{"_id":"5db720018ebc3e93a45fe87f","slug":"cow-medicale-etah-news-agr412643732","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटा में इन बीमारी से बचाने के लिए लाख पशुओं का होगा टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा में इन बीमारी से बचाने के लिए लाख पशुओं का होगा टीकाकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। बरसात और बदलते मौसम के दौरान पशुओं को फैलने वाले खुरपका मुंहपका रोग से बचाने को टीकाकरण किया जाता है, लेकिन जिले में टीकाकरण वैक्सीन न होने के कारण नहीं हो पाया। अब शासन से वैक्सीन आ गई है। इसी के चलते जिले में टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।
खुरपका मुंहपका रोग पशुओं में फैलने वाला विषाणु जनित रोग है। इससे पशुओं के उत्पादन एवं कार्यक्षमता पर कुप्रभाव पड़ता है। इस रोग की रोकथाम के लिए जिले में 25वें चरण का अभियान शुरू हो गया है। जहां सात लाख 69 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जाता है। विभाग ने इस कार्य में 28 टीमें लगाईं हैं। वहीं अभियान को 30 नवंबर तक जिले में चलाया जाएगा। टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके चाथ ही उन्हें बीमारी से बचाने को लेकर जागरूक किया जाएगा। अभियान पर नजर रखने के लिए सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जहां सप्ताह में एक दिन जाकर वह टीकाकरण की हकीकत को परखेंगे।
बीते वर्ष हुई थी पशुओं की मौत
खुरपका मुंहपका रोग की चपेट में आने से बीते वर्ष चार पशुओं की मौत हो गई थी। वहीं विभाग का दावा है कि इस वर्ष इस रोग से किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है।
रोग के लक्षण
- पशु के मुंह से अत्यधिक लार का टपकना
- जीभ व तलवे पर छालों का उभरना
- पशु के जुगाली करना बंद कर देना
- पशुओं का गर्भपात होना
विज्ञापन
खुरपका मुंहपका रोग पशुओं में फैलने वाला विषाणु जनित रोग है। इससे पशुओं के उत्पादन एवं कार्यक्षमता पर कुप्रभाव पड़ता है। इस रोग की रोकथाम के लिए जिले में 25वें चरण का अभियान शुरू हो गया है। जहां सात लाख 69 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जाता है। विभाग ने इस कार्य में 28 टीमें लगाईं हैं। वहीं अभियान को 30 नवंबर तक जिले में चलाया जाएगा। टीमें घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके चाथ ही उन्हें बीमारी से बचाने को लेकर जागरूक किया जाएगा। अभियान पर नजर रखने के लिए सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जहां सप्ताह में एक दिन जाकर वह टीकाकरण की हकीकत को परखेंगे।
विज्ञापन
बीते वर्ष हुई थी पशुओं की मौत
खुरपका मुंहपका रोग की चपेट में आने से बीते वर्ष चार पशुओं की मौत हो गई थी। वहीं विभाग का दावा है कि इस वर्ष इस रोग से किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है।
रोग के लक्षण
- पशु के मुंह से अत्यधिक लार का टपकना
- जीभ व तलवे पर छालों का उभरना
- पशु के जुगाली करना बंद कर देना
- पशुओं का गर्भपात होना