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बिना मच्छरदानी के बना दिया डेंगू वार्ड
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पीडियाट्रिक वार्ड में डेंगू के मरीज के बेड पर लगी फटी हुई मच्छरदानी। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। बुखार के पीड़ित मरीजों के लिए डेंगू वार्ड बनाने के निर्देश है। वहीं मच्छरदानी प्रत्येक पलंग पर लगाने के लिए कहा गया है, लेकिन मैटरनिटी विंग में बिना मच्छरदानी के ही डेंगू वार्ड बना दिया दिया गया है। इस वार्ड में महिला और पुरुष दोनों को ही भर्ती किया जा रहा है। इसको लेकर मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों को भी परेशानियां हो रही हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश हैं कि डेंगू वार्ड बनाया जाए। जहां साफ-सफाई के साथ प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगी होनी चाहिए। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज दिया जाए, लेकिन मेडिकल कॉलेज की मैटरनिटी विंग में प्रथम तल पर पुरुष व महिलाओं के लिए डेंगू वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन मच्छरदानी नहीं है और सुविधाएं सामान्य वार्ड जैसी ही हैं। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि दो दिनों से सफाई तक नहीं की गई है। वहीं दोनों वार्ड में पड़े बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए मच्छरदानी नहीं लगाई गई है। बुखार पीड़ित ऐसे ही बेडों पर लेटे हैं। जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।
पीडियाट्रिक वार्ड में लगी फटी मच्छरदानी
पीडियाट्रिक वार्ड में चार बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है। जहां एक बेड पर फटी मच्छरदानी लगी है। मरीज के परिजनों ने बताया जब मच्छरदानी के लिए कहा तो कर्मचारियों ने बोल दिया कि नई आने पर बदल दी जाएगी।
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जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश हैं कि डेंगू वार्ड बनाया जाए। जहां साफ-सफाई के साथ प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगी होनी चाहिए। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज दिया जाए, लेकिन मेडिकल कॉलेज की मैटरनिटी विंग में प्रथम तल पर पुरुष व महिलाओं के लिए डेंगू वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन मच्छरदानी नहीं है और सुविधाएं सामान्य वार्ड जैसी ही हैं। महिला वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि दो दिनों से सफाई तक नहीं की गई है। वहीं दोनों वार्ड में पड़े बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए मच्छरदानी नहीं लगाई गई है। बुखार पीड़ित ऐसे ही बेडों पर लेटे हैं। जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।
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पीडियाट्रिक वार्ड में लगी फटी मच्छरदानी
पीडियाट्रिक वार्ड में चार बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है। जहां एक बेड पर फटी मच्छरदानी लगी है। मरीज के परिजनों ने बताया जब मच्छरदानी के लिए कहा तो कर्मचारियों ने बोल दिया कि नई आने पर बदल दी जाएगी।
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