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Deoria News: बैराजों से सरयू में छोड़ा गया पानी, खतरा बढ़ा
Sat, 25 Jul 2026 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:07 AM IST
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भागलपुर। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश की वजह से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बताया जा रहा है कि शारदा और गिरजापुरी बैराज से सरयू में चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इससे शुक्रवार की दोपहर बाद से नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि शुरू हो गई है। नदी अब खतरे के निशान से महज 47 सेंटीमीटर नीचे है।
सरयू पांच दिन पहले ही चेतावनी बिंदू को पार कर गई थी। हर दिन जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम को जलस्तर स्थिर हो गया था। शुक्रवार की सुबह भी जलस्तर स्थिर रहा, मगर दोपहर बाद पानी बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग के अवर अभियंता राजेश राव के अनुसार शारदा और गिरजापुरी बैराज से करीब चार लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। उत्तराखंड और नेपाल में भी भारी बारिश हो रही है। इसके चलते नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सचेत रहने को कहा गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है। तटवर्ती लोगों को जलभराव वाले जगहों पर जाने से मना किया गया है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार की रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम को नदी का जलस्तर 63.60 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। शुक्रवार की शाम चार बजे जलस्तर 63.63 सेमी दर्ज की गई, जो तुर्तीपार गेज पर अंकित खतरा निशान 64.10 मीटर से मात्र 47 सेमी नीचे है।
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इससे शुक्रवार की दोपहर बाद से नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि शुरू हो गई है। नदी अब खतरे के निशान से महज 47 सेंटीमीटर नीचे है।
सरयू पांच दिन पहले ही चेतावनी बिंदू को पार कर गई थी। हर दिन जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम को जलस्तर स्थिर हो गया था। शुक्रवार की सुबह भी जलस्तर स्थिर रहा, मगर दोपहर बाद पानी बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग के अवर अभियंता राजेश राव के अनुसार शारदा और गिरजापुरी बैराज से करीब चार लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। उत्तराखंड और नेपाल में भी भारी बारिश हो रही है। इसके चलते नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सचेत रहने को कहा गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है। तटवर्ती लोगों को जलभराव वाले जगहों पर जाने से मना किया गया है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार की रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम को नदी का जलस्तर 63.60 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। शुक्रवार की शाम चार बजे जलस्तर 63.63 सेमी दर्ज की गई, जो तुर्तीपार गेज पर अंकित खतरा निशान 64.10 मीटर से मात्र 47 सेमी नीचे है।
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