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Etah News: साल बीतने के बाद 240 करोड़ की जिला योजना आई याद
Sun, 26 Mar 2023 12:23 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 26 Mar 2023 12:23 AM IST
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एटा। लगभग पूरा वित्तीय वर्ष बीत गया, लेकिन जिला योजना समिति की बैठक नहीं हो सकी। अब साल के आखिरी दिनों में शुक्रवार को इस पर चर्चा की गई। जिले के प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने अधिकारियों के साथ बैठक कर करीब 240 करोड़ की इस योजना को मंजूरी तो दे दी है। लेकिन सवाल यही बना हुुआ है कि कब यह शासन में भेजी जाएगी और कब बजट मिलेगा? जबकि पांच दिन बाद नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा।
यह योजना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिसमें सभी विभागों के प्रस्ताव शामिल किए जाते हैं। सामान्य तौर पर नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही जिला प्रशासन की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया जाता है। जबकि दो-तीन महीने बाद शासन से भेजे गए प्रतिनिधि इसे मंजूरी दे देते हैं। जिसके बाद इन प्रस्तावों को शासन में भेजा जाता है और विकास आदि कार्यों के लिए मांग के अनुसार बजट मिलने लगता है।
लेकिन इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत हुई तो सरकार का भी गठन नए सिरे से हुआ था। नया मंत्रिमंडल बनने में समय लगा। लेकिन जिलों के लिए प्रभारी मंत्री लंबे समय तक बनाए ही नहीं गए। उधर, जिला प्रशासन ने जिला योजना के प्रस्ताव बनाकर तैयार कर लिए, जो फाइलों में बंद धरे रह गए।
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जनवरी में प्रभारी मंत्री के रूप में केपी मलिक को जिम्मेदारी दे दी गई। इसके साथ ही लोगों की उम्मीदें मजबूत हुईं। जिला प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी। इस बीच एक बार प्रभारी मंत्री एटा आए भी, लेकिन जिला योजना पर कोई चर्चा नहीं हुई। औपचारिक बैठकें कर वह चले गए। 25 मार्च को उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर जिला योजना को मंजूरी दी है।
समय से पास होती जिला योजना तो मिलता फायदा
जिला योजना का लाभ जनपदवासियों को तब मिलता जब यह समय से पास होती। ऐसे में शासन से बजट उपलब्ध हो पाता और विकास कार्य धरातल पर उतरते। 240 करोड़ के प्रस्तावों से जिले की सूरत में काफी बदलाव आ सकता था।
ये हैं बड़े प्रस्ताव
मनरेगा - 69.15 करोड़
ग्रामीण आवास - 36.47 करोड़
सड़क एवं पुल - 20.25 करोड़
लघु सिंचाई - 14.38 करोड़
ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम (पंचायत) - 12.80 करोड़
पंचायती राज - 11.26 करोड़
बैठक में उठी नए बाईपास की मांग
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिला योजना के तहत सभी वर्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क के साथ ही ग्राम्य विकास पर विशेष बल दिया गया है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी भेदभाव के ग्रामों में विकास कार्य कराते हुए पात्रों को योजनाओं से लाभांवित किया जाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर में आगरा मार्ग पर नए बाईपास और एटा-टूंडला मार्ग को फोरलेन कराने की मांग उठाई। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए।
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यह योजना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। जिसमें सभी विभागों के प्रस्ताव शामिल किए जाते हैं। सामान्य तौर पर नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही जिला प्रशासन की ओर से इस पर काम शुरू कर दिया जाता है। जबकि दो-तीन महीने बाद शासन से भेजे गए प्रतिनिधि इसे मंजूरी दे देते हैं। जिसके बाद इन प्रस्तावों को शासन में भेजा जाता है और विकास आदि कार्यों के लिए मांग के अनुसार बजट मिलने लगता है।
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लेकिन इस वित्तीय वर्ष की शुरूआत हुई तो सरकार का भी गठन नए सिरे से हुआ था। नया मंत्रिमंडल बनने में समय लगा। लेकिन जिलों के लिए प्रभारी मंत्री लंबे समय तक बनाए ही नहीं गए। उधर, जिला प्रशासन ने जिला योजना के प्रस्ताव बनाकर तैयार कर लिए, जो फाइलों में बंद धरे रह गए।
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जनवरी में प्रभारी मंत्री के रूप में केपी मलिक को जिम्मेदारी दे दी गई। इसके साथ ही लोगों की उम्मीदें मजबूत हुईं। जिला प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी। इस बीच एक बार प्रभारी मंत्री एटा आए भी, लेकिन जिला योजना पर कोई चर्चा नहीं हुई। औपचारिक बैठकें कर वह चले गए। 25 मार्च को उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर जिला योजना को मंजूरी दी है।
समय से पास होती जिला योजना तो मिलता फायदा
जिला योजना का लाभ जनपदवासियों को तब मिलता जब यह समय से पास होती। ऐसे में शासन से बजट उपलब्ध हो पाता और विकास कार्य धरातल पर उतरते। 240 करोड़ के प्रस्तावों से जिले की सूरत में काफी बदलाव आ सकता था।
ये हैं बड़े प्रस्ताव
मनरेगा - 69.15 करोड़
ग्रामीण आवास - 36.47 करोड़
सड़क एवं पुल - 20.25 करोड़
लघु सिंचाई - 14.38 करोड़
ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम (पंचायत) - 12.80 करोड़
पंचायती राज - 11.26 करोड़
बैठक में उठी नए बाईपास की मांग
बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिला योजना के तहत सभी वर्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क के साथ ही ग्राम्य विकास पर विशेष बल दिया गया है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बिना किसी भेदभाव के ग्रामों में विकास कार्य कराते हुए पात्रों को योजनाओं से लाभांवित किया जाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर में आगरा मार्ग पर नए बाईपास और एटा-टूंडला मार्ग को फोरलेन कराने की मांग उठाई। प्रभारी मंत्री ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए।