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Etah News: जिला अस्पताल में डायरिया से बच्चे की मौत, हंगामा
Fri, 14 Aug 2026 12:51 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:51 AM IST
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मैनपुरी।
जिला अस्पताल में भर्ती एक साल के बच्चे की बृहस्पतिवार देर शाम मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सकों के मृत घोषित करने के बाद भी परिजन बच्चे के जीवित होने का दावा करते रहे और उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल में पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल पहुंची कोतवाली पुलिस ने परिजन को समझाने की कोशिश की।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा निवासी अनुज कुमार के बेटे देव (1) को डायरिया हो गया था। बुधवार को परिजन ने एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया। लाभ न होने पर बृहस्पतिवार सुबह बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। दोपहर में बच्चे को इंडोर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। इलाज के दौरान देर शाम करीब 7 बजे बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजन ने इमरजेंसी पहुंच कर हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सक और स्टाफ उपचार में लापरवाही का आरोप लगाने लगे। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो चिकित्सक को बुलाया, मगर कोई देखने नहीं आया। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली पुलिस कर्मियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। काफी देर तक परिजन को समझाने का प्रयास किया।
हंगामा कर रहे बच्चे के परिजन बच्चों को हिलाते डुलाते रहे और दावा करने लगे कि उनका बच्चा अभी जीवित है लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। काफी देर तक परिजन बच्चे का सीना दबाते रहे उसके मुंह में सांस देते रहे। जब जिला अस्पताल के चिकित्सक ने कोई जवाब नहीं दिया तो वह अपने बच्चे को निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मां ने भगवान से मांगी बच्चे की सलामती
बच्चे की मौत के बाद मां ने उसे उठाने की बहुत कोशिश की। काफी देर तक वह उसके सीने से लिपटी रही। पिता भी उसे सांस देता रहा लेकिन जब एक निजी अस्पताल में बच्चे को मृत घोषित कर दिया तो मां का कलेजा फट पड़ा। वह बुरी तरह से चीखने लगी और अस्पताल में ही लगे भगवान तस्वीर के आगे हाथ जोड़कर अपने बच्चे की जिंदगी की भीख मांगने लगी।
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जिला अस्पताल में भर्ती एक साल के बच्चे की बृहस्पतिवार देर शाम मौत हो गई। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सकों के मृत घोषित करने के बाद भी परिजन बच्चे के जीवित होने का दावा करते रहे और उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल में पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल पहुंची कोतवाली पुलिस ने परिजन को समझाने की कोशिश की।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा निवासी अनुज कुमार के बेटे देव (1) को डायरिया हो गया था। बुधवार को परिजन ने एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया। लाभ न होने पर बृहस्पतिवार सुबह बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। दोपहर में बच्चे को इंडोर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। इलाज के दौरान देर शाम करीब 7 बजे बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजन ने इमरजेंसी पहुंच कर हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सक और स्टाफ उपचार में लापरवाही का आरोप लगाने लगे। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो चिकित्सक को बुलाया, मगर कोई देखने नहीं आया। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली पुलिस कर्मियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। काफी देर तक परिजन को समझाने का प्रयास किया।
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हंगामा कर रहे बच्चे के परिजन बच्चों को हिलाते डुलाते रहे और दावा करने लगे कि उनका बच्चा अभी जीवित है लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। काफी देर तक परिजन बच्चे का सीना दबाते रहे उसके मुंह में सांस देते रहे। जब जिला अस्पताल के चिकित्सक ने कोई जवाब नहीं दिया तो वह अपने बच्चे को निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मां ने भगवान से मांगी बच्चे की सलामती
बच्चे की मौत के बाद मां ने उसे उठाने की बहुत कोशिश की। काफी देर तक वह उसके सीने से लिपटी रही। पिता भी उसे सांस देता रहा लेकिन जब एक निजी अस्पताल में बच्चे को मृत घोषित कर दिया तो मां का कलेजा फट पड़ा। वह बुरी तरह से चीखने लगी और अस्पताल में ही लगे भगवान तस्वीर के आगे हाथ जोड़कर अपने बच्चे की जिंदगी की भीख मांगने लगी।