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भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन आज
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Fri, 28 Aug 2015 06:15 PM IST
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भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। पर्व की पूर्व संध्या पर बाजारों में खासी भीड़भाड़ देखने को मिली। बहनें जहां भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखियां व अन्य सामान खरीदती नजर आईं, वहीं भाई भी बहनों को देने के लिए उपहार खरीद रहे थे। वहीं दिल्ली आदि बड़े शहरों से पर्व पर घर वापस लौट रहे लोगों का रोडवेज बस स्टैंड पर काफी दबाव नजर आया। लोकल रुटों पर समय से सवारियां न मिलने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान बाइकों पर ट्रिपिल राइडिंग भी जमकर देखने को मिली। शहर में पर्व से पूर्व मिष्ठान की दुकानों पर भी घेवर आदि को खरीदने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। शहर के अलावा गांव देहात से बाजार आए लोगों की वजह से दिनभर शहर में जाम के हालात रहे। शहर में लगी राखियों की दुकानों पर बहनें जहां अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखी खरीदती नजर आईं, वहीं साड़ी, गारमेंट्स व उपहारों की दुकानों पर लोग बहनों के लिए उपहार खरीदते देखे गए। शहर के ज्वेलर्स की दुकानों पर भी काफी भीड़भाड़ देखी गई। सोने-चांदी की राखियां भी खरीदी गईं। बाजारों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए व्यापारी भी उत्साहित नजर आए। मिष्ठानों की दुकानों पर घेवर खरीदने वालों की लंबी लाइनें लगी रही। बता दें पर्व को लेकर मिष्ठान विक्रेताओं ने घेवर के दाम बढ़ा दिए हैं। शहर में घेवर के दाम 150 से 350 रुपये तक रहे। इधर, खाद्य विभाग की ओर से कार्रवाई की खानापूर्ति देख मिष्ठान विक्रेताओं के हौसले भी बुलंद रहे।
रक्षाबंधन पर भद्रा का ग्रहण, दोपहर बाद बंधेगी भाई की कलाई पर राखी
एटा। पंडितों की मानें तो इस बार रक्षाबंधन पर शनिवार को भद्रा का ग्रहण रहेगा। इसलिए भाइयों की कलाइयां व मस्तक दोपहर तक सूने रहेंगे। जिले में इसका असर दोपहर 1.36 बजे तक रहेगा। इसके बाद ही बहनें भाइयों को राखी बांध पाएंगी।
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पंडित अरूण उपाध्याय ने बताया कि शनिवार की सुबह 3.21 बजे तक चतुर्दशी रहेगी। क्षय योग होने के बाद श्रावण मास की पूर्णिमा पर दोपहर 1.36 मिनट तक भद्रा में रहेगी। पुराणों के मुताबिक भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों व यात्रा को निषेध माना गया है। इसलिए बहनें अपने भाइयों की कलाइयां पर राखी नहीं बांध सकेंगी। भद्रा का असर समाप्त होने के बाद ही शुभ कार्य होंगे।
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शनि की बहन है भद्रा
पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनि की बहन हैं। शनि की तरह ही इनका स्वभाव क्रूर बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही ब्रह्माजी ने उन्हें कालगणना या पंचांग के एक प्रमुख अंग विष्टीकरण में स्थान दिया है।
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मावा की जगह ब्रेड व सिंथेटिक दूध का मावा बना दे रहे घेवर
खाद्य विभाग की कार्रवाई के नाम पर कर रहा खानापूर्ति
अलीगंज। त्योहार आते ही मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। रक्षाबंधन पर्व पर घेवर की अधिक मांग होने के कारण हलवाई घेवर पागते समय मावा की जगह ब्रैड तथा सिंथेटिक दूध का मावा बनाकर लगा रहे हैं।
