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दवा विक्रेता नहीं वसूल पाएंगे मनमानी कीमत

Fri, 26 Aug 2016 11:55 PM IST
अमर ब्ययूराो एटा
अमर ब्ययूराो एटा Updated Fri, 26 Aug 2016 11:55 PM IST
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Chemists will not charge exorbitant prices
दवा विक्रेता नहीं वसूल पाएंगे मनमानी कीमत - फोटो : अमर उजाला
दवा विक्रेता अब मरीजों से दवा के ज्यादा दाम नहीं वसूल पाएंगे। कोई भी व्यक्ति अब अपने मोबाइल फोन पर दवा के दाम जान सकेगा। दवाओं के मनमाने रेटों पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय दवा कीमत प्राधिकार (एनपीपीए) ने सर्च मेडिसिन प्राइस नाम से एप लांच किया है। एप के जरिए दवा खरीदने के पहले उपभोक्ता उसकी सही कीमत जान सकेंगे।
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एनपीपीए ने हाल ही में जन समाधान सुविधा शुरू की है। इसका मकसद लोगों में दवाआें के प्रति जागरूकता लाना और विक्रेता, कंपनियों द्वारा की जाने वाली ठगी से लोगों को बचाना है। अब एप के जरिए नेशनल लिस्ट ऑफ इसेंशियल मेडिसिन (जरूरी दवाइयां) में शामिल दवाओं की मनमानी कीमत वसूलने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
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नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी जरूरी दवाइयों के दाम तय करती है। इसके बाद भी कई जगहों से संस्थान को शिकायतें मिलती हैं कि कुछ दवा कंपनियां मनमानी कीमत अपने प्रोडक्ट पर वसूल रही हैं। इसके चलते उपभोक्ता बार-बार ठगी का शिकार होते हैं। एनपीपीए का कहना है कि अगर किसी को तय कीमत से ज्यादा पर दवाइयां बेची जा रही हैं, तो वह सीधे एनपीपीए को इस बात की शिकायत कर सकता है। मोबाइल एप के जरिए दवा विक्रेता हों या दवा कंपनियां, उन्हें यह डर बना रहेगा कि अगर वे ज्यादा कीमत लेते हैं तो इसकी शिकायत हो सकती है। उपभोक्ता को दवाइयों के बदले सही कीमत ही देनी होगी।
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ऐसे काम करेगा एप
उपभोक्ता को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में गूगल प्ले स्टोर से सर्च मेडिसिन प्राइस एप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप के जरिए कीमत जानने के लिए मरीज को दवा का नाम फीड करना होगा। दवा की एक यूनिट की कीमत का पता चल जाएगा। ऐप में जितनी यूनिट दवा लेनी हो, उतने नंबर फीड करनेे होंगे। इसके बाद टैक्स समेत सारे रिटेल प्राइस का पता चल जाएगा। खास बात यह है कि एप में हर जेनेरिक दवा की जानकारी होगी। मरीज को एप में जेनेरिक दवा का नाम और अपने राज्य का नाम फीड करना होगा। एनपीपीए की मुहर के बाद एप को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) ने विकसित किया है।
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