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सड़क हादसों में चार की मौत

Tue, 18 Oct 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 18 Oct 2016 11:12 PM IST
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 sadak haadason mein chaar kee maut
सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
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थाना मलावन के गांव बहादुरपुर निवासी नंदकिशोर (25) पुत्र किताब सिंह एमआर था। मंगलवार सुबह बाइक से किसी काम से शहर आया था। सुबह करीब ग्यारह बजे माया पैलेस के पास पहुंचे, वही पर तेज गति से आ रहे ट्रक ने रौंद दिया। टक्कर लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। दूसरी तरफ अवागढ़ के गांव नगला गंगा निवासी रिंकू (26) पुत्र देव सिंह सोमवार को किसी काम से कसबा अवागढ़ आया था। देरशाम साइकिल से घर लौट रहा था। गांव जिनावली, गांव नगला गंगा की बीच में अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। टक्कर लगने से युवक की मौत हो गई। वहीं कासगंज में अशोक कुमार निवासी गली पुरानी चक्की के छोटे पुत्र रोहित की पुत्री का नामकरण संस्कार टीकाराम धर्मशाला में था। कार्यक्रम के बाद उनका बड़ा पुत्र अमित दुकान के नौकर सौरभ पुत्र नत्थू निवासी भूतेश्वर एवं आकाश पुत्र श्रीपाल निवासी सिरावली के साथ ठंडी सड़क पर देर रात 2 बजे बाइक से जा रहा था। तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं लगा रखा था। तभी बाइक को कैंटर ने अपनी चपेट में ले लिया। जिससे अमित, व सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी मिलने पर पुलिस तीनों को ही अस्पताल ले गई। आकाश से जानकारी मिलने के बाद उनके परिवारीजनों को सूचना दी गई। चिकित्सकों ने गंभीर घायल आकाश को अलीगढ़ रेफर कर दिया। सोरों पुलिस ने कैंटर को पकड़ लिया। चालक को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

इसे कहते है मौत बहाने से आती है
कासगंज। कहा जाता है कि मौत बहाने से ही आती है। इसके लिए समय स्थान सब नियत है। ऐसा ही कुछ इस हादसे में सामने आया। अमित समारोह समाप्त होने के बाद अपने दोनों नौकर को घर छोड़ने के लिए घर से गया। उसने अपने एक नौकर सौरभ को घर पर छोड़ भी दिया, लेकिन वह नौकर घर पर न रुक कर फिर से वापस बाइक पर बैठ गया। उसने अमित से धर्मशाला में ही रात को सोने के लिए कहा। इसके बाद तीनों वापस लौट रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।
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चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कासगंज। मौत के आगोश में समाए अमित के चार बच्चे हैं। उसके सात साल की सबसे बड़ी बेटी है। इसके बाद 4 साल का एक बेटा है। जबकि तीन साल की दो जुड़वां बेटी हैं। उसकी मौत से चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अमित काफी मेहनती एवं मिलनसार युवक था। भतीजी के डस्टोन समारोह में आए मेहमानों का वह खास ध्यान रख रहा था।
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