{"_id":"653952ba489cd51fcc0b524a","slug":"development-is-not-gaining-momentum-in-odf-plus-panchayats-etah-news-c-163-1-eta1001-7407-2023-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: ओडीएफ प्लस पंचायतों में विकास को नहीं मिल रही गति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: ओडीएफ प्लस पंचायतों में विकास को नहीं मिल रही गति
Wed, 25 Oct 2023 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 25 Oct 2023 11:09 PM IST
विज्ञापन
एटा। शासन द्वारा निर्धारित की गई ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस पंचायतों में विकास को गति नहीं मिल पा रही है। पैसा मिलने के बावजूद भी इन पंचायतों में विकास नहीं हो रहा है। इसकी वजह से लगता ही नहीं कि ये पंचायतें ओडीएफ प्लस हैं।
जिले में कुल 303 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इन सभी पंचायतों को कार्य योजना के अनुसार बजट दिया गया। बजट मिलने के बाद भी इन ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में रफ्तार दिखाई नहीं दे रही। जिसकी वजह से ग्रामीणों का कहना है कि हमें लगता ही नहीं कि गांव में कहीं विकास कार्य हो भी रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में इन ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों को कार्य योजना के अनुसार दिए गए बजट में से 6 माह बीत जाने के बाद भी मात्र 29 प्रतिशत धनराशि प्रयोग की जा सकी है। इसी को देखकर कहा जा सकता है कि इन ओडीएफ प्लस पंचायतों में कहीं न कहीं विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। जिसकी वजह से इन पंचायतों का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा 303 ओडीएफ प्लस पंचायतों में से लगभग 200 ग्राम पंचायतों में तो आरआरसी सेंटर बनाए जा रहे हैं। वहीं अभी 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) बनने बाकी रह गए हैं। साथ ही ओडीएफ प्लस हो चुकी कई ग्राम पंचायतों में अभी लोग खुले में शौच कर रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
सफाई न होने से पैर पसार रहीं बीमारियां
कई ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम करने नहीं जाते। जिसकी वजह से गलियों में गंदगी का अंबार लग जाता है। साथ ही नालियों से निकलकर पानी सड़कों पर बहता दिखाई देता है। इसकी वजह से गांव में मलेरिया तथा डेंगू जैसी बीमारियां फैल रहीं हैं। जिसके चलते लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- --
बरसात के मौसम की बजह से काम की गति धीमी हो गई थी। अब काम की गति बढ़ाई जाएगी। जल्द ही ग्राम पंचायतों में विकास होता दिखाई देगा। -केके सिंह चौहान, डीपीआरओ
विज्ञापन
जिले में कुल 303 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इन सभी पंचायतों को कार्य योजना के अनुसार बजट दिया गया। बजट मिलने के बाद भी इन ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में रफ्तार दिखाई नहीं दे रही। जिसकी वजह से ग्रामीणों का कहना है कि हमें लगता ही नहीं कि गांव में कहीं विकास कार्य हो भी रहे हैं।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2023-24 में इन ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों को कार्य योजना के अनुसार दिए गए बजट में से 6 माह बीत जाने के बाद भी मात्र 29 प्रतिशत धनराशि प्रयोग की जा सकी है। इसी को देखकर कहा जा सकता है कि इन ओडीएफ प्लस पंचायतों में कहीं न कहीं विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। जिसकी वजह से इन पंचायतों का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा 303 ओडीएफ प्लस पंचायतों में से लगभग 200 ग्राम पंचायतों में तो आरआरसी सेंटर बनाए जा रहे हैं। वहीं अभी 100 से अधिक ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) बनने बाकी रह गए हैं। साथ ही ओडीएफ प्लस हो चुकी कई ग्राम पंचायतों में अभी लोग खुले में शौच कर रहे हैं।
सफाई न होने से पैर पसार रहीं बीमारियां
कई ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम करने नहीं जाते। जिसकी वजह से गलियों में गंदगी का अंबार लग जाता है। साथ ही नालियों से निकलकर पानी सड़कों पर बहता दिखाई देता है। इसकी वजह से गांव में मलेरिया तथा डेंगू जैसी बीमारियां फैल रहीं हैं। जिसके चलते लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं।
बरसात के मौसम की बजह से काम की गति धीमी हो गई थी। अब काम की गति बढ़ाई जाएगी। जल्द ही ग्राम पंचायतों में विकास होता दिखाई देगा। -केके सिंह चौहान, डीपीआरओ