{"_id":"5d0921038ebc3e48bb2d1d51","slug":"civic-etah-news-agr3920505143","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई सोलर लाइटें, पांच करोड़ का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई सोलर लाइटें, पांच करोड़ का खेल
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एटा। ग्राम पंचायतों में पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट लगवाने में बड़ा घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। गांवों को सोलर लाइटों से रोशन करने की मुहिम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। ग्राम पंचायतों में 14 हजार में रुपये में सोलर लाइट लगी है। जबकि फर्जी बिल वाउचर लगाकर 25 हजार रुपये का खर्च दिखाया है। वहीं अधिकतर लाइटें खराब हो गईं और कई जगह से उतर चुकी हैं। कमीशनखोरी के खेल में कई प्रधान और सचिव समेत कई अधिकारी शामिल हैं। अब शासन से सोलर लाइटों की सूचना मांगी है, तो अफसरों की दिक्कत बढ़ गई है।
ऐसे होता है खेल
सोलर लाइटों के नाम पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार बड़ा खेल करते हैं। गांव में विकास कार्य दिखाने के लिए ग्राम प्रधान प्राइवेट संस्थाओं से महज 14 हजार रुपये में सोलर लाइट लगवा लेते हैं। जबकि ग्राम निधि खाते से सोलर लाइट मद में आने वाले 24 हजार रुपये का भुगतान लिया जाता है। जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में कुछ ऐसे ही मामले सामने आए हैं।
पांच करोड़ रुपये का हुआ खेल
जिले में सोलर लाइटों के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये का गोलमाल किया गया है। जिले की करीब 576 ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटें लग चुकी हैं। इनमें 85 ग्राम पंचायतों ने नेडा से लाइट लगवाई है। जबकि शेष 491 ग्राम पंचायतों ने निजी फर्मों से खरीद की है। अमूमन एक ग्राम पंचायत में 10 सोलर लाइट लगाई गई हैं। जिनका पूरा गणित पांच करोड़ रुपये का होता है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्राइवेट फर्म से सोलर लाइट लगवाकर सीधे तौर पर एक लाइट पर 10 हजार रुपये बचाते हैं। प्रशासन जांच कराता है, तो मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
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बोले तो खुल जाएगा खेल
मामले को दबी जुबान से प्रधान भी स्वीकार कर रहे हैं लेकिन वह खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि सरकारी धन अगर अधिकारियों की मंशा के अनुरूप नहीं खर्च करते तो परेशान होना पड़ता। एक प्रधान ने तो यहां तक बताया कि अधिकारी पहले से सोलर लाइट खरीदने के लिए ठेकेदारों को तय कर चुके थे। इस वजह से हम वहीं से सोलर लाइट खरीद रहे हैं, जहां से खरीदने का निर्देश मिला है।
चार ब्लॉकों ने नहीं दी सूचना
सोलर लाइट को लेकर निदेशक पंचायतीराज ने जिला पंचायतराज विभाग से सूचना मांगी थी, लेकिन महज चार ब्लॉकों की ही सूचना शासन को दी जा सकी है। इनमें भी तमाम ग्राम पंचायतों ने सूचना नहीं दी है। खेल को छिपाने के लिए जिम्मेदार हर कोशिश कर रहे हैं।
शासन ने ग्राम पंचायतों को नेडा से ही सोलर लाइटें क्रय करने के आदेश दिए हैं। जिले में अब तक महज 85 ग्राम पंचायतों ने सोलर लाइटें लगवाई हैं। इसे लेकर कई बार बैठक में वार्ता भी हुई है, लेकिन ग्राम पंचायतें निजी फर्मों से ही सोलर लाइटें लगवाती हैं।
आनंद प्रकाश दीक्षित, परियोजना अधिकारी, नेडा
कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
85 ग्राम पंचायतों ने नेडा से लगवाई सोलर लाइट
491 ग्राम पंचायतों में हुआ बड़ा खेल
10 हजार रुपये प्रति सोलर लाइट का गोलमाल
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ऐसे होता है खेल
सोलर लाइटों के नाम पर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार बड़ा खेल करते हैं। गांव में विकास कार्य दिखाने के लिए ग्राम प्रधान प्राइवेट संस्थाओं से महज 14 हजार रुपये में सोलर लाइट लगवा लेते हैं। जबकि ग्राम निधि खाते से सोलर लाइट मद में आने वाले 24 हजार रुपये का भुगतान लिया जाता है। जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में कुछ ऐसे ही मामले सामने आए हैं।
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पांच करोड़ रुपये का हुआ खेल
जिले में सोलर लाइटों के नाम पर करीब पांच करोड़ रुपये का गोलमाल किया गया है। जिले की करीब 576 ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटें लग चुकी हैं। इनमें 85 ग्राम पंचायतों ने नेडा से लाइट लगवाई है। जबकि शेष 491 ग्राम पंचायतों ने निजी फर्मों से खरीद की है। अमूमन एक ग्राम पंचायत में 10 सोलर लाइट लगाई गई हैं। जिनका पूरा गणित पांच करोड़ रुपये का होता है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्राइवेट फर्म से सोलर लाइट लगवाकर सीधे तौर पर एक लाइट पर 10 हजार रुपये बचाते हैं। प्रशासन जांच कराता है, तो मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।
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बोले तो खुल जाएगा खेल
मामले को दबी जुबान से प्रधान भी स्वीकार कर रहे हैं लेकिन वह खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि सरकारी धन अगर अधिकारियों की मंशा के अनुरूप नहीं खर्च करते तो परेशान होना पड़ता। एक प्रधान ने तो यहां तक बताया कि अधिकारी पहले से सोलर लाइट खरीदने के लिए ठेकेदारों को तय कर चुके थे। इस वजह से हम वहीं से सोलर लाइट खरीद रहे हैं, जहां से खरीदने का निर्देश मिला है।
चार ब्लॉकों ने नहीं दी सूचना
सोलर लाइट को लेकर निदेशक पंचायतीराज ने जिला पंचायतराज विभाग से सूचना मांगी थी, लेकिन महज चार ब्लॉकों की ही सूचना शासन को दी जा सकी है। इनमें भी तमाम ग्राम पंचायतों ने सूचना नहीं दी है। खेल को छिपाने के लिए जिम्मेदार हर कोशिश कर रहे हैं।
शासन ने ग्राम पंचायतों को नेडा से ही सोलर लाइटें क्रय करने के आदेश दिए हैं। जिले में अब तक महज 85 ग्राम पंचायतों ने सोलर लाइटें लगवाई हैं। इसे लेकर कई बार बैठक में वार्ता भी हुई है, लेकिन ग्राम पंचायतें निजी फर्मों से ही सोलर लाइटें लगवाती हैं।
आनंद प्रकाश दीक्षित, परियोजना अधिकारी, नेडा
कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
85 ग्राम पंचायतों ने नेडा से लगवाई सोलर लाइट
491 ग्राम पंचायतों में हुआ बड़ा खेल
10 हजार रुपये प्रति सोलर लाइट का गोलमाल