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तोगड़िया के लिए किया ब्लैक आउट
Etah
Updated Wed, 28 Aug 2013 05:34 AM IST
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अलीगंज। अलीगंज ही आ रहे हैं, नहीं कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिए गए, रास्ते में हैं, अब नहीं आएंगे। सोमवार दोपहर से कुछ ऐसे ही कयास और अटकलों के बीच, लोकेशन जानने की जिज्ञासा व सवालों में आधी रात बीत गई। अंधेरे में डूबा लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस और उसके चारों ओर सुरक्षा का चाक चौबंद घेरा। अचानक 12:38 बजे वाहनों का एक काफिले को आता देख पुलिस मुस्तैद हो गई। सुरक्षा घेरा और सख्त हो गया, मीडिया और भाजपा व विहिप कार्यकर्ताओं के आगे पुलिस दीवार बन गई। काफिला सीधे अस्थायी जेल में घुसा। उसके बाद सन्नाटा टूट गया और बल्ब जला दिए गए।
फैजाबाद में 84 कोसी परिक्रमा पर रोक के बाद गिरफ्तार किए गए विहिप डॉ. नेता प्रवीण तोगड़िया, डॉ. रामविलास वेदांती, पूर्व विधायक लल्लू सिंह को मध्य रात्रि में इस तरह से पुलिस अलीगंज की अस्थायी जेल में लेकर पहुंची। हालांकि दिन में हाईकोर्ट के सभी गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने के आदेश के बाद ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। लखनऊ से शासन द्वारा इन्हें रिहा किए जाने की जानकारी दी जा रही थी। उधर अलीगंज में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। एक तरफ पुलिस और प्रशासन की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी ओर एक संशय बनाया जा रहा। ताकि भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं का जमावड़ा न लगे। ऐसा हुआ भी। कभी कन्नौज तो कभी कायमगंज से गुजरने की बात सामने आई तो कभी लोकेशन फर्रुखाबाद और शिकोहाबाद में दी जाती रही। रात दस बजे तक जमे रहे अधिकांश कार्यकर्ता थककर लौट गए।
प्रशासन ने बल्लियां लगाकर अलीगंज एवं कायमगंज मार्ग को बंद कर दिया। एटा रोड पर दो बैरियर लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया। ऐसे में माना जा रहा था कि गिरफ्तार नेता इधर से ही आएंगे, लेकिन ऐन वक्त पर कायमगंज रोड की बेरीकेडिंग तोड़कर आधा दर्जन वाहनों को पुलिस ने अस्थायी जेल में एंट्री दी। एक ग्रे रंग की इनोवा सहित आधा दर्जन वाहनों के घुसते ही गेट बंद कर दिया गया। इसी बीच विहिप नेताओं के काफिले का एस्कॉर्ट पायलट बनी पुलिस जीप रूट भूल गई। वह जनता दुर्गा मंदिर से शांती नगर की ओर मुड़ने के बजाय सीधे जीटी रोड पर चली गई। गलती का अहसास होते ही तुरंत लौट कर आई। इसी बीच मीडिया के कुछ लोगों ने दीवार पर चढ़कर आवाज लगाई तो लल्लू सिंह बाहर आए और हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इसके बाद स्थिति साफ हो पाई कि तीनों नेताओं को यहां लाया गया है।
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सोमवार को दिन भर यहां तैयारियां चलती रहीं। निरीक्षण भवन के चारों सूट में एयर कंडीशनर लगवाए गए। वहीं दो जनरेटर की भी व्यवस्था की गई। तिराहे पर स्थित भवन को जाने वाले तीनों मार्गों को बेरीकेडिंग लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। पूरे परिसर को छावनी बना दिया गया। दर्जनों दुकानों को जबरन बंद करा दिया गया। इस पूरे स्थल की लाइट कटवाकर यहां ब्लैक आउट करवा दिया। पालिका की लाइट को भी बंद कराया गया। एडीशनल एसपी राधेमोहन भारद्वाज के निर्देश पर मीडियाकर्मियों को भी बेरीकेडिंग से निकाल दिया गया। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी कर पुलिस प्रशासन का विरोध किया।
कार्यकर्ता देखकर गाड़ी से उतरे तोगड़िया