त्योहारों पर आम आदमी पर वैसे भी महंगाई की मार है ऊपर से मिलावटी चीजें लेने को मजबूर है। हलवाइयों की दुकानों पर मावा के नाम पर लोगों को केमीकल युक्त दूध से तैयार किया गया मावा तथा उसमें भी ब्रैड को मिलाकर घेवर में लगा रहे हैं। इन लोगों को आम आदमी के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है उन्हें तो केवल अधिक मुनाफा मिले इसके चक्कर में रहते हैं। खाद्य विभाग की टीम छापामारी के नाम पर मात्र औपचारिकता करके चलती बन रही हैं। इसके चलते मिलावटखोरों के भी हौसले बुलंद हैं।
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पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। शहर के अलावा गांव देहात से बाजार आए लोगों की वजह से दिनभर शहर में जाम के हालात रहे। शहर में लगी राखियों की दुकानों पर बहनें जहां अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखी खरीदती नजर आईं, वहीं साड़ी, गारमेंट्स व उपहारों की दुकानों पर लोग बहनों के लिए उपहार खरीदते देखे गए। शहर के ज्वेलर्स की दुकानों पर भी काफी भीड़भाड़ देखी गई। सोने-चांदी की राखियां भी खरीदी गईं। बाजारों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए व्यापारी भी उत्साहित नजर आए। मिष्ठानों की दुकानों पर घेवर खरीदने वालों की लंबी लाइनें लगी रही। बता दें पर्व को लेकर मिष्ठान विक्रेताओं ने घेवर के दाम बढ़ा दिए हैं। शहर में घेवर के दाम 150 से 350 रुपये तक रहे। इधर, खाद्य विभाग की ओर से कार्रवाई की खानापूर्ति देख मिष्ठान विक्रेताओं के हौसले भी बुलंद रहे।
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रक्षाबंधन पर भद्रा का ग्रहण, दोपहर बाद बंधेगी भाई की कलाई पर राखी
एटा। पंडितों की मानें तो इस बार रक्षाबंधन पर शनिवार को भद्रा का ग्रहण रहेगा। इसलिए भाइयों की कलाइयां व मस्तक दोपहर तक सूने रहेंगे। जिले में इसका असर दोपहर 1.36 बजे तक रहेगा। इसके बाद ही बहनें भाइयों को राखी बांध पाएंगी।
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पंडित अरूण उपाध्याय ने बताया कि शनिवार की सुबह 3.21 बजे तक चतुर्दशी रहेगी। क्षय योग होने के बाद श्रावण मास की पूर्णिमा पर दोपहर 1.36 मिनट तक भद्रा में रहेगी। पुराणों के मुताबिक भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों व यात्रा को निषेध माना गया है। इसलिए बहनें अपने भाइयों की कलाइयां पर राखी नहीं बांध सकेंगी। भद्रा का असर समाप्त होने के बाद ही शुभ कार्य होंगे।
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शनि की बहन है भद्रा
पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनि की बहन हैं। शनि की तरह ही इनका स्वभाव क्रूर बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही ब्रह्माजी ने उन्हें कालगणना या पंचांग के एक प्रमुख अंग विष्टीकरण में स्थान दिया है।
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मावा की जगह ब्रेड व सिंथेटिक दूध का मावा बना दे रहे घेवर
खाद्य विभाग की कार्रवाई के नाम पर कर रहा खानापूर्ति
अलीगंज। त्योहार आते ही मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। रक्षाबंधन पर्व पर घेवर की अधिक मांग होने के कारण हलवाई घेवर पागते समय मावा की जगह ब्रैड तथा सिंथेटिक दूध का मावा बनाकर लगा रहे हैं।
त्योहारों पर आम आदमी पर वैसे भी महंगाई की मार है ऊपर से मिलावटी चीजें लेने को मजबूर है। हलवाइयों की दुकानों पर मावा के नाम पर लोगों को केमीकल युक्त दूध से तैयार किया गया मावा तथा उसमें भी ब्रैड को मिलाकर घेवर में लगा रहे हैं। इन लोगों को आम आदमी के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है उन्हें तो केवल अधिक मुनाफा मिले इसके चक्कर में रहते हैं। खाद्य विभाग की टीम छापामारी के नाम पर मात्र औपचारिकता करके चलती बन रही हैं। इसके चलते मिलावटखोरों के भी हौसले बुलंद हैं।