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बीमारी के चलते मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:52 PM IST
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नोटबंदी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के कारण इलाज न करा पाने से एक मासूम की मौत हो गई। बच्चे के पिता का आरोप है कि दो दिन बेंक की लाइन में लगने के बाद भी उसे पैसे नहीं मिल सके, जिसके कारण वह मासूम का उचित इलाज नहीं करा सके और उसकी मौत हो गई।
बदन सिंह निवासी पबसरा के बेटे देवराज (4) की बुधवार की सुबह घर पर मौत हो गई। बदन सिंह गल्ला मंडी में पल्लेदारी करते हैं। पिछले 20 दिनों से गल्ला मंडी में हड़ताल चल रही है, जिससे वह मजदूरी भी नहीं कर पा रहे। बदन सिंह के मुताबिक घर खर्च चलाना भारी पड़ रहा था। इसी बीच बेटे की तबीयत बिगड़ गई। उसे लेकर सरकारी चिकित्सालय गए। वहां ओपीडी में दिखाया और डॉक्टर की लिखी दवाएं देते रहे लेकिन आराम नहीं मिला। हालत ज्यादा बिगड़ी तो बेटे को प्राइवेट चिकित्सक को दिखाने का मन बनाया। इसके लिए पैसे निकालने सोमवार को ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा पहुंचे। जहां कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी पैसे नहीं मिले। मंगलवार को भी पैसा निकालने बैंक गए लेकिन भुगतान नहीं मिल सका। ऐसे में बेटे को सरकारी अस्पताल की ही दवा कराते रहे। बुधवार को सुबह मासूम ने दम तोड़ दिया। बदन सिंह ने बताया कि बेटे को निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। मासूम की मौत से गांव में अन्य लोगों में भी आक्रोश देखा गया।
--- (इंसेट)
मासूम की मौत की होगी जांच
डीएम के विजियेंद्र पांडियन ने पबसरा में हुई मासूम की मौत की जांच का जिम्मा एसडीएम को सौंपा है। उन्होंने बताया कि पिता और परिवारीजनों ने नकदी की समस्या को लेकर प्रशासन से संपर्क नहीं किया लेकिन सूचना मिलने के बाद वह मामले की जांच करा रहे हैं।
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बदन सिंह निवासी पबसरा के बेटे देवराज (4) की बुधवार की सुबह घर पर मौत हो गई। बदन सिंह गल्ला मंडी में पल्लेदारी करते हैं। पिछले 20 दिनों से गल्ला मंडी में हड़ताल चल रही है, जिससे वह मजदूरी भी नहीं कर पा रहे। बदन सिंह के मुताबिक घर खर्च चलाना भारी पड़ रहा था। इसी बीच बेटे की तबीयत बिगड़ गई। उसे लेकर सरकारी चिकित्सालय गए। वहां ओपीडी में दिखाया और डॉक्टर की लिखी दवाएं देते रहे लेकिन आराम नहीं मिला। हालत ज्यादा बिगड़ी तो बेटे को प्राइवेट चिकित्सक को दिखाने का मन बनाया। इसके लिए पैसे निकालने सोमवार को ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा पहुंचे। जहां कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी पैसे नहीं मिले। मंगलवार को भी पैसा निकालने बैंक गए लेकिन भुगतान नहीं मिल सका। ऐसे में बेटे को सरकारी अस्पताल की ही दवा कराते रहे। बुधवार को सुबह मासूम ने दम तोड़ दिया। बदन सिंह ने बताया कि बेटे को निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। मासूम की मौत से गांव में अन्य लोगों में भी आक्रोश देखा गया।
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मासूम की मौत की होगी जांच
डीएम के विजियेंद्र पांडियन ने पबसरा में हुई मासूम की मौत की जांच का जिम्मा एसडीएम को सौंपा है। उन्होंने बताया कि पिता और परिवारीजनों ने नकदी की समस्या को लेकर प्रशासन से संपर्क नहीं किया लेकिन सूचना मिलने के बाद वह मामले की जांच करा रहे हैं।
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