एटा। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की निगरानी करने वाले अफसरों के कार्यालय विकास भवन में ही गंदगी व्याप्त है। यही नहीं कूड़ा इकट्ठा कर इसे जलाया जा रहा है, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है तथा वायु प्रदूषण फैल रहा है। अलीगंज मार्ग स्थित विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी समेत कई अधिकारियों के कार्यालय हैं, जहां वह बैठते हैं, लेकिन यहां सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
जबकि यहां पर करीब 10 सफाई कर्मचारी सफाई व्यवस्था के लिए तैनात किए गए हैं, लेकिन लापरवाही इस कदर हावी है कि भूतल पर पंचायती राज विभाग कार्यालय के सामने ही स्वच्छता का संदेश देने के लिए प्रतीकात्मक रूप से बनाए गए महात्मा गांधी के चश्मे की धूल तक नहीं हटाई जाती है। सभी तलों के टॉयलेट गंदे पड़े हैं, जिनका इस्तेमाल करने में कर्मचारियों को भी असहजता महसूस होती है। द्वितीय तल पर पीआरडी कार्यालय के पास एक कोने में सफाई कर्मचारियों द्वारा कूड़ा इकट्ठा कर आग लगा दी जाती है जिसके चलते यहां से धुआं उठता रहता है।