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Etah News: व्यापक स्तर पर चला अभियान तो बड़ी संख्या में मिले कुष्ठ रोगी
Sun, 28 Jan 2024 06:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 28 Jan 2024 06:52 PM IST
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एटा। कुष्ठ रोग नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों का पूरा लाभ जनपद को नहीं मिल रहा है। यहां तक कि रोगी ही विभाग को नहीं मिल पा रहे हैं। इस बार 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक व्यापक स्तर पर अभियान चला तो 18 कुष्ठ रोगी सामने आए।
जिले में कुष्ठ रोगी की पहचान ही नहीं हो पाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों में इसके प्रति जागरुकता ही नहीं है। 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक अभियान चला। अभियान के दौरान जागरुकता की खानापूर्ति की गई, लेकिन अभियान पोलियो की तर्ज पर चला तो जिले में 18 कुष्ठ रोगी विभाग को मिल गए। जबकि 27 रोगियों का इलाज पहले से ही चल रहा है। बताया गया कि जिले में कुष्ठ रोग में कर्मियों की कमी है। इससे रोगियों को खोजने में दिक्कत आती है।
जिले में डिप्टी सीएमओ द्वारा कुष्ठ रोग का कार्य देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग पर नियंत्रण के लिए मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट चलता है। जिसमें पीवी का छह माह का उपचार रहता है जबकि एमबी का एक साल का उपचार होता है। सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कुष्ठ रोग विभाग में कर्मियों की कमी है। अभियान के दौरान आशा व एएनएम की मदद ली गई थी। जिले में जो कुष्ठ रोगी है उनका उपचार चल रहा है।
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कुष्ठ रोग के लक्षण
कुष्ठ रोग के प्रारंभ में शरीर के किसी भाग में खुजली होती है। रोगी देर तक खुजलाता है तो उस भाग की त्वचा लाल हो जाती है। जीवाणुओं के संक्रमण से रक्त दूषित होता है। मांसपेशियों में पीड़ा होती है। रोगी ज्वर से भी पीड़ित होता है। धूप के संपर्क में त्वचा में तीव्र जलन होती है। खुजली से जख्म बनने से शोथ होता है। चिकित्सा में लापरवाही बरतने से रोग अधिक बढ़ जाता है और अंग गलने लगता है।
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जिले में कुष्ठ रोगी की पहचान ही नहीं हो पाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों में इसके प्रति जागरुकता ही नहीं है। 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक अभियान चला। अभियान के दौरान जागरुकता की खानापूर्ति की गई, लेकिन अभियान पोलियो की तर्ज पर चला तो जिले में 18 कुष्ठ रोगी विभाग को मिल गए। जबकि 27 रोगियों का इलाज पहले से ही चल रहा है। बताया गया कि जिले में कुष्ठ रोग में कर्मियों की कमी है। इससे रोगियों को खोजने में दिक्कत आती है।
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जिले में डिप्टी सीएमओ द्वारा कुष्ठ रोग का कार्य देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग पर नियंत्रण के लिए मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट चलता है। जिसमें पीवी का छह माह का उपचार रहता है जबकि एमबी का एक साल का उपचार होता है। सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कुष्ठ रोग विभाग में कर्मियों की कमी है। अभियान के दौरान आशा व एएनएम की मदद ली गई थी। जिले में जो कुष्ठ रोगी है उनका उपचार चल रहा है।
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कुष्ठ रोग के लक्षण
कुष्ठ रोग के प्रारंभ में शरीर के किसी भाग में खुजली होती है। रोगी देर तक खुजलाता है तो उस भाग की त्वचा लाल हो जाती है। जीवाणुओं के संक्रमण से रक्त दूषित होता है। मांसपेशियों में पीड़ा होती है। रोगी ज्वर से भी पीड़ित होता है। धूप के संपर्क में त्वचा में तीव्र जलन होती है। खुजली से जख्म बनने से शोथ होता है। चिकित्सा में लापरवाही बरतने से रोग अधिक बढ़ जाता है और अंग गलने लगता है।