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बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:41 PM IST
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बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शुक्रवार को बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रशिक्षणार्थियों ने एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा हैं
प्रदर्शनकारी प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि 16448 शिक्षक भर्ती में कई अभ्यर्थियों ने उड़ीसा से 2012 में बीएलएड कोर्स किया है और यूपी टीईटी 2011 में पास की है। जबकि प्रदेश में बीएलएड वालों को टीईटी में 2013 से शामिल किया गया है। इसके साथ ही इन अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश में रहते हुए बाहरी प्रदेशों से कोर्स किया है। मानकों के मुताबिक स्पेशल एजूकेशन के लिए जिस प्रदेश में निवास होता है, उसी प्रदेश का अभ्यर्थी कोर्स कर सकता है। ऐेसे में आवेदकों ने फर्जीवाड़ा किया है। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों ने फार्म भरने में टीईटी उत्तीर्ण दर्शाया है, लेकिन आनलाइन रिजल्ट में वह फेल नजर आ रहे हैं। साथ ही कई अभ्यर्थियों ने दूसरे अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र लगा दिए हैं। प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि फर्जी आवेदकों की जिले में काउंसलिंग हो चुकी है और वह चयन सूची में शामिल है। इनको सत्यापन के बाद ही नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाएं। प्रशिक्षणार्थियों ने गुरुवार को एडीएम प्रशासन सतीश पाल को ज्ञापन सौंपकर फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग करने वालों में मोहित यादव, रमन दीक्षित, विपिन यादव, सुनील यादव, आकाश वर्मा, शुभम गुप्ता, सत्यपाल, अर्पित उपाध्याय, सुरेंद्र, अनुज प्रताप सिंह, मनीष कुमार, विनोद शाक्य, देश दीपक, गौरव, पुष्पेंद्र चौहान शामिल हैं।
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प्रदर्शनकारी प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि 16448 शिक्षक भर्ती में कई अभ्यर्थियों ने उड़ीसा से 2012 में बीएलएड कोर्स किया है और यूपी टीईटी 2011 में पास की है। जबकि प्रदेश में बीएलएड वालों को टीईटी में 2013 से शामिल किया गया है। इसके साथ ही इन अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश में रहते हुए बाहरी प्रदेशों से कोर्स किया है। मानकों के मुताबिक स्पेशल एजूकेशन के लिए जिस प्रदेश में निवास होता है, उसी प्रदेश का अभ्यर्थी कोर्स कर सकता है। ऐेसे में आवेदकों ने फर्जीवाड़ा किया है। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों ने फार्म भरने में टीईटी उत्तीर्ण दर्शाया है, लेकिन आनलाइन रिजल्ट में वह फेल नजर आ रहे हैं। साथ ही कई अभ्यर्थियों ने दूसरे अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र लगा दिए हैं। प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि फर्जी आवेदकों की जिले में काउंसलिंग हो चुकी है और वह चयन सूची में शामिल है। इनको सत्यापन के बाद ही नियुक्ति पत्र निर्गत किए जाएं। प्रशिक्षणार्थियों ने गुरुवार को एडीएम प्रशासन सतीश पाल को ज्ञापन सौंपकर फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग करने वालों में मोहित यादव, रमन दीक्षित, विपिन यादव, सुनील यादव, आकाश वर्मा, शुभम गुप्ता, सत्यपाल, अर्पित उपाध्याय, सुरेंद्र, अनुज प्रताप सिंह, मनीष कुमार, विनोद शाक्य, देश दीपक, गौरव, पुष्पेंद्र चौहान शामिल हैं।
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