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बेटों और सास के शवों को देख सदमे में सकीरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:45 PM IST
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आतिशबाजी से ध्ामाका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मंगलवार को हुए हादसे के अगले दिन कंसूरी गांव में सन्नाटा है। मृतकों के परिवारीजन, रिश्तेदार और ग्रामीण मकान के मलबे में अपनों के निशां खोजते दिखाई दिए। बुधवार सुबह रहीस की पत्नी सकीरा घर पहुंची। दो बेटों और सास के शवों को देख वह सुधबुध खो बैठी। पुलिस ने मृतक छोटू के परिवारीजनों को औरैया से शव ले जाने के लिए बुला लिया है।
कंसूरी गांव के लोगों के दिलो दिमाग से 24 घंटे बाद भी चौकीदार रहीस के घर में मंगलवार को हुए आतिशबाजी के धमाकों की आवाज गूंज रही है। पुलिस और ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा कि पहली बार हुआ जोरदार धमाका आखिर किस आतिशबाजी का था। देर रात पोस्टमार्टम के बाद अल्लाहारनूर, अलीनूर और मनीसा बेगम का शव गांव पहुंचे के साथ रहीस की पत्नी सकीरा भी बुधवार सुबह गांव पहुंच गई। उसके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे, महिलाएं उसे ढांढस बंधा रहीं हैं। घायल आसिफ की मां मर्जीना, सकीरा के रिश्तेदार, ग्रामीण मकान के मलबे में अपनों के निशां खोजते दिखाई दिए। मर्जीना ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी करने के बाद दोपहर को खाना खाते के बाद रहीस के घर टीवी देखने गया था और चारपाई पर टीवी देखते समय लेंटर के मलबे में दबने से घायल हो गया। ग्रामीण आतिशबाजी के धमाके में चार लोगों की मौत के लिए चौकीदार रहीस को जिम्मदार ठहरा रहे हैं। बुधवार को शव दफनाने के लिए पुलिस की मौजूदगी में गांव के बाहर कब्रिस्तान में दादी और दोनों पोते की कब्रें खोदवाई गईं। एसओ थाना बगवाला इंद्रेश सिंह ने बताया कि मृतक छोटू औरैया जिले के साहिल थाना अंतर्गत सिंहपुर गांव का रहने वाला है। परिवारीजनाें से फोन पर संपर्क कर उन्हें शव ले जाने के लिए बुलाया गया है। छोटू का शव अभी पोस्टमार्टम हाउस में रखा है।
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कंसूरी गांव के लोगों के दिलो दिमाग से 24 घंटे बाद भी चौकीदार रहीस के घर में मंगलवार को हुए आतिशबाजी के धमाकों की आवाज गूंज रही है। पुलिस और ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा कि पहली बार हुआ जोरदार धमाका आखिर किस आतिशबाजी का था। देर रात पोस्टमार्टम के बाद अल्लाहारनूर, अलीनूर और मनीसा बेगम का शव गांव पहुंचे के साथ रहीस की पत्नी सकीरा भी बुधवार सुबह गांव पहुंच गई। उसके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे, महिलाएं उसे ढांढस बंधा रहीं हैं। घायल आसिफ की मां मर्जीना, सकीरा के रिश्तेदार, ग्रामीण मकान के मलबे में अपनों के निशां खोजते दिखाई दिए। मर्जीना ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी करने के बाद दोपहर को खाना खाते के बाद रहीस के घर टीवी देखने गया था और चारपाई पर टीवी देखते समय लेंटर के मलबे में दबने से घायल हो गया। ग्रामीण आतिशबाजी के धमाके में चार लोगों की मौत के लिए चौकीदार रहीस को जिम्मदार ठहरा रहे हैं। बुधवार को शव दफनाने के लिए पुलिस की मौजूदगी में गांव के बाहर कब्रिस्तान में दादी और दोनों पोते की कब्रें खोदवाई गईं। एसओ थाना बगवाला इंद्रेश सिंह ने बताया कि मृतक छोटू औरैया जिले के साहिल थाना अंतर्गत सिंहपुर गांव का रहने वाला है। परिवारीजनाें से फोन पर संपर्क कर उन्हें शव ले जाने के लिए बुलाया गया है। छोटू का शव अभी पोस्टमार्टम हाउस में रखा है।
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