{"_id":"629bcf4e695f2c252d4591388a718b04","slug":"32-farmers-received-1-92-million-prize-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"32 किसानों को मिला 1.92 लाख का पुरस्कार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
32 किसानों को मिला 1.92 लाख का पुरस्कार
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन बुधवार को प्रशासन ने किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया। कृषि विभाग ने उप कृषि निदेशक कार्यालय पर किसान मेले और कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें कृषि विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर किसानों को नई तकनीक की जानकारी दी गई और उत्कृष्ट खेती के लिए जागरूक किया। वहीं, उत्कृष्ट खेती करने वाले जिले के 32 किसानों को नकद राशि के पुरस्कार के साथ प्रतीक चिन्ह और शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम निधि केसरवानी ने फीता काटकर और चौ. चरण सिंह के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीएम ने कहा कि आज के युग में खेती का विकास होना बेहद जरूरी है। कृषि विकास रूपी रथ का पहिया है। शासन ने किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, जिनमें बागवानी, पशुपालन, भूमि समतलीकरण, मेढ़बंदी, मनरेगा आदि शामिल हैं। शासन का प्रयास है कि किसानों की प्रगति में हर हाल में सुधार हो, खेती में नई तकनीकी का प्रयोग कर अन्य किसानों को भी जागरूक करें।
डीएम ने कहा कि पशुपालन में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। आज मनरेगा अतिरिक्त आय के रूप में उपलब्ध है। इसके अंतर्गत एनआरएलएम आदि योजनाएं शामिल हैं। सभी किसान पंजीकरण कराएं। डीएम ने किसान पारदर्शी योजना के तहत संचालित आनलाइन कंप्यूटरीकरण का भी क्लिक कर शुभारंभ किया। गोष्ठी में परियोजना निदेशक केके वैश्य, पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी, डीडी कृषि जयप्रकाश, एसडीएम सुनील यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम निधि केसरवानी ने फीता काटकर और चौ. चरण सिंह के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीएम ने कहा कि आज के युग में खेती का विकास होना बेहद जरूरी है। कृषि विकास रूपी रथ का पहिया है। शासन ने किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, जिनमें बागवानी, पशुपालन, भूमि समतलीकरण, मेढ़बंदी, मनरेगा आदि शामिल हैं। शासन का प्रयास है कि किसानों की प्रगति में हर हाल में सुधार हो, खेती में नई तकनीकी का प्रयोग कर अन्य किसानों को भी जागरूक करें।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि पशुपालन में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। आज मनरेगा अतिरिक्त आय के रूप में उपलब्ध है। इसके अंतर्गत एनआरएलएम आदि योजनाएं शामिल हैं। सभी किसान पंजीकरण कराएं। डीएम ने किसान पारदर्शी योजना के तहत संचालित आनलाइन कंप्यूटरीकरण का भी क्लिक कर शुभारंभ किया। गोष्ठी में परियोजना निदेशक केके वैश्य, पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी, डीडी कृषि जयप्रकाश, एसडीएम सुनील यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन