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Deoria News: जाना था जिला रामपुर, पहुंच गया रामपुर कारखाना
Fri, 16 May 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 16 May 2025 11:52 PM IST
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सिपाही ने मेस में कराया भोजन, फिर पहुंचाया देवरिया चाइल्ड केयर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना (देवरिया)। चंडीगढ़ से जिला रामपुर के लिए निकला किशोर भटक गया। वह ट्रेन से गोरखपुर और वहां से बस से रामपुर कारखाना पहुंच गया। रुपये समाप्त होने पर वह मायूस था। एक सिपाही की नजर पड़ी तो उसने किशोर को भोजन कराया। घर का पता न बता पाने पर चाइल्ड केयर को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, रामपुर जिला के भगोड़ा गांव निवासी मोहित पुत्र मंगल किसी के साथ चंडीगढ़ गया हुआ था। वह ट्रेन से घर के लिए निकला और बुधवार को गोरखपुर पहुंच गया। रामपुर पता पूछने पर किसी ने उसे बस से देवरिया और फिर वहां से रामपुर कारखाना जाने की सलाह दे दी। किशोर गोरखपुर से बस पर सवार होकर देवरिया आया और फिर अनुबंधित बस से रामपुर कारखाना चौराहे पर पहुंच गया।
रामपुर कारखाना पहुंचने पर उसके पास एक भी रुपये नहीं बचे थे। यह देखकर टेंपो चालक रामकृपाल ने अपने पास से 50 रुपये दिए। जबकि पान विक्रेता नीरज चौरसिया उर्फ सोनू ने उसे थाने पहुंचाया। रामपुर कारखाना थाने में मौजूद कांस्टेबल इंद्रजीत वर्मा ने किशोर को भोजन कराया। किशोर केवल अपना नाम और गांव का नाम ही बता पा रहा था। उसे घर का मोबाइल नंबर भी याद नहीं था। इसके चलते कांस्टेबल इंद्रजीत ने किशोर को चाइल्ड लाइन केयर देवरिया के सुपुर्द कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना (देवरिया)। चंडीगढ़ से जिला रामपुर के लिए निकला किशोर भटक गया। वह ट्रेन से गोरखपुर और वहां से बस से रामपुर कारखाना पहुंच गया। रुपये समाप्त होने पर वह मायूस था। एक सिपाही की नजर पड़ी तो उसने किशोर को भोजन कराया। घर का पता न बता पाने पर चाइल्ड केयर को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, रामपुर जिला के भगोड़ा गांव निवासी मोहित पुत्र मंगल किसी के साथ चंडीगढ़ गया हुआ था। वह ट्रेन से घर के लिए निकला और बुधवार को गोरखपुर पहुंच गया। रामपुर पता पूछने पर किसी ने उसे बस से देवरिया और फिर वहां से रामपुर कारखाना जाने की सलाह दे दी। किशोर गोरखपुर से बस पर सवार होकर देवरिया आया और फिर अनुबंधित बस से रामपुर कारखाना चौराहे पर पहुंच गया।
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रामपुर कारखाना पहुंचने पर उसके पास एक भी रुपये नहीं बचे थे। यह देखकर टेंपो चालक रामकृपाल ने अपने पास से 50 रुपये दिए। जबकि पान विक्रेता नीरज चौरसिया उर्फ सोनू ने उसे थाने पहुंचाया। रामपुर कारखाना थाने में मौजूद कांस्टेबल इंद्रजीत वर्मा ने किशोर को भोजन कराया। किशोर केवल अपना नाम और गांव का नाम ही बता पा रहा था। उसे घर का मोबाइल नंबर भी याद नहीं था। इसके चलते कांस्टेबल इंद्रजीत ने किशोर को चाइल्ड लाइन केयर देवरिया के सुपुर्द कर दिया।
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