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Etah News: सर्दी से बच्चे आ रहे निमोनिया की चपेट में
Tue, 30 Jan 2024 05:19 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 30 Jan 2024 05:19 PM IST
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एटा। बीते दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। सर्दी के कारण बच्चों में निमोनिया के लक्षण सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ का कहना है कि कॉलेज में करीब 100 बच्चे मौसमी बीमारियों से ग्रस्त होकर आ रहे हैं। इनमें से रोजाना 7 से 8 बच्चों में निमोनिया सामने आ रहा है। मंगलवार को दो बच्चों को भर्ती किया गया।
जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से सर्दी बढ़ना शुरू हो गई थी। सर्द मौसम में जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। सर्दी में बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना 7 से 8 बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो रहे हैं। इसके अलावा सर्दी से संबंधित अन्य बीमारियों से ग्रसित भी बच्चे पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एबी सिंह ने बताया कि सर्दी का मौसम बच्चों के लिए खतरनाक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बच्चों को बीमार कर सकती है। वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एबी सिंह ने बताया कि निमोनिया में सांस की समस्या होने लगती है। समय से उपचार न लेने पर फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। लापरवाही होने पर समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय से चिकित्सक से उपचार लें। मंगलवार को भलाईपुर निवासी मानसी व हाजीपुरा निवासी आइसा को निमोनिया के चलते बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।
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हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित पहुंचा बच्चा
कासगंज जनपद के अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव अल्लीपुर निवासी अरुणा मंगलवार को अपने 8 माह के बच्चे काे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंची। उन्होंने बताया सोमवार से बच्चे को उल्टी व दस्त की शिकायत है। निजी नर्सिंग होम में दिखाया वहा हालत बिगड़ गई। इस पर कॉलेज में लेकर आए। चिकित्सक माधवेंद्र प्रताप ने उसका उपचार किया। चिकित्सक ने बताया बच्चे की शुगर कम हो गई थी। उसे कुछ खिलाया भी नहीं गया था, हालत गंभीर थी। अब स्थित उसकी ठीक है। उन्होंने बताया बच्चा हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित था।
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ऐसे करें निमोनिया से बचाव
- गर्म कपड़ों से पूरी तरह से शरीर को ढकें।
- बच्चों को सुबह शाम पैरों में मोजे व जूते पहनाएं।
- हल्की समस्या होने पर चिकित्सक से उपचार लें।
- बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं।
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ये हैं निमोनिया के लक्षण
- शरीर में कंपन व सीने का अंदर जाना।
- छाती और पेट में दर्द।
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
- सर्दी, जुकाम, बुखार होना।
- नाक बहना, गले में घरघराहट की आवाज आना।
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जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से सर्दी बढ़ना शुरू हो गई थी। सर्द मौसम में जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। सर्दी में बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। स्थिति यह है कि रोजाना 7 से 8 बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो रहे हैं। इसके अलावा सर्दी से संबंधित अन्य बीमारियों से ग्रसित भी बच्चे पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एबी सिंह ने बताया कि सर्दी का मौसम बच्चों के लिए खतरनाक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बच्चों को बीमार कर सकती है। वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एबी सिंह ने बताया कि निमोनिया में सांस की समस्या होने लगती है। समय से उपचार न लेने पर फेफड़ों में संक्रमण होने लगता है। लापरवाही होने पर समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय से चिकित्सक से उपचार लें। मंगलवार को भलाईपुर निवासी मानसी व हाजीपुरा निवासी आइसा को निमोनिया के चलते बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।
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हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित पहुंचा बच्चा
कासगंज जनपद के अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव अल्लीपुर निवासी अरुणा मंगलवार को अपने 8 माह के बच्चे काे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंची। उन्होंने बताया सोमवार से बच्चे को उल्टी व दस्त की शिकायत है। निजी नर्सिंग होम में दिखाया वहा हालत बिगड़ गई। इस पर कॉलेज में लेकर आए। चिकित्सक माधवेंद्र प्रताप ने उसका उपचार किया। चिकित्सक ने बताया बच्चे की शुगर कम हो गई थी। उसे कुछ खिलाया भी नहीं गया था, हालत गंभीर थी। अब स्थित उसकी ठीक है। उन्होंने बताया बच्चा हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित था।
ऐसे करें निमोनिया से बचाव
- गर्म कपड़ों से पूरी तरह से शरीर को ढकें।
- बच्चों को सुबह शाम पैरों में मोजे व जूते पहनाएं।
- हल्की समस्या होने पर चिकित्सक से उपचार लें।
- बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं।
ये हैं निमोनिया के लक्षण
- शरीर में कंपन व सीने का अंदर जाना।
- छाती और पेट में दर्द।
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
- सर्दी, जुकाम, बुखार होना।
- नाक बहना, गले में घरघराहट की आवाज आना।