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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   35 people from 10 families adopted Sanatan Dharma In Etah became Christians in 1995

एटा में घर वापसी: 10 परिवारों के 35 लोगों ने अपनाया सनातन धर्म, हवन-पूजन कर लिया संकल्प, 1995 में बने थे ईसाई

Mon, 02 Jan 2023 06:33 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 02 Jan 2023 06:33 PM IST
सार

एटा में हिंदू एकता समूह के सदस्यों ने 35 लोगों की सनातम धर्म में वापसी कराई। ये वह परिवार थे जिन्होंने किसी लालच या दबाव में आकर सन 1995 में सनातन से ईसाई धर्म अपना लिया था। 

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35 people from 10 families adopted Sanatan Dharma In Etah became Christians in 1995
ईसाई धर्म के 35 लोगों ने अपनाया सनातन धर्म - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के जरानी कलां गांव में सोमवार को 10 परिवारों के 35 लोगों की सनातन धर्म में घर वापसी हुई। इन लोगों ने 1995 में ईसाई धर्म अपना लिया था। इसके बाद से ईसाई धर्म के हिसाब से जीवनयापन कर रहे थे।
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हिंदू एकता समूह के सदस्यों ने उन्हें सनातन की महत्ता बताकर एवं समझाकर वापस सनातन आने के लिए तैयार किया। सोमवार को गांव के पथवारी माता मंदिर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 35 लोगों से हवन में आहुति दिलाकर स्वेच्छा से धर्म वापसी कराई गई। 
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सनातन धर्म में वापसी के रहे इच्छुक

संस्थापक शुभम हिंदू ने बताया कि 1995 में इन परिवारों को लोभ, लालच देकर और गुमराह कर धर्मांतरण कराया गया था। बात करने पर यह लोग सनातन धर्म में वापसी के इच्छुक दिखे। इस पर उन्हें समझाने के बाद यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कृष्णा, सोनू, अतुल, शिवम, मुकेश, अंशु, होडल, विमर्श, रिंकू, राहुल बजाज, विनोद, विनय, राहुल, अभिषेक, शरद, प्रबल आदि मौजूद रहे।
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दिलाया धर्मांतरण न करने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों को फिर कभी धर्मांतरण न करने और सनातन धर्म न छोड़ने का संकल्प दिलाया गया। संस्थापक ने बताया कि इन परिवारों ने 1995 में हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। इसके बाद देवी-देवताओं के फोटो अलग कर प्रत्येक रविवार को चर्च बुलाया जाने लगा। 


बातचीत के दौरान इन लोगों ने बताया कि चर्च पर आकर प्रार्थना करना अनिवार्य था। नहीं पहुंचने पर वह लोग घर आकर डांटते थे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी को संकल्प दिलाने के बाद कहा कि हमारे पूर्वजों ने सनातन धर्म के लिए अपने प्राण तक दे दिए, उन्हें अपमानित मत करो।
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