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220 खाताधारकों को आयकर का नोटिस
Amar Ujala
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:14 AM IST
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आपने अपने बैंक खाते से एक साल में 10 लाख से या इससे अधिक का ट्रांजक्शन तो नहीं किया। यदि ऐसा किया है तो सावधान हो जाइए। जिले के ऐसे 220 खाताधारकों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है।
खाते धारक बैंक से लेनदेन तो बड़े बडे़ करते हैं, लेकिन रिटर्न दाखिल करना जरूरी नहीं समझते। आयकर विभाग ने एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख की सीमा निर्धारित कर रखी है। इस सीमा के पूरा होते ही खाता धारक आयकर विभाग के फंदे में फंस जाएंगे। विभाग ऐसे खाता धारकों का बैंक का विवरण बैंक से संग्रहित करा लेता है। सात साल में इस तरह के मामले को आयकर विभाग को निस्तारित करना होता है। मार्च माह शुरू होते ही आयकर विभाग इस समय सीमा में आने वाले खाताधारकों की फाइलों को खोल लेता है और उनको नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। विभाग ने इस समय वित्तीय वर्ष 2009-10 से जुडे़ खाता धारकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 220 खाताधारकों को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मांगा है।
नोटिस से लोगों में हड़कंप मच रहा है। कई लोग नोटिस का जबाव देने के लिए सीए, आयकर से संबंधित कार्यकरने वाले अधिवक्ताओं से भी संपर्क साध रहे हैं।
नोटिस भेजने में हो रही गलती
कासगंज। आयकर विभाग से भेजे जाने वाले नोटिस में लापरवाही भी सामने आ रही है। मिलते नाम के फेर में दूसरे के हाथ में नोटिस पहुंच रहा है। नगरिया में पुरषोत्तम के नाम का नोटिस गांव के ही दूसरे व्यक्ति के हाथ में पहुंच गया।
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वित्तीय वर्ष 2009-10 के खाताधारकों का यह आंतिम वर्ष है। जिससे इस वित्तीय वर्ष से जुड़े खाताधारकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। विभाग रुटीन प्रक्रिया के तहत नोटिस भेज रहा है। नोटिस के माध्यम से दिए जाने वाले जबाव से संतुष्ट न होने पर विभाग कार्रवाई भी करेगा। 31 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी-अंकित तिवारी आयकर निरीक्षक
खाते धारक बैंक से लेनदेन तो बड़े बडे़ करते हैं, लेकिन रिटर्न दाखिल करना जरूरी नहीं समझते। आयकर विभाग ने एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख की सीमा निर्धारित कर रखी है। इस सीमा के पूरा होते ही खाता धारक आयकर विभाग के फंदे में फंस जाएंगे। विभाग ऐसे खाता धारकों का बैंक का विवरण बैंक से संग्रहित करा लेता है। सात साल में इस तरह के मामले को आयकर विभाग को निस्तारित करना होता है। मार्च माह शुरू होते ही आयकर विभाग इस समय सीमा में आने वाले खाताधारकों की फाइलों को खोल लेता है और उनको नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। विभाग ने इस समय वित्तीय वर्ष 2009-10 से जुडे़ खाता धारकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक 220 खाताधारकों को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मांगा है।
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नोटिस से लोगों में हड़कंप मच रहा है। कई लोग नोटिस का जबाव देने के लिए सीए, आयकर से संबंधित कार्यकरने वाले अधिवक्ताओं से भी संपर्क साध रहे हैं।
नोटिस भेजने में हो रही गलती
कासगंज। आयकर विभाग से भेजे जाने वाले नोटिस में लापरवाही भी सामने आ रही है। मिलते नाम के फेर में दूसरे के हाथ में नोटिस पहुंच रहा है। नगरिया में पुरषोत्तम के नाम का नोटिस गांव के ही दूसरे व्यक्ति के हाथ में पहुंच गया।
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वित्तीय वर्ष 2009-10 के खाताधारकों का यह आंतिम वर्ष है। जिससे इस वित्तीय वर्ष से जुड़े खाताधारकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। विभाग रुटीन प्रक्रिया के तहत नोटिस भेज रहा है। नोटिस के माध्यम से दिए जाने वाले जबाव से संतुष्ट न होने पर विभाग कार्रवाई भी करेगा। 31 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी-अंकित तिवारी आयकर निरीक्षक