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Etah News: भीड़ में छूटा बच्चों का हाथ, बेटी और बेटे की हुई मौत

Tue, 02 Jul 2024 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Tue, 02 Jul 2024 11:51 PM IST
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Children lost their hands in the crowd, daughter and son died
एटा। पति जयपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं, लेकिन ठीक से नहीं रहते हैं। नशा अधिक कर लेते हैं। ननद ने प्रभु (भोले बाबा) के दर्शन करने को कहा। इस पर प्रभु के दर्शन करने पहुंचने लगी। चौथी बार जयपुर से चलकर बच्चों व ननद के साथ दर्शन करने आई थी, लेकिन यहां भीड़ में बच्चों का हाथ छूटा तो दोबारा नहीं मिले। उन्हें भीड़ ने रौंद दिया। बच्चे चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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शाहजहांपुर जनपद के थाना कांठ क्षेत्र निवासी आनंद जयपुर में प्राइवेट नौकरी करता है। अपनी पत्नी दुर्गेश व बच्चों के साथ वहीं रहता है। पोस्टमार्टम हाउस पर दुर्गेश ने बताया कि पति नशा करते हैं। कई बार उनको समझाया, लेकिन बात नहीं मानी। ननद सीमा व रामा भोले बाबा प्रभु के सत्संग में जाती थीं। उन्होंने सत्संग में आने की बात कही। मैं तीन बार पहले भी सत्संग में गई थी। फायदा हुआ इस पर चौथी बार सत्संग में सिकंदराराऊ आई थी।
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जयपुर से तीन वर्ष की बेटी काव्या व 9 वर्ष का बेटा आयुष को साथ लाई थी। यहां ननद भी मिल गईं। मंगलवार को सत्संग किया। प्रभु के दर्शन के बाद वहां से भीड़ में निकल रहे थे। अचानक पीछे से धक्का लगा और बेटा-बेटी का हाथ छूट गया। इसके बाद बच्चे गिर गए। मैं भी भीड़ में फंसी हुई थी और उन तक नहीं पहुंच पा रही थी। उनको बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते लोगों से गुहार लगाती रही। लेकिन किसी ने नहीं सुना। सब उन मासूमों के ऊपर से निकलते चले गए। जैसे-तैसे कुछ देर बाद लोगों ने वहां से निकाला। लेकिन बेटी और बेटा बोल नहीं रहे थे। यहां लेकर आए तो दोनों को मृत बता दिया गया।
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प्रभु मेरे बच्चों को वापस कर दो
दुर्गेश पोस्टमार्टम पर रो-रो कर बस एक ही बात कह रही थी। प्रभु मेरे बच्चों को वापस कर दो। आगे भी सत्संग में आती रहूंगी। लेकिन मेरे बच्चों को वापस कर दो। वहीं उसकी ननद उसको ढांढ़स बंधा रही थी। महिला से बच्चों की पहचान करने के लिए पोस्टमार्टम हाउस के अंदर जाने कहा गया, लेकिन वह नहीं गई।
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