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शिक्षकों ने धरना देकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 09 Sep 2015 05:51 PM IST
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मध्याहन भोजन मेें बुधवार को दूध और कोफ्ता चावल का मेन्यू लागू करने के बाद अतिरिक्त धन न दिए जाने से शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। शिक्षकों ने 23 सितंबर से इनका वितरण कार्य न करने का एलान किया है।
उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के संरक्षक अजंट सिंह यादव ने कहा कि शासन ने मध्याहन भोजन में 15 जुलाई से बुधवार के दिन दूध और कोफ्ता चावल वितरण का मेन्यू निर्धारित किया है। लेकिन इसके वितरण के लिए अभी तक धन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अब तक शिक्षक अपने पास से धन खर्च करके बच्चों को इनका वितरण करते आ रहे है। आखिर कब तक शिक्षक अपनी जेब से धन लगाएंगे। शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 23 सितंबर से शिक्षक अब विद्यालयों में इनका वितरण नहीं करेंगे। जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि दूध की गुणवत्ता नापने के लिए शिक्षकों के पास कोई व्यवस्था नहीं है। गुणवत्ता प्रभावित होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। एक बच्चे पर 19 रुपये की लागत एक दिन में आती है। इतना धन शिक्षक कहां से लाएं। इस दौरान चंद्र पाल सिंह, हाशिम बेग, मुकेश यादव, दिलशाद अहमद, गीता यादव, प्रताप सिंह, नरेेंद्र सिंह, राधा कृष्ण वर्मा, गंगा सिंह, सुधीर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के संरक्षक अजंट सिंह यादव ने कहा कि शासन ने मध्याहन भोजन में 15 जुलाई से बुधवार के दिन दूध और कोफ्ता चावल वितरण का मेन्यू निर्धारित किया है। लेकिन इसके वितरण के लिए अभी तक धन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अब तक शिक्षक अपने पास से धन खर्च करके बच्चों को इनका वितरण करते आ रहे है। आखिर कब तक शिक्षक अपनी जेब से धन लगाएंगे। शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 23 सितंबर से शिक्षक अब विद्यालयों में इनका वितरण नहीं करेंगे। जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि दूध की गुणवत्ता नापने के लिए शिक्षकों के पास कोई व्यवस्था नहीं है। गुणवत्ता प्रभावित होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। एक बच्चे पर 19 रुपये की लागत एक दिन में आती है। इतना धन शिक्षक कहां से लाएं। इस दौरान चंद्र पाल सिंह, हाशिम बेग, मुकेश यादव, दिलशाद अहमद, गीता यादव, प्रताप सिंह, नरेेंद्र सिंह, राधा कृष्ण वर्मा, गंगा सिंह, सुधीर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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