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UP: कुछ देर पहले जवान ने की घर पर बात, परिजनों के नहीं रुक रहे आंसू; सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Thu, 16 Jan 2025 07:37 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: अरुन पाराशर Updated Thu, 16 Jan 2025 07:37 PM IST
सार

14 जनवरी की देर शाम बीएसएफ जवान रमेश ने आखिरी बार परिजन से फोन पर बात की थी। इसी रात मणिपुर से फोन आया और रमेश के बलिदान होने के सूचना दी गई।

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BSF jawan from Etah near Agra sacrificed his life in Manipur
स्मारक की मांग को लेकर आक्रोशित लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एटा के थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव नगला केसरी निवासी सीमा सुरक्षा बल के जवान 14 जनवरी को मणिपुर में बलिदान हो गए। बुधवार की देर रात पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा और बृहस्पतिवार की सुबह सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस बीच बलिदानी के स्मारक की मांग पर ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
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14 जनवरी को की आखिरी बार बात
नगला केसरी निवासी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि भतीजा रमेश चंद्र (54) सीमा सुरक्षा बल में 1991 में भर्ती हुए थे। हाल ही में सब इंस्पेक्टर के पद पर प्रोन्नति हो गई थी। 14 जनवरी की देर शाम रमेश ने आखिरी बार परिजन से फोन पर बात की थी। इसी रात मणिपुर से फोन आया और रमेश के बलिदान होने के सूचना दी गई। जिसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। बुधवार को देर शाम बलिदानी का पार्थिव शरीर घर पहुंचा और बृहस्पतिवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

 
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रमेश के दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटे की शादी अभी दिसंबर माह में हुई है। पत्नी मीरा देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही जलेसर विधायक संजीव दिवाकर व स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बलिदानी के अंतिम संस्कार में सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।

 
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इसी बीच स्मारक की मांग को लेकर परिजन और प्रशासन के मध्य नोकझोंक हो गई। परिजन चाहते थे कि उनको जगह सड़क के किनारे दी जाए। मगर प्रशासन किसी अन्य स्थान पर दे रहा था। इसको लेकर काफी देर तक गहमा-गहमी का माहौल रहा। जब एसडीएम ने सड़क किनारे जगह देने की बात कही, तब जाकर परिजन व गांव वाले माने और बलिदानी का अंतिम संस्कार किया गया।

 

बिना श्रद्धांजलि दिए एसडीएम के जाने की सूचना पर भड़के लोग
एसडीएम जलेसर भावना विमल श्रद्धांजलि देने से पूर्व कुछ दूरी पर अपनी गाड़ी में जाकर बैठ गईं। इस बीच लोगों को लगा कि बिना श्रद्धांजलि दिए वह चली गईं और लोग भड़क गए। नायब तहसीलदार वंशिका सिंह ने कमान संभाली और लोगों को बताया कि एसडीएम कहीं नहीं गई हैं पास में ही हैं। तब लोग माने और मामला शांत हुआ। एसडीएम जलेसर भावना विमल ने बताया कि कुछ लोग स्मारक के लिए तुरंत पट्टा करने की मांग कर रहे थे। उनको समझाया गया और लिखित आश्वासन दिया गया। पात्रता के अनुसार जमीन आवंटन की कार्रवाई की जाएगी। 
 
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