वॉकी-टॉकी से लैस होंगे बंदी रक्षक
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प्रदेश के कारागारों में सुरक्षा एवं तलाशी को लेकर नई तैयारी चल रही है। जिला कारागारों में अत्याधुनिक मेटल डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा।
ताकि सुरक्षा और तलाशी की गुणवत्ता को और बेहतर किया जा सके। इसके अलावा जेल में क्षमता से अधिक बंदियों की सुरक्षा के लिए बंदी रक्षकों को वायरलेस सिस्टम से लैस किया जाएगा।
इसके लिए जेल में अलग से कंट्रोल रुम बनाने की व्यवस्था चल रही है। साथ ही सुरक्षा के अन्य उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।
इन सभी व्यवस्थाओं के लिए सूबे की प्रत्येक जेलों को 13.28 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृत प्रदान कर दी गई है।
पेशी और मुलाकात के दौरान जेल के अंदर आपत्तिजनक सामान पहुंचने, बैरकों में बंदियों की गोलबंदी, जेलों में बैठकर संगठित अपराध को रोकने के लिए शासन नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष कार्याधिकारी आर.के.द्विवेदी ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं को लिखे पत्र में प्रदेश के सभी कारागारों में सुरक्षा एवं तलाशी को और बेहतर बनाए जाने के लिए निर्देश दिया है।
शासन की पहल पर जेल के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी जेलों में 13.28 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृत प्रदान की गई है।