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Etah News: बैगलेस-डे पर बच्चों ने मिट्टी से गढ़ीं सुंदर कलाकृतियां
Sat, 22 Aug 2026 11:35 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 22 Aug 2026 11:35 PM IST
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पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय में बैगलेस डे के मौके पर मिट्टी की कला कृतियां प्रस्तुत करते बच
एटा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शनिवार को परिषदीय विद्यालयों में बैगलेस डे मनाया गया। मारहरा ब्लॉक के पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पिदौरा में मिट्टी से खिलौने, मूर्तियां और विभिन्न कलाकृतियां बनाने की गतिविधि कराई गई। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ मिट्टी को आकार देकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों ने मिट्टी से शिवलिंग, गणेश की प्रतिमा, विभिन्न सब्जियां, इमोजी, चूल्हा, बर्तन समेत कई आकर्षक आकृतियां तैयार कीं। इसके बाद विद्यार्थियों ने इन्हें सुंदर रंगों से सजाया। गतिविधि के दौरान बच्चों ने आपसी सहयोग और आनंदमय वातावरण में सीखने का अनुभव प्राप्त किया। विद्यालय में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल निर्माण, श्रम की गरिमा और भारतीय हस्तशिल्प के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा। इसके साथ ही स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यवसायों की समझ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों का समग्र एवं कौशल विकास होता है और वे अनुभवात्मक शिक्षा से जुड़ते हैं। विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी अवधारणाओं के प्रति भी जागरूक किया गया।
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बच्चों ने मिट्टी से शिवलिंग, गणेश की प्रतिमा, विभिन्न सब्जियां, इमोजी, चूल्हा, बर्तन समेत कई आकर्षक आकृतियां तैयार कीं। इसके बाद विद्यार्थियों ने इन्हें सुंदर रंगों से सजाया। गतिविधि के दौरान बच्चों ने आपसी सहयोग और आनंदमय वातावरण में सीखने का अनुभव प्राप्त किया। विद्यालय में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल निर्माण, श्रम की गरिमा और भारतीय हस्तशिल्प के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा। इसके साथ ही स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और व्यवसायों की समझ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
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बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों का समग्र एवं कौशल विकास होता है और वे अनुभवात्मक शिक्षा से जुड़ते हैं। विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी अवधारणाओं के प्रति भी जागरूक किया गया।
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