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बंबा के पानी में डूबे अरमान: आंखों में आंसू... तबाही का मंजर, 100 बीघा फसल जलमग्न
Mon, 24 Apr 2023 01:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:23 PM IST
सार
फसल के जलमग्न देख किसानों की आंखों से आंसू छलक उठे। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनकी मेहनत पर इस तरह पानी फिर जाएगा।
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पानी में डूबी फसल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा के मारहरा कस्बा के समीपवर्ती गांव पचपेड़ा में शनिवार रात बंबा की पटरी कट गई। इससे करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। जिसकी सूचना थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सिंचाई विभाग को जानकारी दी, लेकिन सिंचाई विभाग से कोई नहीं पहुंचा। खेतों में खडी गेंहू मक्का की फसलों में भरते जा रहे पानी को देखते हुए ग्रामीणों ने जेसीबी के जरिए कटी पटरी की मरम्मत की। वहीं खराब हुईं फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन से मांग की है।
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पिदौरा- पचपेड़ा के बीचोंबीच से निकल रहे बंबा की पटरी कमजोर होने के चलते अचानक कट गई। पानी के तेज बहाव ने कटान का बडा रूप ले लिया। जिससे पानी पिदौरा के किसानों के खेतों में भर गया। खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। मक्का की फसल में भी पानी भर गया। पानी को रोकने के लिए किसानों ने कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
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रविवार को पास के एक-दो गांव के लोगों ने आपस में मिलकर जेसीबी की मदद से पटरी को दुरुस्त कर पानी रोका। पानी के भरने से कई किसानों की फसल बर्बाद हुई है। सुबोध कुमार, सोनू शर्मा, हर्षवर्धन, महेश चंद्र, सचिन कुमार आदि किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते हमारा यह नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए।
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सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता तुषार कांति राजन ने बताया कि हमारे खंड की नहरों में इस समय पानी ही नहीं है। संभवत: यह किसी अन्य खंड का मामला है। इसकी जानकारी कर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाएगी।