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सीएचसी में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत: आक्रोशित परिजन ने अंतिम संस्कार करने से किया मना; कार्रवाई की मांग
Thu, 09 May 2024 02:08 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 09 May 2024 02:08 PM IST
सार
सीएचसी में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई। आक्रोशित परिजन ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने आरोपी नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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शव रखकर प्रदर्शन करने घरवाले, मुस्कान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत से परिजन व ग्रामीणों में आक्रोश है। आरोपी नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस की उदासीनता के चलते आरोपी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
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मामला निधौली कला थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव का है। गांव निवासी सुरेश और सुनीता की बेटी मुस्कान की प्रसव के दौरान मौत हो गई। उन्होंने महिला डॉक्टर दीपमाला मिश्रा पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो वह लोग शव लेकर घर चले गए। लेकिन 18 घंटे बीत जाने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
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पिता सुरेश ने बताया बीती रात करीब 11 बजे कोतवाली प्रभारी जेपी अशोक ने आश्वासन दिया था कि मुस्कान के पति भगवान दास, मानसी और मान सिंह के मामले में पुनः जांच की जाएगी। न्याय दिलाया जाएगा। नर्स दीपमाला मिश्रा के खिलाफ मामला पंजीकृत कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
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चचेरे भाई कृपाल सिंह ने बताया कि 18 घंटे बाद भी न तो कोई गिरफ्तारी हुई और न ही कोई अधिकारी हाल जानने आया। सोशल मीडिया से जानकारी मिलने के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता गांव में इकट्ठा हो रहे हैं। बताया कि कुछ देर में भीम आर्मी के चंद्रशेखर के गांव पहुंचने का कार्यक्रम है।
बताया कि गांव में शव रखने की खबर पर आसपास के गांवों के लोग भी एकत्र हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह महीने में डिलीवरी के दौरान दलित महिला की मौत का यह दूसरा मामला है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के दौरान हो रही मौतों पर कोई सुधि नहीं लेता।