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पुलिस उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें
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एटा। हत्या के एक मुकदमे में गवाह पुलिस उपनिरीक्षक के न पहुंचने पर न्यायालय ने कड़ा आदेश दिया है। उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर को पत्र भेजा है। वह कानपुर एसआईटी में तैनात है। उनको कार्यमुक्त करने और वेतन रोकने का आदेश भी दिया है।
मामला जैथरा थाने से जुड़ा हुआ है। एडीजीसी यतेंद्र सिंह ने बताया कि 20 नवंबर 2016 को यहां एक युवती की हत्या का मुकदमा चार लोगों के विरुद्ध दर्ज कराया गया था। इसमें उस समय थाने पर तैनात कैलाश चंद्र दुबे को जांच अधिकारी बनाया गया। मामला अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट कुमार गौरव के न्यायालय में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय ने इसके निस्तारण के लिए एक साल की समय सीमा निर्धारित की है। इसे लेकर न्यायालय विचारण को तेजी से कर रहा है। 4 जनवरी को गवाह के तौर पर एसआई कैलाश चंद्र को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
इस पर न्यायाधीश ने पुलिस महानिरीक्षक कानपुर को पत्र जारी कर आदेश पारित किया है। कहा है कि उपनिरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित करें। जिससे उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में निर्धारित दिनांक 13 जनवरी को पेश किया जाए और साक्ष्य अंकित कराया जा सके। इसके साथ ही न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कानपुर नगर को आदेश दिया है कि उपनिरीक्षक को कार्यमुक्त करें, जिससे उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। वहीं वरिष्ठ कोषाधिकारी कानपुर नगर को आदेशित किया है कि एसआई का वेतन अगले आदेश तक न निकाला जाए।
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मामला जैथरा थाने से जुड़ा हुआ है। एडीजीसी यतेंद्र सिंह ने बताया कि 20 नवंबर 2016 को यहां एक युवती की हत्या का मुकदमा चार लोगों के विरुद्ध दर्ज कराया गया था। इसमें उस समय थाने पर तैनात कैलाश चंद्र दुबे को जांच अधिकारी बनाया गया। मामला अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट कुमार गौरव के न्यायालय में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय ने इसके निस्तारण के लिए एक साल की समय सीमा निर्धारित की है। इसे लेकर न्यायालय विचारण को तेजी से कर रहा है। 4 जनवरी को गवाह के तौर पर एसआई कैलाश चंद्र को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
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इस पर न्यायाधीश ने पुलिस महानिरीक्षक कानपुर को पत्र जारी कर आदेश पारित किया है। कहा है कि उपनिरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित करें। जिससे उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में निर्धारित दिनांक 13 जनवरी को पेश किया जाए और साक्ष्य अंकित कराया जा सके। इसके साथ ही न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कानपुर नगर को आदेश दिया है कि उपनिरीक्षक को कार्यमुक्त करें, जिससे उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। वहीं वरिष्ठ कोषाधिकारी कानपुर नगर को आदेशित किया है कि एसआई का वेतन अगले आदेश तक न निकाला जाए।
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