किया है। अब विकास का शव मिलने के बाद अब हत्या का आरोप दलबीर पर लग रहा है।
जिस दिन विकास का अपहरण हुआ, उस दिन नेम सिंह और दलबीर की पत्नी भी गांव में नहीं थे। दोनों को आगरा में देखा गया। परिवारीजनों का कहना है कि दलबीर पत्नी के साथ अवैध संबंधों की खुन्नस में विकास की हत्या की और शव दबा दिया।थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।