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बैंक खुलने से पहले ही उमड़ी ग्राहकों की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:29 PM IST
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नोट चलन में बंद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पांच और एक हजार रुपये के नोट चलन में बंद होने के बाद लोगों में अफरातफरी का माहौल है। आलम यह था कि बैंक खुलने से पहले ही भीड़ आनी शुरू हो गई थी। शुक्रवार को जिले की 142 बैंक शाखाओं में गुरुवार से ज्यादा गाहकों की भीड़ दिखाई दी। सबसे ज्यादा भीड़, एसबीआई, केनरा, सेंट्रल और पीएनबी की शाखाओं में रहीं। कैश खत्म होने के कारण ग्राहकों को एक्सचेंज की सुविधा बहुत कम बैंक शाखाओं में मिली। छोटे नोट हासिल करने के लिए गुरुवार को चाय और पान खोखे वाले बाबाओं और भिखारियों से पूछताछ करते दिखाई दिए।
शुक्रवार को दूसरे दिन जिले की सभी बैंक शाखाएं ग्राहकों की भीड़ से हाउस फुल रहीं। आलम यह था कि भीड़ संभालने के लिए पुलिस बल तैनात करने के बाद बैंक के गेट पर ताला लगाना पड़ा। नगर की एसबीआई, सेंट्रल, पीएनबी बैंक के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइन दिनभर लगी रही। बैंक प्रबंधकों ने महिलाओं, सीनियर सिटीजन और सामान्य ग्राहकों के लिए जमा और निकासी के अलग काउंटर की व्यवस्था नहीं की थी।
शुक्रवार को चार लिमिट और गिर गई। ग्राहकों को चार हजार रुपये के स्थान पर तीन या दो हजार लेकर काम चलाना पड़ा। जिस ग्राहक ने जिद की उसे बैंकों ने दस रुपये के सिक्के थमा कर चलता कर दिया। भाकियू महिला विंग की जिला अध्यक्ष अंगूरी देवी के बेटे की शादी है। वो खुद रुपये निकालने आई और परिवार के अन्य सदस्यों को दूसरी बैंकों में लाइन में लगा दिया, लेकिन भाकियू जिला अध्यक्ष को केनरा बैक ने चार हजार के स्थान तीन हजार रुपये थमाए।
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जेल में हुई बंदियों की पेशी
नोट जमा और निकासी के लिए कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसएसपी ने राजेश कृष्ण ने जिला जल ओपी अग्रवाल को पत्र लिखा था। एसएसपी ने पत्र में अनुरोध किया है कि बड़ी संख्या में पुलिस बल बैंक, ग्राहक, एवं एटीएम सुरक्षा में लगा है। ऐसे में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को कारागार से जिला न्यायालय लाना संभव नहीं है। जिला जल ने एसएसपी के पत्र का संज्ञान लेते हुए एडीएजे और एसीजेएम को सत्र न्यायालय एवं लोअर कोर्ट में विचाराधीन वादों के बंदियों का रिमांड लेने के लिए अधिकृत किया था। जिला कारागार अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि गुरुवार को कोई भी बंदी पेशी पर नहीं गया। 80 बंदियों की पेशी जिला कारागार परिसर में न्यायायिक अधिकारियों के सामने हुई। जिला कारागार प्रशासन की माने तो शुक्रवार को बंदियों को जिला कारागार पेशी पर भेजा गया है।
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खाद खरीदने और फसल बेचने को भटके किसान
शुक्रवार को शहर में आधी खाद की दुकानें खुलीं। ज्यादातर किसान खाद खरीदने के लिए 1000 और 500 रुपये नोट लेकर पहुंच रहे थे, लेकिन खाद विक्रेता उन्हें नोट देख कर लौटा रहे थे। इसके चलते किसानों के सामने खाद खरीदने का संकट रहा। मारहारा निवासी किसान सलीम, रामकुमार, भजनलाल ने बताया कि खाद खरीदने के लिए छोटे नोट कहां से लाएं। अब तो बैंकों में भी नोट नहीं बचे हैं। इसके अलावा अलीगंज मार्ग स्थित मंडी में भी गेहूं और धान की फसल व्यापारियाें ने उधार खरीदी। व्यापारियों ने 500 और 1000 रुपये के नोट किसानाें को देने की कोशिश की, लेकिन किसी फसल बेच कर चले गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही मारामारी
जलेसर में शुक्रवार को एसबीआई और सेंट्रल बैंक शाखा में कैश जमा और निकासी दोनों हुई। वहंी डाकघर में 3.5 लाख रुपये निकासी के बाद कर्मचारियों ने निकासी बंद कर केवल 500 और 1000 रुपये के नोट जमा किए। अलीगंज में एसबीआई, सेंट्रल, बीआईआई, बीओबी समेत किसी भी बैंक शाखा में कैश निकासी नही हुई। यही हालत जैथरा, राजा का रामपुर और सराय अगहत में दिखाई दिया, जहां ग्राहकों की भीड़ बड़े नोट जमा करने और छोटे नोट लेने पहुंचे, लेकिन मायूस होकर लौट गए। मारहरा, मिरहची, रिजोर, मलावन, अवागढ़, बाबसा में देखने को मिला। निधौली कलां और राजा का रामपुनर में एसबीआई शाखा के कर्मचारी लेट पहुंचे और गेट का ताला लगाकर चुपचाप बैठ गए। इसके चलते ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत कराया।
