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बैंक में नहीं कैश, दूल्हे की मालाओं में सजे नोट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:53 PM IST
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नोटों की मालाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोट बंदी के कारण पैसों की किल्लत से लोग जूझ रहे हैं। बैंकों में कैश के लिए रोजाना लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। एक तरफ जहां लोग छोटी नोटों के लिए परेशान हैं। वहीं प्रतिबंध के बाद भी बाजार में नोटों की मालाओं की बिक्री जारी है। इसके अलावा 10 के नए नोटों की गड्डी 1200 से 1500 रुपये तक में बिक रही है। इस मनमानी पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
शादी में दूल्हे को नोटों की माला पहनाने का चलन है। दूल्हे को बारात में जाने से पहले 10, 50 या 100 के नोटों की माला पहनाई जाती है। हालांकि रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक भारतीय मुद्रा का व्यापार करना गैरकानूनी है, लेकिन जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नोट बंदी के बाद जहां बाजार में खुले रुपयों की किल्लत है, वहीं नोटों की मालाओं की जमकर बिक्री हो रही है। 10 रुपये के नोट की माला जहां 1500 से 1800 रुपये तक मिल रही है। वहीं 50 और 100 के नोट की माला की बिक्री में भी मुनाफा कमाया जा रहा है। वहीं खुले रुपयों की पूर्ति के लिए भी लोग इन नोटों की मालाओं को खरीद रहे हैं। हालांकि व्यापारी अनिल कुमार बताते हैं कि नोट बंदी के बाद मालाओं की बिक्री में गिरावट आई है।
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शादी में दूल्हे को नोटों की माला पहनाने का चलन है। दूल्हे को बारात में जाने से पहले 10, 50 या 100 के नोटों की माला पहनाई जाती है। हालांकि रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक भारतीय मुद्रा का व्यापार करना गैरकानूनी है, लेकिन जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नोट बंदी के बाद जहां बाजार में खुले रुपयों की किल्लत है, वहीं नोटों की मालाओं की जमकर बिक्री हो रही है। 10 रुपये के नोट की माला जहां 1500 से 1800 रुपये तक मिल रही है। वहीं 50 और 100 के नोट की माला की बिक्री में भी मुनाफा कमाया जा रहा है। वहीं खुले रुपयों की पूर्ति के लिए भी लोग इन नोटों की मालाओं को खरीद रहे हैं। हालांकि व्यापारी अनिल कुमार बताते हैं कि नोट बंदी के बाद मालाओं की बिक्री में गिरावट आई है।
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