एटा। मंगलवार सुबह सवा आठ बजे रिहा हुए नेताओं के एटा आने की खबर से सैकड़ों समर्थक एवं पत्रकार अलीगंज तिराहे पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को देखकर तोगड़िया गाड़ी रुकवाकर उतर आए। समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। माहौल नारों से गूंज उठा। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एडवोकेट, पंकज चौहान, मीडिया प्रभारी बल्देव सिंह राठौर, पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, हरेंद्र राजपूत, लबली राठौर, अरविंद गुप्ता, धीरेंद्र सोलंकी, वीरेंद्र वार्णेय, वीरेंद्र वर्मा, संचित चौहान, विश्व प्रताप सिंह आदि कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
अलीगंज घटनाक्रम एक नजर में
26 अगस्त
- 09:00 बजे सुबह डाक बंगला में बनाई अस्थायी जेल में बैरीकेडिंग लगना शुरू हुई
- 10 बजे से चार कमरों में एसी, पंखे और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की गईं
- दोपहर दो बजे से अलीगंज सर्किल का पुलिस फोर्स पहुंचना शुरू हो गया
- रात लगभग आठ बजे एसडीएम भैरपाल सिंह व अन्य अधिकारी पहुंचना शुरू हो गए
- 8:30 बजे बेरीकेडिंग परिसर में खड़े मीडिया कर्मियों और एसडीएम की कहासुनी, डीएम लोकेश से वार्ता के बाद उन्हें वहीं खड़े रहने दिया। आम लोगों को बाहर कर दिया
- 8:35 बजे परिसर में जल रही लाइट को बंद कराकर परिसर में ब्लैक आउट कर दिया गया
- 8.45 बजे डाक बंगला के सामने खुली दुकानों को जबरदस्ती पुलिस ने बंद कराया
- 9:00 भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एडवोकेट को कार्यकर्ताओं संग पुलिस ने रोक दिया। पुलिस से कहासुनी भी हो गई
- 10:00 बजे पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक राधेमोहन भारद्वाज ने फिर मीडिया कर्मियों को बेरीकेडिंग से बाहर किया
- 10:30 बजे पहुंचे विहिप व भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू की
- 12:00 बजे विहिप नेता डीएम-एसएसपी से तोगड़िया के आने की जानकारी लेने पहुंचे
- 12.38 बजे डॉ. तोगड़िया, डॉ. वेदांती व लल्लू सिंह का काफिला सीधे डाक बंगला पहुंचा
- 12.39 बजे रोड की लाइट ऑन कर दी गई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की
- रात 12.47 बजे डीएम-एसएसपी तहसील से चलकर डाक बंगला पहुंचे और विहिप नेताओं से वार्ता की। बाद में रवाना हो गए
27 अगस्त
- सुबह सात बजे डीएम पहुंचे और नेताओं को रिहा करने के आदेश दिए
- 8.05 बजे एस्कार्ट की गाड़ियां डाक बंगला के अंदर र्गइं
- 8.10 बजे तीनों नेता अपने कमरों से निकले और गाड़ियों की तरफ रवाना हुए
- 8.15 बजे गेट के बाहर गाड़ियां निकलीं। इसके बाद एटा की ओर रवाना हो गए
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फैजाबाद में 84 कोसी परिक्रमा पर रोक के बाद गिरफ्तार किए गए विहिप डॉ. नेता प्रवीण तोगड़िया, डॉ. रामविलास वेदांती, पूर्व विधायक लल्लू सिंह को मध्य रात्रि में इस तरह से पुलिस अलीगंज की अस्थायी जेल में लेकर पहुंची। हालांकि दिन में हाईकोर्ट के सभी गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने के आदेश के बाद ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। लखनऊ से शासन द्वारा इन्हें रिहा किए जाने की जानकारी दी जा रही थी। उधर अलीगंज में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। एक तरफ पुलिस और प्रशासन की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी ओर एक संशय बनाया जा रहा। ताकि भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं का जमावड़ा न लगे। ऐसा हुआ भी। कभी कन्नौज तो कभी कायमगंज से गुजरने की बात सामने आई तो कभी लोकेशन फर्रुखाबाद और शिकोहाबाद में दी जाती रही। रात दस बजे तक जमे रहे अधिकांश कार्यकर्ता थककर लौट गए।
