{"_id":"a0b8f16a27adabae896566274c5b6710","slug":"brahmkumari-sisters-give-knowledge-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रजापिता ब्रह्मकुमारी की रैली में धर्म ज्ञान का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी की रैली में धर्म ज्ञान का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने बुधवार को रैली निकाली। रैली के लिए जरिए लोगों को आत्मा परमात्मा और धर्म ज्ञान का संदेश दिया।
रैली को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र चौहान ेने शिव ध्वज दिखाकर रेलवे स्टेशन से रवाना किया। इसके बाद जलेसर नगर में भ्रमण के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई। वीके देश मूर्ति सुभाष ने कहा कि सालों पूर्व इस धरा में देवी देवताओं की दुनिया थी।
इसके चलते सुख शांति और पवित्रता थी, जिसे स्वर्ग कहा जाता था, लेकिन आज रावण की दुनिया में सीता का ही अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि गीता के देव पुरुष, रामायण के देव पुरुषों के द्वारा बताए गुण कर्मों का अपहरण हुआ है। इसका मूल कारण ही है कि मनुष्य को खुद की पहचान ही नहीं है। इसलिए धर्म सिखाता है कि तुम शांति स्वरूप आत्मा हो। आत्मा को जानो और धर्म को स्वीकार करो। पूर्व चेयरमैन कृष्णगोपाल वार्ष्णेय ने धन्यवाद दिया। इस मौके पर मीनू, प्रियंका, कमलेश, गीता, पुष्पा, गमला, विनय, हरी सिंह, ओमप्रकाश, दयाराम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
रैली को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र चौहान ेने शिव ध्वज दिखाकर रेलवे स्टेशन से रवाना किया। इसके बाद जलेसर नगर में भ्रमण के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई। वीके देश मूर्ति सुभाष ने कहा कि सालों पूर्व इस धरा में देवी देवताओं की दुनिया थी।
इसके चलते सुख शांति और पवित्रता थी, जिसे स्वर्ग कहा जाता था, लेकिन आज रावण की दुनिया में सीता का ही अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि गीता के देव पुरुष, रामायण के देव पुरुषों के द्वारा बताए गुण कर्मों का अपहरण हुआ है। इसका मूल कारण ही है कि मनुष्य को खुद की पहचान ही नहीं है। इसलिए धर्म सिखाता है कि तुम शांति स्वरूप आत्मा हो। आत्मा को जानो और धर्म को स्वीकार करो। पूर्व चेयरमैन कृष्णगोपाल वार्ष्णेय ने धन्यवाद दिया। इस मौके पर मीनू, प्रियंका, कमलेश, गीता, पुष्पा, गमला, विनय, हरी सिंह, ओमप्रकाश, दयाराम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन