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मां का इलाज कराकर 800 किलोमीटर बाइक से ड्यूटी पर पहुंचा फार्मासिस्ट
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फारमासिस्ट राजेश कुमार। संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। जिले में तैनात फार्मासिस्ट अपनी बीमार मां को दवा दिलाकर बाइक से आठ सौ किलोमीटर की यात्रा कर क्वारंटीन सेंटर पर ड्यूटी करने पहुंच गया। उसके जज्बे को जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सलाम किया है। जिले के न्यू पीएचसी पर तैनात फर्मासिस्ट राजेश कुमार गोरखपुर के रहने वाले हैं।
वह जिले में गांव परसोंन स्थित पीएचसी पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। बीते दिनों उनकी मां की तबियत खराब हो गई। इस पर वह जैसे-तैसे अपनी मां को देखने गोरखुपर पहुंचे। राजेश कुमार बताते हैं कि वह मां के पास पहुंच ही पाए थे। तभी व्हाट्सएप पर सूचना मिली कि उनकी ड्यूटी क्वारंटीन सेंटर पर लगा दी गई है।
अगले दिन शाम के समय उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना है। उन्होंने मां को चिकित्सक को दिखाया और दवा दिलाने के बाद रात को तीन बजे बाइक से ड्यूटी के लिए निकल पड़े। वहीं शाम के समय सेंटर पर पहुंचकर उन्होंने अपनी ड्यूटी की। फार्मासिस्ट के इस जज्बे को देखकर उसकी हर ओर सराहना हो रही है।
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राजेश के अंदर मरीजों के प्रति सेवा भाव भरा पड़ा है। इसके लिए वह किसी के सामने भी अपनी बात ईमानदारी से प्रस्तुत करते हैं। बीते दिनों क्वारंटीन सेंटर पर सब्जी को लेकर संदिग्धों ने विरोध जताया था। इस पर राजेश ठेकेदार के समक्ष अपनी खुले रूप से अपनी बातों को रखा था। उन्होंने कहा था कि संदिग्ध को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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वह जिले में गांव परसोंन स्थित पीएचसी पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। बीते दिनों उनकी मां की तबियत खराब हो गई। इस पर वह जैसे-तैसे अपनी मां को देखने गोरखुपर पहुंचे। राजेश कुमार बताते हैं कि वह मां के पास पहुंच ही पाए थे। तभी व्हाट्सएप पर सूचना मिली कि उनकी ड्यूटी क्वारंटीन सेंटर पर लगा दी गई है।
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अगले दिन शाम के समय उन्हें ड्यूटी पर पहुंचना है। उन्होंने मां को चिकित्सक को दिखाया और दवा दिलाने के बाद रात को तीन बजे बाइक से ड्यूटी के लिए निकल पड़े। वहीं शाम के समय सेंटर पर पहुंचकर उन्होंने अपनी ड्यूटी की। फार्मासिस्ट के इस जज्बे को देखकर उसकी हर ओर सराहना हो रही है।
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राजेश के अंदर मरीजों के प्रति सेवा भाव भरा पड़ा है। इसके लिए वह किसी के सामने भी अपनी बात ईमानदारी से प्रस्तुत करते हैं। बीते दिनों क्वारंटीन सेंटर पर सब्जी को लेकर संदिग्धों ने विरोध जताया था। इस पर राजेश ठेकेदार के समक्ष अपनी खुले रूप से अपनी बातों को रखा था। उन्होंने कहा था कि संदिग्ध को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।