{"_id":"68846ffaa84e37010403c9d6","slug":"bloody-roads-of-etah-214-people-died-in-seven-months-one-thousand-road-accidents-occurred-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: एटा के खूनी मार्ग...सात महीने में 214 लोगों की मौत, प्रतिदिन जा रही एक की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: एटा के खूनी मार्ग...सात महीने में 214 लोगों की मौत, प्रतिदिन जा रही एक की जान
Sat, 26 Jul 2025 11:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 26 Jul 2025 11:35 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कुछ मार्ग खूनी हो चुके हैं। आलम ये है कि सात महीने में 214 लोगों की जान चली गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लगभग हर माह लोगों को जागरूक करने के लिए यातायात पुलिस अभियान चलाती है। इसके बाद भी सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। 1 जनवरी से 23 जुलाई तक लगभग 1000 सड़क दुर्घटनाएं हुईं और इनमें 214 लोगों की जान चली गई। यानी हर रोज एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे में हुई है।
यातायात नियमों का पालन न करने, नशा करके वाहन चलाने के कारण सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। कभी यातायात माह, कभी यातायात पखवाड़ा और कभी यातायात सप्ताह के तहत लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। यातायात पुलिस की ओर से आयोजित किए जाने वाले इन कार्यक्रमों के चलने तक तो लोगों ने नियमों का पालन किया भी लेकिन अभियान खत्म होते ही पुराने ढर्रे पर आ गए।
यही वजह है कि जिले में सड़क हादसों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। कुछ ई-रिक्शा व ऑटो चालक स्कूली बच्चों तक को क्षमता से अधिक बिठाकर ले जाते हैं जिसके कारण हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। आंकड़ों को देखा जाए तो प्रतिदिन एक व्यक्ति की मौत सड़क दुर्घटना में हो रही है।
विज्ञापन
कड़े नियमों के बाद भी नाबालिग चला रहे वाहन
सरकार व परिवहन विभाग की ओर से कड़े नियम बनाए गए हैं कि नाबालिगों को वाहन न चलाने दें। परिजन पर सजा का प्रावधान किया गया है। इसके बाद भी लोग नहीं मानते और बच्चे की जिद पर उन्हें वाहन देकर उसके साथ दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं। सोमवार को शहर के घंटाघर मार्ग पर 16 वर्ष का एक बालक गलत दिशा से तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए आया और सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गया। खुद के साथ ही दूसरी बाइक के चालक को भी काफी गंभीर चोट आई। पूछने पर बताया कि पहली बार बाइक चला रहा था इसलिए गति नियंत्रित नहीं कर सका और टक्कर हो गई।
प्रतिदिन जा रही एक व्यक्ति की जान
जिस प्रकार से जिले में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं उनके मुताबिक हर रोज एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। सीओ यातायात अमित कुमार राय ने बताया कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोग समझ भी रहे हैं मगर इतने हादसों में मौत होेने का बड़ा कारण हेलमेट न लगाना और गलत दिशा से निकलना है। ड्रिंक एंड ड्राइव और नाबालिगों का वाहन चलाना भी प्रमुख वजह है।
संभलकर...सबसे ज्यादा इन मार्गों पर हुए हादसे
सड़क दुर्घटनाओं की बात करें तो सबसे ज्यादा हादसे एनएच-34, आगरा रोड, जलेसर-सकरौली मार्ग, अलीगंज मार्ग और कासंगज रोड पर हुए हैं। जिले में सभी मार्गों पर कुल मिलाकर 21 ब्लैक स्पॉट हैं। यातायात प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। जहां नहीं है वहां लगवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यातायात नियमों का पालन न करने, नशा करके वाहन चलाने के कारण सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। कभी यातायात माह, कभी यातायात पखवाड़ा और कभी यातायात सप्ताह के तहत लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। यातायात पुलिस की ओर से आयोजित किए जाने वाले इन कार्यक्रमों के चलने तक तो लोगों ने नियमों का पालन किया भी लेकिन अभियान खत्म होते ही पुराने ढर्रे पर आ गए।
विज्ञापन
यही वजह है कि जिले में सड़क हादसों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। कुछ ई-रिक्शा व ऑटो चालक स्कूली बच्चों तक को क्षमता से अधिक बिठाकर ले जाते हैं जिसके कारण हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। आंकड़ों को देखा जाए तो प्रतिदिन एक व्यक्ति की मौत सड़क दुर्घटना में हो रही है।
विज्ञापन
कड़े नियमों के बाद भी नाबालिग चला रहे वाहन
सरकार व परिवहन विभाग की ओर से कड़े नियम बनाए गए हैं कि नाबालिगों को वाहन न चलाने दें। परिजन पर सजा का प्रावधान किया गया है। इसके बाद भी लोग नहीं मानते और बच्चे की जिद पर उन्हें वाहन देकर उसके साथ दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं। सोमवार को शहर के घंटाघर मार्ग पर 16 वर्ष का एक बालक गलत दिशा से तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए आया और सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गया। खुद के साथ ही दूसरी बाइक के चालक को भी काफी गंभीर चोट आई। पूछने पर बताया कि पहली बार बाइक चला रहा था इसलिए गति नियंत्रित नहीं कर सका और टक्कर हो गई।
प्रतिदिन जा रही एक व्यक्ति की जान
जिस प्रकार से जिले में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं उनके मुताबिक हर रोज एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। सीओ यातायात अमित कुमार राय ने बताया कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोग समझ भी रहे हैं मगर इतने हादसों में मौत होेने का बड़ा कारण हेलमेट न लगाना और गलत दिशा से निकलना है। ड्रिंक एंड ड्राइव और नाबालिगों का वाहन चलाना भी प्रमुख वजह है।
संभलकर...सबसे ज्यादा इन मार्गों पर हुए हादसे
सड़क दुर्घटनाओं की बात करें तो सबसे ज्यादा हादसे एनएच-34, आगरा रोड, जलेसर-सकरौली मार्ग, अलीगंज मार्ग और कासंगज रोड पर हुए हैं। जिले में सभी मार्गों पर कुल मिलाकर 21 ब्लैक स्पॉट हैं। यातायात प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। जहां नहीं है वहां लगवाए जा रहे हैं।