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कैलाश मंदिर और उसके आस-पास के स्थान को बनाया जाएगा पर्यटक स्थल
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शहर में स्थित कैलाश मंदिर ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। शहर के प्राचीन कैलाश मंदिर का सौंदर्यीकरण और उसे पर्यटन स्थल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने कवायद तेज कर दी है। यूपीपीसीएल विभाग की टीम ने शहर में दूसरी बार कैलाश मंदिर का सर्वे किया।
यूपीपीसीएल के एडीएम पवन सारस्वत ने बताया कि कैलाश मंदिर का सौंदर्यीकरण और उसके आस-पास के स्थान को पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। डीपीआर तैयार कराकर पर्यटन विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
पवन सारस्वत ने बताया कि कैलाश मंदिर में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके लिए स्वच्छ जल की सुविधा के लिए वाटर आरओ लगाए जाएंगे। वहीं मंदिर के पीछे प्लास्टर टूटा हुआ है, जिसकी मरम्मत की जाएगी।
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साथ ही सीढ़ियों पर राजस्थान का पत्थर लगाया जाएगा। मंदिर के मुख्य द्वार का भी नवनिर्माण किया जाएगा। वर्तमान में मंदिर के दोनों दरवाजे टूटे पड़े हैं जिससे उसकी सुंदरता खराब नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि कैलाश मंदिर के नजदीक तालाब के विवादित होने का मामला संज्ञान में आया है, जिसकी वजह से इसके चारों ओर होने वाली बाउंड्रीवॉल पर विचार विमर्श बाद में किया जाएगा।
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यूपीपीसीएल के एडीएम पवन सारस्वत ने बताया कि कैलाश मंदिर का सौंदर्यीकरण और उसके आस-पास के स्थान को पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। डीपीआर तैयार कराकर पर्यटन विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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पवन सारस्वत ने बताया कि कैलाश मंदिर में पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके लिए स्वच्छ जल की सुविधा के लिए वाटर आरओ लगाए जाएंगे। वहीं मंदिर के पीछे प्लास्टर टूटा हुआ है, जिसकी मरम्मत की जाएगी।
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साथ ही सीढ़ियों पर राजस्थान का पत्थर लगाया जाएगा। मंदिर के मुख्य द्वार का भी नवनिर्माण किया जाएगा। वर्तमान में मंदिर के दोनों दरवाजे टूटे पड़े हैं जिससे उसकी सुंदरता खराब नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि कैलाश मंदिर के नजदीक तालाब के विवादित होने का मामला संज्ञान में आया है, जिसकी वजह से इसके चारों ओर होने वाली बाउंड्रीवॉल पर विचार विमर्श बाद में किया जाएगा।