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खून जांच की मशीन पांच दिनों से खराब, भटक रहे मरीज
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मेडिकल कॉलेज की लैब में खराब पड़ी मशीन ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में खून के जांच की मशीन पांच दिनों से खराब है। इसकी वजह से मरीजों को भटकना पड़ा रहा है। निजी पैथोलॉजी में जाकर जांच कराने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिम्मेदार मैकेनिक के आने का इंतजार कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में सलेक्ट्रा बायो केमिस्ट्री मशीन 17 मार्च को खराब हुई थी। इसके बाद मशीन अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इस मशीन से किडनी व लीवर से संबंधित जांचें केएफटी, एलएफटी के अलावा थायराइड, कॉलस्ट्रोल और शुगर जैसी जांचें की जाती हैं। इनके मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन मशीन ठीक न होने की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं मरीजों को जांच कराने के लिए निजी पैथोलॉजी पर पहुंचना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में होने वाली मुफ्त की जांचें निजी लैब में काफी महंगी है, लेकिन मजबूरी में जांचें करानी पड़ रही हैं। वर्तमान में कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की ही जांचें मेडिकल कॉलेज में की जा रही हैं।
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मशीन सही कराने के लिए मेकेनिक से संपर्क किया गया है। कल या परसों में मशीन के सही होने की संभावनाएं हैं। बायो केमिस्ट्री से संबंधित जांचें प्रभावित हो रही हैं। -डॉ. मधुप कौशल, पैथोलॉजी प्रभारी
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मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में सलेक्ट्रा बायो केमिस्ट्री मशीन 17 मार्च को खराब हुई थी। इसके बाद मशीन अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इस मशीन से किडनी व लीवर से संबंधित जांचें केएफटी, एलएफटी के अलावा थायराइड, कॉलस्ट्रोल और शुगर जैसी जांचें की जाती हैं। इनके मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन मशीन ठीक न होने की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इतना ही नहीं मरीजों को जांच कराने के लिए निजी पैथोलॉजी पर पहुंचना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में होने वाली मुफ्त की जांचें निजी लैब में काफी महंगी है, लेकिन मजबूरी में जांचें करानी पड़ रही हैं। वर्तमान में कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की ही जांचें मेडिकल कॉलेज में की जा रही हैं।
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मशीन सही कराने के लिए मेकेनिक से संपर्क किया गया है। कल या परसों में मशीन के सही होने की संभावनाएं हैं। बायो केमिस्ट्री से संबंधित जांचें प्रभावित हो रही हैं। -डॉ. मधुप कौशल, पैथोलॉजी प्रभारी