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प्रशासन ने बल्लियां लगाकर अलीगंज एवं कायमगंज मार्ग को बंद कर दिया। एटा रोड पर दो बैरियर लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया। ऐसे में माना जा रहा था कि गिरफ्तार नेता इधर से ही आएंगे, लेकिन ऐन वक्त पर कायमगंज रोड की बेरीकेडिंग तोड़कर आधा दर्जन वाहनों को पुलिस ने अस्थायी जेल में एंट्री दी। एक ग्रे रंग की इनोवा सहित आधा दर्जन वाहनों के घुसते ही गेट बंद कर दिया गया। इसी बीच विहिप नेताओं के काफिले का एस्कॉर्ट पायलट बनी पुलिस जीप रूट भूल गई। वह जनता दुर्गा मंदिर से शांती नगर की ओर मुड़ने के बजाय सीधे जीटी रोड पर चली गई। गलती का अहसास होते ही तुरंत लौट कर आई। इसी बीच मीडिया के कुछ लोगों ने दीवार पर चढ़कर आवाज लगाई तो लल्लू सिंह बाहर आए और हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इसके बाद स्थिति साफ हो पाई कि तीनों नेताओं को यहां लाया गया है।
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सोमवार को दिन भर यहां तैयारियां चलती रहीं। निरीक्षण भवन के चारों सूट में एयर कंडीशनर लगवाए गए। वहीं दो जनरेटर की भी व्यवस्था की गई। तिराहे पर स्थित भवन को जाने वाले तीनों मार्गों को बेरीकेडिंग लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। पूरे परिसर को छावनी बना दिया गया। दर्जनों दुकानों को जबरन बंद करा दिया गया। इस पूरे स्थल की लाइट कटवाकर यहां ब्लैक आउट करवा दिया। पालिका की लाइट को भी बंद कराया गया। एडीशनल एसपी राधेमोहन भारद्वाज के निर्देश पर मीडियाकर्मियों को भी बेरीकेडिंग से निकाल दिया गया। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी कर पुलिस प्रशासन का विरोध किया।
कार्यकर्ता देखकर गाड़ी से उतरे तोगड़िया
एटा। मंगलवार सुबह सवा आठ बजे रिहा हुए नेताओं के एटा आने की खबर से सैकड़ों समर्थक एवं पत्रकार अलीगंज तिराहे पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को देखकर तोगड़िया गाड़ी रुकवाकर उतर आए। समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। माहौल नारों से गूंज उठा। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एडवोकेट, पंकज चौहान, मीडिया प्रभारी बल्देव सिंह राठौर, पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, हरेंद्र राजपूत, लबली राठौर, अरविंद गुप्ता, धीरेंद्र सोलंकी, वीरेंद्र वार्णेय, वीरेंद्र वर्मा, संचित चौहान, विश्व प्रताप सिंह आदि कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
अलीगंज घटनाक्रम एक नजर में
26 अगस्त
- 09:00 बजे सुबह डाक बंगला में बनाई अस्थायी जेल में बैरीकेडिंग लगना शुरू हुई
- 10 बजे से चार कमरों में एसी, पंखे और अन्य व्यवस्थाएं पूरी की गईं
- दोपहर दो बजे से अलीगंज सर्किल का पुलिस फोर्स पहुंचना शुरू हो गया
- रात लगभग आठ बजे एसडीएम भैरपाल सिंह व अन्य अधिकारी पहुंचना शुरू हो गए
- 8:30 बजे बेरीकेडिंग परिसर में खड़े मीडिया कर्मियों और एसडीएम की कहासुनी, डीएम लोकेश से वार्ता के बाद उन्हें वहीं खड़े रहने दिया। आम लोगों को बाहर कर दिया
- 8:35 बजे परिसर में जल रही लाइट को बंद कराकर परिसर में ब्लैक आउट कर दिया गया
- 8.45 बजे डाक बंगला के सामने खुली दुकानों को जबरदस्ती पुलिस ने बंद कराया
- 9:00 भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एडवोकेट को कार्यकर्ताओं संग पुलिस ने रोक दिया। पुलिस से कहासुनी भी हो गई
- 10:00 बजे पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक राधेमोहन भारद्वाज ने फिर मीडिया कर्मियों को बेरीकेडिंग से बाहर किया
- 10:30 बजे पहुंचे विहिप व भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू की
- 12:00 बजे विहिप नेता डीएम-एसएसपी से तोगड़िया के आने की जानकारी लेने पहुंचे
- 12.38 बजे डॉ. तोगड़िया, डॉ. वेदांती व लल्लू सिंह का काफिला सीधे डाक बंगला पहुंचा
- 12.39 बजे रोड की लाइट ऑन कर दी गई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की
- रात 12.47 बजे डीएम-एसएसपी तहसील से चलकर डाक बंगला पहुंचे और विहिप नेताओं से वार्ता की। बाद में रवाना हो गए
27 अगस्त
- सुबह सात बजे डीएम पहुंचे और नेताओं को रिहा करने के आदेश दिए
- 8.05 बजे एस्कार्ट की गाड़ियां डाक बंगला के अंदर र्गइं
- 8.10 बजे तीनों नेता अपने कमरों से निकले और गाड़ियों की तरफ रवाना हुए
- 8.15 बजे गेट के बाहर गाड़ियां निकलीं। इसके बाद एटा की ओर रवाना हो गए