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Etah News: एक महीने में वायरल हेपेटाइटिस के मिले 29 मरीज
Mon, 30 Jun 2025 05:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 30 Jun 2025 05:56 PM IST
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एटा। बारिश का मौसम आते ही तमाम बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसी तरह वायरल हेपेटाइटिस भी बढ़ने लगा है। जून माह में 29 मरीज चपेट में आ चुके हैं, जिनका मेडिकल कॉलेज में उपचार किया जा रहा है। वहीं, कुछ मरीजों की डायलिसिस भी कराई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस लिवर की एक बीमारी है जो वायरस के कारण होती है। यह एक संक्रामक रोग है जो लिवर में सूजन और क्षति का कारण बनता है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई अलग-अलग वायरस के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीके उपलब्ध हैं। हेपेटाइटिस बी और सी के प्रसार को रोकने के लिए इंजेक्शन साझा करने से बचना चाहिए और रक्त चढ़ाने से पहले इसकी जांच करानी चाहिए।
देरी से इलाज कराने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। बताया कि जून माह में 29 मरीज आ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यहां पर डायलिसिस की सुविधा कर दी गई है जिससे फिरोजाबाद, कासगंज समेत आसपास के जिले के मरीज पहुंच रहे हैं।
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हेपेटाइटिस की चार साल से दवा ले रहे हैं। यहां पर दवाओं के साथ डायलिसिस की भी सुविधा मिल रही है, जिससे काफी आराम है। -राजपाल, किशनगढ़
पांच माह से हेपेटाइटिस का उपचार करा रहे हैं। काफी आराम मिला है। आज यहां पर डायलिसिस कराने के लिए आए हैं। -गीता देवी, फतेहपुर
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ये हैं लक्षण
- भूख न लगना।
- आंखें पीली पड़ना।
- कमजोरी महसूस करना।
ये हैं कारण
- एक ही इंजेक्शन कई व्यक्ति को लगाना
- फैटी लिवर
- फास्ट फूड, चिकनाई युक्त भोजन अधिक खाना।
ये हैं बचाव
- अधिक से अधिक पानी पीएं
- टॉयलेट को ज्यादा देर तक न रोकें।
- शाम को हल्का भोजन लें।
- लक्षण मालूम पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस लिवर की एक बीमारी है जो वायरस के कारण होती है। यह एक संक्रामक रोग है जो लिवर में सूजन और क्षति का कारण बनता है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई अलग-अलग वायरस के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीके उपलब्ध हैं। हेपेटाइटिस बी और सी के प्रसार को रोकने के लिए इंजेक्शन साझा करने से बचना चाहिए और रक्त चढ़ाने से पहले इसकी जांच करानी चाहिए।
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देरी से इलाज कराने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। बताया कि जून माह में 29 मरीज आ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यहां पर डायलिसिस की सुविधा कर दी गई है जिससे फिरोजाबाद, कासगंज समेत आसपास के जिले के मरीज पहुंच रहे हैं।
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हेपेटाइटिस की चार साल से दवा ले रहे हैं। यहां पर दवाओं के साथ डायलिसिस की भी सुविधा मिल रही है, जिससे काफी आराम है। -राजपाल, किशनगढ़
पांच माह से हेपेटाइटिस का उपचार करा रहे हैं। काफी आराम मिला है। आज यहां पर डायलिसिस कराने के लिए आए हैं। -गीता देवी, फतेहपुर
ये हैं लक्षण
- भूख न लगना।
- आंखें पीली पड़ना।
- कमजोरी महसूस करना।
ये हैं कारण
- एक ही इंजेक्शन कई व्यक्ति को लगाना
- फैटी लिवर
- फास्ट फूड, चिकनाई युक्त भोजन अधिक खाना।
ये हैं बचाव
- अधिक से अधिक पानी पीएं
- टॉयलेट को ज्यादा देर तक न रोकें।
- शाम को हल्का भोजन लें।
- लक्षण मालूम पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करें।