मुरादाबाद: जबर्दस्त बवाल, पथराव और फायरिंग
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कांठ के नया गांव अकबरपुर चैदरी में मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर पिछले पंद्रह दिन से सुलग रही चिंगारी शुक्रवार को शोला बनकर धधक उठी। जिसमें कानून व्यवस्था जलकर राख हो गई। मंदिर से जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने और महिलाओं पर लाठीचार्ज से भड़के हिंदू संगठनों ने शुक्रवार सुबह से ही सड़क पर कब्जा कर रोड जाम कर दिया। भीड़ ने स्थानीय विधायक अनीसुर्रहमान और मंत्री आजम खां के पुतले भी फूंके।
पुलिस ने धरने पर बैठे भाजपा नेताओं और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया, जिस पर भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस पर पत्थर बरसा दिए। जिसके बाद दोनों ओर से जबरदस्त पथराव और फायरिंग हुई। जिसमें दो डिप्टी एसपी समेत दर्जनभर पुलिस वाले और बीस से ज्यादा ग्रामीण जख्मी हुए हैं।
आक्रोशित भीड़ ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी समेत छह वाहनों को भी तोड़ डाला। देर रात तक कांठ में पथराव फायरिंग हुई। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के साथ आला पुलिस प्रशासनिक अफसर मौके डटे थे। भाजपा नेताओं समेत 50 नामजद और 500 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज।
घरों के दरवाजे तोड़कर पुलिस ने पीटा
अकबरपुर चेंदरी में मंदिर पर लगे लाउडस्पीकर को उतरवाने की मांग करते हुए दूसरे वर्ग ने पंद्रह दिन पहले एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया था। गुरुवार को प्रशासन ने मंदिर के ताले तोड़कर जबरन लाउडस्पीकर उतार दिया था और विरोध करने पर महिलाओं पर लाठीचार्ज के साथ ही चार महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जिसके विरोध में शुक्रवार को सुबह दस बजे भाजपा, हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों के लोगों ने कांठ पहुंचकर पेट्रोल पंप तिराहे पर मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग जाम कर दिया। ये लोग मंदिर पर दोबारा लाउडस्पीकर लगाने और गिरफ्तार महिलाओं को रिहा करने की मांग कर रहे थे। शाम को चार बजे तक पुलिस प्रशासन समझाता रहा लेकिन भीड़ नहीं मानी और खुद ही मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने का ऐलान कर डाला। जिस पर पुलिस ने भाजपा और हिंदू जागरण मंच के दस पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।
इस पर भीड़ भड़क गई और पथराव कर सीओ कांठ राहुल, सीओ कोतवाली महेश सिंह राणा समेत कई पुलिस वालों को जख्मी कर दिया। पुलिस ने भी जवाब में पथराव और फायरिंग की। आंसू गैस के गोले, पंप एक्शन गन और रबर बुलेट चलाईं। पुलिस ने घरों के दरवाजे तोड़कर लोगों को बेरहमी से पीटा और उठा ले गई। देर रात तक चालीस से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया और 19 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
अफसरों के ‘अनाड़ीपन’ ने बिगाड़े हालात
हालात अफसरों के ‘अनाड़ीपन’ ने ही बिगाड़े। धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारने में इतनी जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए थी। पहले ग्रामीणों को विश्वास में लिया जाता उसके बाद कोई कदम उठाते। पुलिस का रवैया भी बेहद खराब रहा। लाठीचार्ज ने इस एक गांव के प्रकरण को जिले का मुद्दा बना दिया। दूसरी कमी भीड़ से नेताओं की गिरफ्तारी का फैसला रही। गिरफ्तारी के बाद ही भीड़ बेकाबू हुई।
कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी में एक धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर का विवाद पिछले करीब दस दिन से चल रहा था। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ ग्रामीणों की वार्ता होती रही। गांव वाले जिद पर अड़े थे कि वह लाउडस्पीकर नहीं हटाएंगे। बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंचे और फोर्स के बूते लाउडस्पीकर उतरवा दिया। विरोध स्वाभाविक था। अफसरों ने भी समझाने की कोशिश करने की बजाए सीधे लाठीचार्ज करा दिया। महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। बस यहीं से यह मुद्दा जिले का बन गया। हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को हरिद्वार मार्ग जाम का ऐलान किया
