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Etah News: मजदूर की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Mon, 09 Sep 2024 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 09 Sep 2024 10:50 PM IST
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एटा। अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव झकरई में रविवार सुबह मजदूर सफाई करने बोरिंग के कुएं में उतरा। नीचे जहरीली गैस की वजह से उसकी जान चली गई। इसके साथ ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार में वह अकेला कमाने वाला था। पत्नी और 6 बच्चों के पालन-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है।
भैयालाल (38) मजदूरी करके ही गुजारा करते थे। उनके तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे बड़े पुत्र की उम्र 12 वर्ष है। रविवार को गांव में एक बोरिंग के कुएं में सफाई करने गए थे। इसके लिए 800 रुपये तय किए गए। वहां लगभग 30 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में उनको उतारा गया। नीचे जहरीली गैस होने की वजह से उनकी मौत हो गई। बाद में पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने पहुंचकर शव को निकाला।
पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार रात के समय शव पहुंचा। सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के भाई श्यामलाल ने बताया कि भैयालाल अपने सभी बच्चों को पढ़ा रहे थे। बच्चे अभी छोटे ही हैं, इनमें से कोई काम करने की स्थिति में नहीं है। भैयालाल ही परिवार का इकलौता सहारा थे। एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत मृतक की फाइल तैयार कराई जा रही है। इसमें परिवार को 4 लाख रुपये की मदद दिलाने का प्रयास है।
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भैयालाल (38) मजदूरी करके ही गुजारा करते थे। उनके तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे बड़े पुत्र की उम्र 12 वर्ष है। रविवार को गांव में एक बोरिंग के कुएं में सफाई करने गए थे। इसके लिए 800 रुपये तय किए गए। वहां लगभग 30 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में उनको उतारा गया। नीचे जहरीली गैस होने की वजह से उनकी मौत हो गई। बाद में पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने पहुंचकर शव को निकाला।
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पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार रात के समय शव पहुंचा। सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के भाई श्यामलाल ने बताया कि भैयालाल अपने सभी बच्चों को पढ़ा रहे थे। बच्चे अभी छोटे ही हैं, इनमें से कोई काम करने की स्थिति में नहीं है। भैयालाल ही परिवार का इकलौता सहारा थे। एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत मृतक की फाइल तैयार कराई जा रही है। इसमें परिवार को 4 लाख रुपये की मदद दिलाने का प्रयास है।
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