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शुक्रवार को दूसरे दिन जिले की सभी बैंक शाखाएं ग्राहकों की भीड़ से हाउस फुल रहीं। आलम यह था कि भीड़ संभालने के लिए पुलिस बल तैनात करने के बाद बैंक के गेट पर ताला लगाना पड़ा। नगर की एसबीआई, सेंट्रल, पीएनबी बैंक के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइन दिनभर लगी रही। बैंक प्रबंधकों ने महिलाओं, सीनियर सिटीजन और सामान्य ग्राहकों के लिए जमा और निकासी के अलग काउंटर की व्यवस्था नहीं की थी।
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शुक्रवार को चार लिमिट और गिर गई। ग्राहकों को चार हजार रुपये के स्थान पर तीन या दो हजार लेकर काम चलाना पड़ा। जिस ग्राहक ने जिद की उसे बैंकों ने दस रुपये के सिक्के थमा कर चलता कर दिया। भाकियू महिला विंग की जिला अध्यक्ष अंगूरी देवी के बेटे की शादी है। वो खुद रुपये निकालने आई और परिवार के अन्य सदस्यों को दूसरी बैंकों में लाइन में लगा दिया, लेकिन भाकियू जिला अध्यक्ष को केनरा बैक ने चार हजार के स्थान तीन हजार रुपये थमाए।
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जेल में हुई बंदियों की पेशी
नोट जमा और निकासी के लिए कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसएसपी ने राजेश कृष्ण ने जिला जल ओपी अग्रवाल को पत्र लिखा था। एसएसपी ने पत्र में अनुरोध किया है कि बड़ी संख्या में पुलिस बल बैंक, ग्राहक, एवं एटीएम सुरक्षा में लगा है। ऐसे में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को कारागार से जिला न्यायालय लाना संभव नहीं है। जिला जल ने एसएसपी के पत्र का संज्ञान लेते हुए एडीएजे और एसीजेएम को सत्र न्यायालय एवं लोअर कोर्ट में विचाराधीन वादों के बंदियों का रिमांड लेने के लिए अधिकृत किया था। जिला कारागार अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि गुरुवार को कोई भी बंदी पेशी पर नहीं गया। 80 बंदियों की पेशी जिला कारागार परिसर में न्यायायिक अधिकारियों के सामने हुई। जिला कारागार प्रशासन की माने तो शुक्रवार को बंदियों को जिला कारागार पेशी पर भेजा गया है।
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खाद खरीदने और फसल बेचने को भटके किसान
शुक्रवार को शहर में आधी खाद की दुकानें खुलीं। ज्यादातर किसान खाद खरीदने के लिए 1000 और 500 रुपये नोट लेकर पहुंच रहे थे, लेकिन खाद विक्रेता उन्हें नोट देख कर लौटा रहे थे। इसके चलते किसानों के सामने खाद खरीदने का संकट रहा। मारहारा निवासी किसान सलीम, रामकुमार, भजनलाल ने बताया कि खाद खरीदने के लिए छोटे नोट कहां से लाएं। अब तो बैंकों में भी नोट नहीं बचे हैं। इसके अलावा अलीगंज मार्ग स्थित मंडी में भी गेहूं और धान की फसल व्यापारियाें ने उधार खरीदी। व्यापारियों ने 500 और 1000 रुपये के नोट किसानाें को देने की कोशिश की, लेकिन किसी फसल बेच कर चले गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही मारामारी
जलेसर में शुक्रवार को एसबीआई और सेंट्रल बैंक शाखा में कैश जमा और निकासी दोनों हुई। वहंी डाकघर में 3.5 लाख रुपये निकासी के बाद कर्मचारियों ने निकासी बंद कर केवल 500 और 1000 रुपये के नोट जमा किए। अलीगंज में एसबीआई, सेंट्रल, बीआईआई, बीओबी समेत किसी भी बैंक शाखा में कैश निकासी नही हुई। यही हालत जैथरा, राजा का रामपुर और सराय अगहत में दिखाई दिया, जहां ग्राहकों की भीड़ बड़े नोट जमा करने और छोटे नोट लेने पहुंचे, लेकिन मायूस होकर लौट गए। मारहरा, मिरहची, रिजोर, मलावन, अवागढ़, बाबसा में देखने को मिला। निधौली कलां और राजा का रामपुनर में एसबीआई शाखा के कर्मचारी लेट पहुंचे और गेट का ताला लगाकर चुपचाप बैठ गए। इसके चलते ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत कराया।