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एक सप्ताह पुराने पर्चे पर ही लिख दिया कोरोना निगेटिव
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एटा। कोरोना के नाम पर खेल होने लगा है। जिले में ऐसा ही मामला उजागर होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अवागढ़ पीएचसी पर तैनात रैपिड रिस्पांस टीम के सदस्य ने शनिवार को जिस पर्चे पर कोरोना निगेटिव लिखकर मरीज को अलीगढ़ रेफर किया था। उसका सीरियल नंबर एक सप्ताह पहले का है।
पीएचसी पर 10285 सीरियल नंबर के इस पर्चे पर उक्त मरीज का नाम भी दर्ज नहीं है। यह तथ्य अवागढ़ पीएचसी प्रभारी की प्राथमिक जांच में सामने आया है। वहीं रास्ते से मरीज को रेफर करने का नियम नहीं है। इसके लिए मरीज को अस्पताल आना होता है, पर डॉक्टर ने ऐसा नहीं किया और मरीज को अलीगढ़ रेफर कर दिया। सीएमओ ने मेल भेजकर पीएचसी अधीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवागढ़ पीएचसी पर तैनान आरबीएसके टीम के सदस्य ने एक नर्सिंग होम में कुत्ता काटे के मरीज को पीएचसी के पर्चे पर कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव लिख दी, जिससे उसका अलीगढ़ में उपचार शुरू होने से पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट न मांगी जाए। इस दौरान मरीज की रास्ते में ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के लिए शव जब जिला अस्पताल पहुंचा तो मामले की पोल खुल गई।
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पर्चे पर पड़ी तारीख से ओपीडी के पर्चे का मिलान किया गया तो नंबर एक सप्ताह पुराना निकला। पीएचसी प्रभारी का कहना है कि चिकित्सक को कोरोना की जांच करने की अनुमति नहीं है। वह टीम के साथ केवल लिखा पढ़ी करने का कार्य करते हैं। जबकि लैब टैक्नीशियन द्वारा संदिग्धों के सैंपल लिए जाते हैं। ऐसे में उन्होंने मरीज की क्यों जांच की। वहीं पीएचसी के पर्चे पर मरीज को रास्ते से ही रेफर किया, यह गलत है।
चिकित्सक की पत्नी भी है तैनात
रिपोर्ट के मामले में चर्चा में आए चिकित्सक की पत्नी भी आरबीएसके टीम में अवागढ़ पीएचसी पर तैनात हैं। वहीं पति-पत्नी दोनों एक ही टीम के सदस्य हैं।
चिकित्सक द्वारा जो पर्चे पर नंबर दिया गया है। वह एक सप्ताह पहले का है। वहीं सीएमओ ने रिपोर्ट मांगी है। उन्हें जल्दी ही मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
-डॉ. एसपी राठौर, पीएचसी अधीक्षक, अवागढ़
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पीएचसी पर 10285 सीरियल नंबर के इस पर्चे पर उक्त मरीज का नाम भी दर्ज नहीं है। यह तथ्य अवागढ़ पीएचसी प्रभारी की प्राथमिक जांच में सामने आया है। वहीं रास्ते से मरीज को रेफर करने का नियम नहीं है। इसके लिए मरीज को अस्पताल आना होता है, पर डॉक्टर ने ऐसा नहीं किया और मरीज को अलीगढ़ रेफर कर दिया। सीएमओ ने मेल भेजकर पीएचसी अधीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अवागढ़ पीएचसी पर तैनान आरबीएसके टीम के सदस्य ने एक नर्सिंग होम में कुत्ता काटे के मरीज को पीएचसी के पर्चे पर कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव लिख दी, जिससे उसका अलीगढ़ में उपचार शुरू होने से पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट न मांगी जाए। इस दौरान मरीज की रास्ते में ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के लिए शव जब जिला अस्पताल पहुंचा तो मामले की पोल खुल गई।
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पर्चे पर पड़ी तारीख से ओपीडी के पर्चे का मिलान किया गया तो नंबर एक सप्ताह पुराना निकला। पीएचसी प्रभारी का कहना है कि चिकित्सक को कोरोना की जांच करने की अनुमति नहीं है। वह टीम के साथ केवल लिखा पढ़ी करने का कार्य करते हैं। जबकि लैब टैक्नीशियन द्वारा संदिग्धों के सैंपल लिए जाते हैं। ऐसे में उन्होंने मरीज की क्यों जांच की। वहीं पीएचसी के पर्चे पर मरीज को रास्ते से ही रेफर किया, यह गलत है।
चिकित्सक की पत्नी भी है तैनात
रिपोर्ट के मामले में चर्चा में आए चिकित्सक की पत्नी भी आरबीएसके टीम में अवागढ़ पीएचसी पर तैनात हैं। वहीं पति-पत्नी दोनों एक ही टीम के सदस्य हैं।
चिकित्सक द्वारा जो पर्चे पर नंबर दिया गया है। वह एक सप्ताह पहले का है। वहीं सीएमओ ने रिपोर्ट मांगी है। उन्हें जल्दी ही मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
-डॉ. एसपी राठौर, पीएचसी अधीक्षक, अवागढ़