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...दो आरजू में कट गए दो इंतजार में
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:19 AM IST
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बंद पड़ा अस्पताल
- फोटो : Amar Ujala
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उम्र-ए-दराज से मांग कर लाए थे चार दिन, दो आरजू में कट गए दो इंतजार में। आखिर कब तक बुनियादी विकास का इंतजार पूरा होगा। पृथ्वी का उद्धार करने के लिए भगवान वराह ने सूकर रूप में तीर्थ नगरी सोरों में ही अवतार लिया था। इस एतिहासिक और धार्मिक महत्व के कासगंज विधानसभा क्षेत्र में पृथ्वी का उद्धार किया गया, लेकिन समस्याओं के बोझ तले दबी जनता का उद्धार माननीय नहीं कर सके हैं। बुनियादी विकास की जरूरतों से दूर इस क्षेत्र में जनपद मुख्यालय बनने के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवहन की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों की सड़के जर्जर हाल है।
नगर की गंगेश्वर कालोनी को जलभराव से आज तक निजात नही मिली। अनूप शहर रजवाहे में पिछले दो दशक में पानी न आने की समस्या का हल नही हुआ। यहां पिछले पांच वर्षों में 546 लोगों की दुर्घटनाओं में मौत हो गई। तमाम मौतें इसलिए हुई कि उन्हें यहां के अस्पताल में इलाज नहीं मिल सका। जिला मुख्यालय होने के कारण करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को उपलब्धि माना जा सकता है, लेकिन उन गांव के लोगों की क्या जहां टूटी सड़कों के सहारे ही आवागमन को मजबूर हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई अन्य इलाकों के लाखों तीर्थयात्री पूरे वर्ष सोरों तीर्थ नगरी पहुंचते हैं, लेकिन न तो इनके परिवहन के लिए कोई इंतजाम है और न ही तीर्थ स्थल को पर्यटन की श्रेणी में लाया गया। उद्योगों के विकास पर कभी ध्यान नहीं गया। गंगा पर घाटों का निर्माण न होने हादसों में दर्जनों में मौत हो चुकी हैं। जिले में सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल की दरकार बनी हुई है।
उम्मीदवारों का एजेंडा
- हसरत उल्ला सपा
सोरों तीर्थ नगरी को पर्यटन स्थल घोषित कराएंगे। रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। चिकित्सा, सड़क पर काम होगा। बिजली की व्यवस्था बनाई जाएगी। गांव गांव में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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- देवेंद्र राजपूत भाजपा
परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ बनाई जाएगी। शहर और गांव में बिजली की व्यवस्था सही होगी। बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज खोले जाएंगे। इलाज के समुचित इंतजाम होंगेे।
- अजय चतुर्वेदी बसपा
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। कासगंज में उद्योगों की स्थापना कर बेरोजगारी को दूर किया जाएगा। वर्षों से नहीं बनी सड़के बनाई जाएंगी। तीर्थ नगरी का पर्यटन स्थल के रूप में विकास कराया जाएगा।
- पप्पू यादव महान दल
तीर्थनगरी सोरों में जिस तरह से नगरपालिका के माध्यम से विकास कराया गया। उसी तरह पूरे क्षेत्र में विकास होगा। ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनाई जाएंगी। शहरी इलाकों में बुनियादी जरूरतें पूरी की जाएंगी।
बातचीत:
-------
कासगंज हमेशा से वाणिज्यिक और कारोबारी गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर कभी काम नहीं हुआ। अस्पताल बना है, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं, स्कूल में अध्यापक नहीं है।
- शशिकांत गर्ग कारोबारी
कासगंज के लोग हर बार विकास की आस करते हैं लेकिन नतीजा शून्य रह जाता है। न तीर्थ नगरी को पर्यटन स्थल घोषित किया गया और न ही ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण पर काम हुआ।
- राधा कृष्ण दीक्षित, प्रोफेसर।
विधान सभा क्षेत्र की पहचान:
कासगंज विधान सभा क्षेत्र में भगवान वराह ने मलिनता के विनाश को अवतार लिया। संत तुलसी दास ने यहां जन्म लिया। ब्रिटिश हुकूमत ने यहां झाल का पुल बनवाया। यह जिला मुख्यालय है।
फ्लैश बैक:
अब तक के विधायक
1952 बाबूराम गुप्ता, कांग्रेस
1957 कालीचरन अग्रवाल, कांग्रेस
1962 गिरवर प्रसाद, जनसंघ
1967 कालीचरन अग्रवाल
1969 नेतराम सिंह, जनसंघ
1974 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1977 नेतराम सिंह, जनता पाटी
1980 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1985 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1989 गोवर्धन सिंह, जनता दल
1991 नेतराम सिंह, भाजपा
