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पीछे हटी सरयू नदी, सिल्ट से बढ़ीं दुश्वारियां
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पीछे हटी सरयू नदी, सिल्ट से बढ़ीं दुश्वारियां
बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर कमी से घाटों की सीढ़ियों, सड़कों पर जगह-जगह सिल्ट जम गई है। बाढ़ प्रभावित वार्डों और गांवों में उठ रही बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वैसे नदी के पीछे हटने से कुछ हद तक लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है।
बृहस्पतिवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर दर्ज किया गया। नदी 68.15 मीटर तक पहुंची थी। जलस्तर में रोजाना हो रही कमी से नदी गांवों और खेतों से तेजी से पीछे हट रही है। जबकि कटान का खतरा बढ़ गया है। नगर क्षेत्र में आए बाढ़ से फसलें डूूब गई हैं। बेजुबानों के लिए चारे का संकट बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग घरों के लिए वापसी करने लगे हैं। परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों के अलावा भदिला प्रथम में दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग जरुरत के सामान के लिए जान जोखिम में डाल नदी के उफनाती लहरों पर सफर कर रहे हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि नदी के पीछे हटने के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे है।
परसियां देवार में राहत सामग्री वितरण की मांग
बरहज। तहसील परिसर से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में परसियां देवार के 28 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री दी गई। जबकि नदी पार कर आए शेष परिवारों के लोगों ने राहत सामग्री न मिलने पर नाराजगी जताई। भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष रामजोखन निषाद ने दियारा के बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री, केरोसिन आदि सामान उपलब्ध कराने की मांग की है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। राहत सामग्री आते ही मुहैया करा दी जाएगी।
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बरहज। सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर कमी से घाटों की सीढ़ियों, सड़कों पर जगह-जगह सिल्ट जम गई है। बाढ़ प्रभावित वार्डों और गांवों में उठ रही बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वैसे नदी के पीछे हटने से कुछ हद तक लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है।
बृहस्पतिवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 66.50 मीटर से एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर दर्ज किया गया। नदी 68.15 मीटर तक पहुंची थी। जलस्तर में रोजाना हो रही कमी से नदी गांवों और खेतों से तेजी से पीछे हट रही है। जबकि कटान का खतरा बढ़ गया है। नगर क्षेत्र में आए बाढ़ से फसलें डूूब गई हैं। बेजुबानों के लिए चारे का संकट बना हुआ है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग घरों के लिए वापसी करने लगे हैं। परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों के अलावा भदिला प्रथम में दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग जरुरत के सामान के लिए जान जोखिम में डाल नदी के उफनाती लहरों पर सफर कर रहे हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि नदी के पीछे हटने के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे है।
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परसियां देवार में राहत सामग्री वितरण की मांग
बरहज। तहसील परिसर से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में परसियां देवार के 28 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री दी गई। जबकि नदी पार कर आए शेष परिवारों के लोगों ने राहत सामग्री न मिलने पर नाराजगी जताई। भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष रामजोखन निषाद ने दियारा के बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री, केरोसिन आदि सामान उपलब्ध कराने की मांग की है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। राहत सामग्री आते ही मुहैया करा दी जाएगी।
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