कांठ में पेट्रोल पंप के सामने तमाम हिंदू संगठनों के नेता और अकबरपुर चैदरी के लोग इकट्ठा हो गए। करीब दस बजे जाम लगा दिया था। इस बीच अधिकारी भी ग्रामीणों को समझाने पहुंचे। कई दौर की वार्ता चली लेकिन बात बनी नहीं। यहां फिर प्रशासन ने चूक की और पब्लिक के बीच से नेताओं को गिरफ्तार करा लिया। लोग भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने भी फायरिंग कर दी। कई राउंड गोलियां यहां चलाई गईं। भीड़ ने भी जमकर पथराव किया। देर रात तक पुलिस और पब्लिक के बीच संघर्ष होता रहा। कांठ का बाजार बंद दिन भर बंद रहा। दोपहर तक पूरे मामले को हल्के में लेने वाला प्रशासन शाम को एक्टिव हुआ और अधिकारियों को दौड़ाया गया।
शांति में आग, कोसों तक दहशत
अकबरपुर चैदरी के धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारने के बाद बिगड़े हालातों ने शुक्रवार को कांठ की शांति में आग लगा दी। दिन भर बवाल की जद में रहा कांठ। शाम को तो पथराव और फायरिंग ने हालात विस्फोटक बना दिए थे। इतना सब हुआ लेकिन अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं। दफ्तरों में बैठे अफसर ठिठोली करते रहे। एक दूसरे से झूठ भी खूब बोला गया। हालात के बारे में जब पूछा गया तो सभी सामान्य बताते रहे।
बृहस्पतिवार को हालात उस वक्त बिगड़े जब पुलिस ने अकबरपुर चैदरी गांव में एक धर्मस्थल पर लगे लाउडस्पीकर को उतार दिया। विरोध को उतरे ग्रामीणों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया। शुक्रवार को इसी का विरोध था। गुस्साए लोग कांठ में पहुंचे और हरिद्वार मार्ग को जाम कर दिया। यहां से बवाल बढ़ता चला गया। पुलिस के खिलाफ लोगों में इस कदर गुस्सा था कि वह वहां से हटने को भी तैयार नहीं हुए। पुलिस पर कार्रवाई की मांग गूंजने लगी।
इसी बीच पुलिस ने हिंदू संगठनों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इससे लोग और भड़क गए। पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, फायरिंग होने लगी। कुछ ही देर में कांठ और आसपास का इलाके में दहशत फैल गई। दुकानें बंद हो गईं। लोग घरों में कैद हो गए। सड़कों से मुहल्लों तक दहशत ही दहशत थी। देर रात तक रौनक वाले चौराहों पर भी शाम को ही खामोशी छा गई।
सांसद ने गृहमंत्री से मिलकर बताए हालात
कांठ के गांव अकबरपुर चेंदरी में पुलिस द्वारा एक मंदिर से जबरन ताले तोड़कर लाउडस्पीकर उतारे जाने, महिलाओं पर लाठीचार्ज करने और एक वर्ग के लोगों की बेहिसाब गिरफ्तारी से नाराज भाजपा सांसद कुंवर सर्वेश सिंह ने दिल्ली में गृहमंत्री से मुलाकात कर मामले में सीधे दखल देने की मांग की है। सांसद ने गृह मंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और पुलिस पर सत्ता के दबाव में एक पक्ष को कुचलने के आरोप लगाए।
अकबरपुर चेंदरी की घटना को लेकर सांसद सर्वेश सिंह शुक्रवार को 3:55 मिनट पर दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में गृह मंत्री को लिखित में जानकारी देने के साथ ताजा हालात भी बताए। सांसद ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री से कहा है कि चेंदरी गांव में मंदिर दशकों पुराना है, जिसमें करीब 14 वर्षों से लाउडस्पीकर लगा होने के वे खुद चश्मदीद हैं। लेकिन मुरादाबाद पुलिस प्रशासन ने सत्ता के दबाव में एक वर्ग को कुचलने की नीयत से मंदिर के ताले तोड़कर लाउडस्पीकर उतारा, मूर्तियों को खंडित किया और लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ ही महिलाओं से बदसलूकी की उन्हें सरेआम लातों और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। उन्हीं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया और अब बेकसूर ग्रामीणों पर प्रशासन फायरिंग कर उन्हें घरों से खदेड़ने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने बताया कि उन्होंने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का वक्त मांगा है और वह उन्हें भी पूरी घटना से अवगत कराएंगे।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांठ के गांव अकबरपुर चेंदरी में हुई घटना की बाबत प्रदेश के आईजी कानून व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर से बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को घटना पर नजर रखने के निर्देश भी दिए हैं।