1993 कल्याण सिंह, भाजपा
1994 (उपचुनाव) रामस्वरूप, भाजपा
1996 नेतराम सिंह, भाजपा
2002 मानपाल सिंह, सपा
2007 हशरतउल्ला खां शेरवानी,
2012 मानपाल सिंह सपा
यह भी हैं मैदान में:
कासगंज विधान सभा
अनिल कुमार राष्ट्रावादी आमजन पार्टी
कुलदीप पांडेय राष्ट्रवादी प्रताप सेना
अर्चना निर्दलीय
प्रीती मिश्रा निर्दलीय
नरेंद्र कुमार निर्दलीय
पद्म सिंह निर्दलीय
कुल मतदाता - 345445
पुरुष मतदाता -1,87,783
महिला मतदाता- 1,57,662
नगर की गंगेश्वर कालोनी को जलभराव से आज तक निजात नही मिली। अनूप शहर रजवाहे में पिछले दो दशक में पानी न आने की समस्या का हल नही हुआ। यहां पिछले पांच वर्षों में 546 लोगों की दुर्घटनाओं में मौत हो गई। तमाम मौतें इसलिए हुई कि उन्हें यहां के अस्पताल में इलाज नहीं मिल सका। जिला मुख्यालय होने के कारण करोड़ों रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को उपलब्धि माना जा सकता है, लेकिन उन गांव के लोगों की क्या जहां टूटी सड़कों के सहारे ही आवागमन को मजबूर हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई अन्य इलाकों के लाखों तीर्थयात्री पूरे वर्ष सोरों तीर्थ नगरी पहुंचते हैं, लेकिन न तो इनके परिवहन के लिए कोई इंतजाम है और न ही तीर्थ स्थल को पर्यटन की श्रेणी में लाया गया। उद्योगों के विकास पर कभी ध्यान नहीं गया। गंगा पर घाटों का निर्माण न होने हादसों में दर्जनों में मौत हो चुकी हैं। जिले में सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल की दरकार बनी हुई है।
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उम्मीदवारों का एजेंडा
- हसरत उल्ला सपा
सोरों तीर्थ नगरी को पर्यटन स्थल घोषित कराएंगे। रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। चिकित्सा, सड़क पर काम होगा। बिजली की व्यवस्था बनाई जाएगी। गांव गांव में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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- देवेंद्र राजपूत भाजपा
परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ बनाई जाएगी। शहर और गांव में बिजली की व्यवस्था सही होगी। बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज खोले जाएंगे। इलाज के समुचित इंतजाम होंगेे।
- अजय चतुर्वेदी बसपा
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। कासगंज में उद्योगों की स्थापना कर बेरोजगारी को दूर किया जाएगा। वर्षों से नहीं बनी सड़के बनाई जाएंगी। तीर्थ नगरी का पर्यटन स्थल के रूप में विकास कराया जाएगा।
- पप्पू यादव महान दल
तीर्थनगरी सोरों में जिस तरह से नगरपालिका के माध्यम से विकास कराया गया। उसी तरह पूरे क्षेत्र में विकास होगा। ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनाई जाएंगी। शहरी इलाकों में बुनियादी जरूरतें पूरी की जाएंगी।
बातचीत:
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कासगंज हमेशा से वाणिज्यिक और कारोबारी गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर कभी काम नहीं हुआ। अस्पताल बना है, लेकिन डॉक्टर नहीं हैं, स्कूल में अध्यापक नहीं है।
- शशिकांत गर्ग कारोबारी
कासगंज के लोग हर बार विकास की आस करते हैं लेकिन नतीजा शून्य रह जाता है। न तीर्थ नगरी को पर्यटन स्थल घोषित किया गया और न ही ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण पर काम हुआ।
- राधा कृष्ण दीक्षित, प्रोफेसर।
विधान सभा क्षेत्र की पहचान:
कासगंज विधान सभा क्षेत्र में भगवान वराह ने मलिनता के विनाश को अवतार लिया। संत तुलसी दास ने यहां जन्म लिया। ब्रिटिश हुकूमत ने यहां झाल का पुल बनवाया। यह जिला मुख्यालय है।
फ्लैश बैक:
अब तक के विधायक
1952 बाबूराम गुप्ता, कांग्रेस
1957 कालीचरन अग्रवाल, कांग्रेस
1962 गिरवर प्रसाद, जनसंघ
1967 कालीचरन अग्रवाल
1969 नेतराम सिंह, जनसंघ
1974 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1977 नेतराम सिंह, जनता पाटी
1980 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1985 मानपाल सिंह, कांग्रेस
1989 गोवर्धन सिंह, जनता दल
1991 नेतराम सिंह, भाजपा
1993 कल्याण सिंह, भाजपा
1994 (उपचुनाव) रामस्वरूप, भाजपा
1996 नेतराम सिंह, भाजपा
2002 मानपाल सिंह, सपा
2007 हशरतउल्ला खां शेरवानी,
2012 मानपाल सिंह सपा
यह भी हैं मैदान में:
कासगंज विधान सभा
अनिल कुमार राष्ट्रावादी आमजन पार्टी
कुलदीप पांडेय राष्ट्रवादी प्रताप सेना
अर्चना निर्दलीय
प्रीती मिश्रा निर्दलीय
नरेंद्र कुमार निर्दलीय
पद्म सिंह निर्दलीय
कुल मतदाता - 345445
पुरुष मतदाता -1,87,783
महिला मतदाता- 1,57,662