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Etah News: इफ्को की फर्जी वेबसाइट बना 7.51 लाख ठगे
Fri, 16 Jan 2026 11:36 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:36 PM IST
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एटा। साइबर ठगों ने इफ्को की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से 7.51 लाख रुपये ठग लिए। दिल्ली स्थित इफ्को मुख्यालय पहुंचने पर पीड़ित को ठगी का पता चला। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव रामपुर घनश्याम निवासी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि वह रोजगार की तलाश में था। इसी दौरान उसे https://iffcofertillizeres.in नामक एक वेबसाइट पर इफको डीलरशिप से संबंधित विज्ञापन दिखाई दिया।
वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो उधर से बात करने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। इन लोगों ने अपना नाम विकास सक्सेना और गौरव मिश्रा बताते हुए बातचीत की और एटा में डीलरशिप का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि इन लोगों ने बीमा, रजिस्ट्रेशन, उत्पाद और एनओसी आदि के नाम पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इनकी बातों में आकर पीड़ित ने 22 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तीन अलग-अलग खातों में किस्तों के जरिए कुल 751700 रुपये डाल दिए। इन दोनों ने आश्वासन दिया था कि 1 जनवरी को डीलरशिप के कागजात के साथ लगभग 2 लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे।
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जब तय तारीख तक कोई रकम वापस नहीं मिली और आरोपी एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे तो उसको शक हुआ।
इसके बाद परिजन के साथ दिल्ली के साकेत पैलेस लाजपत नगर स्थित इफ्को के मुख्य कार्यालय पहुंचा। वहां पूछताछ करने पर अधिकारियों ने बताया कि विकास सक्सेना और गौरव मिश्रा नाम के कोई कर्मचारी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं।
तब पता चला कि यह पूरी तरह से साइबर ठगी का मामला है। सीओ सिटी राजेश सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
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वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया तो उधर से बात करने वाले ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया। इन लोगों ने अपना नाम विकास सक्सेना और गौरव मिश्रा बताते हुए बातचीत की और एटा में डीलरशिप का भरोसा दिलाया।
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आरोप है कि इन लोगों ने बीमा, रजिस्ट्रेशन, उत्पाद और एनओसी आदि के नाम पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इनकी बातों में आकर पीड़ित ने 22 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तीन अलग-अलग खातों में किस्तों के जरिए कुल 751700 रुपये डाल दिए। इन दोनों ने आश्वासन दिया था कि 1 जनवरी को डीलरशिप के कागजात के साथ लगभग 2 लाख रुपये वापस कर दिए जाएंगे।
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जब तय तारीख तक कोई रकम वापस नहीं मिली और आरोपी एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे तो उसको शक हुआ।
इसके बाद परिजन के साथ दिल्ली के साकेत पैलेस लाजपत नगर स्थित इफ्को के मुख्य कार्यालय पहुंचा। वहां पूछताछ करने पर अधिकारियों ने बताया कि विकास सक्सेना और गौरव मिश्रा नाम के कोई कर्मचारी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं।
तब पता चला कि यह पूरी तरह से साइबर ठगी का मामला है। सीओ सिटी राजेश सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।