{"_id":"6543ac5ee2766e7d780e0826","slug":"buildings-built-on-temple-property-will-be-sealed-etah-news-c-163-1-sagr1016-7806-2023-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: मंदिर की संपत्ति पर बनाए गए भवन होंगे सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: मंदिर की संपत्ति पर बनाए गए भवन होंगे सील
Thu, 02 Nov 2023 07:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 02 Nov 2023 07:34 PM IST
विज्ञापन
एटा। घंटाघर स्थित मंदिर को तोड़कर कराए गए निर्माण पर प्रशासन का चाबुक चल गया है। इन सभी निर्माण पर शुक्रवार को सील कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद मुकदमा चलाकर इनको ध्वस्त किया जाएगा।
घंटाघर मार्ग पर प्राचीन समय में राधा-कृष्ण मंदिर स्थित था। जिसमें कुछ आवासीय निर्माण भी था। कुछ महीने पहले इस पूरे पुराने निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया। तबसे ही इस संपत्ति को लेकर उंगलियां उठने लगी थीं। शिकायतें भी की गईं। जिसमें बताया गया कि यह मंदिर दान की जमीन पर बना था। इसकी शिकायतें स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन तक भेजी गईं। इस सबके बावजूद इस संपत्ति पर दुकानें, गोदाम बना लिए गए हैं। जबकि प्लॉटिंग से लेकर निर्माण तक प्रशासन की अनुमति और नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया।
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद डीएम ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए। जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि नक्शे के लिए कोई भी स्वीकृति नहीं दी गई। ये निर्माण अनधिकृत रूप से कराए गए हैं। संबंधित लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। शुक्रवार को इन सभी संपत्तियों को सील करा दिया जाएगा। न्यायालय में मुकदमा चलेगा। इसमें यह लोग अपना पक्ष साबित नहीं कर पाते हैं तो सभी निर्माण को ध्वस्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
जमीन के स्वामित्व की भी चल रही जांच
इस पूरे मामले में जहां कराए गए निर्माण का ध्वस्त होना तय माना जा रहा है। वहीं इस जमीन के स्वामित्व को लेकर भी राजस्व विभाग की ओर से पड़ताल की जा रही है। यदि क्रय-विक्रय और स्वामित्व को लेकर किसी के पक्ष में कागजात नहीं मिलते हैं तो जमीन को सरकारी खाते में शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
घंटाघर मार्ग पर प्राचीन समय में राधा-कृष्ण मंदिर स्थित था। जिसमें कुछ आवासीय निर्माण भी था। कुछ महीने पहले इस पूरे पुराने निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया। तबसे ही इस संपत्ति को लेकर उंगलियां उठने लगी थीं। शिकायतें भी की गईं। जिसमें बताया गया कि यह मंदिर दान की जमीन पर बना था। इसकी शिकायतें स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन तक भेजी गईं। इस सबके बावजूद इस संपत्ति पर दुकानें, गोदाम बना लिए गए हैं। जबकि प्लॉटिंग से लेकर निर्माण तक प्रशासन की अनुमति और नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद डीएम ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए। जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि नक्शे के लिए कोई भी स्वीकृति नहीं दी गई। ये निर्माण अनधिकृत रूप से कराए गए हैं। संबंधित लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। शुक्रवार को इन सभी संपत्तियों को सील करा दिया जाएगा। न्यायालय में मुकदमा चलेगा। इसमें यह लोग अपना पक्ष साबित नहीं कर पाते हैं तो सभी निर्माण को ध्वस्त करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
जमीन के स्वामित्व की भी चल रही जांच
इस पूरे मामले में जहां कराए गए निर्माण का ध्वस्त होना तय माना जा रहा है। वहीं इस जमीन के स्वामित्व को लेकर भी राजस्व विभाग की ओर से पड़ताल की जा रही है। यदि क्रय-विक्रय और स्वामित्व को लेकर किसी के पक्ष में कागजात नहीं मिलते हैं तो जमीन को सरकारी खाते में शामिल किया जा सकता है।