किसानों की समस्याओं को लेकर हुंकार भरी
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किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को तहसील में धरना दिया । इस दौरान पदाधिकारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांगें पूरी नहीं की गई तो वे आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को दिया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता के नेतृत्व में बुधवार को किसानों का जमावड़ा तहसील में हुआ। दर्जनों गांवों से किसान सड़कों पर नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
किसानों ने शासन प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 2015 में रबी की फसलों के नुकसान का मुआवजा अधिकांश किसानों को नहीं मिला।
सरकारों की उपेक्षा से किसानों की माली हालत खराब हो गई है। किसानों की बदहाली को दूर नहीं की जा रही है। सरकार को चाहिए कि कैंप लगाकर सूखा राहत का चेक किसानों को उपलब्ध कराए।
किसानों ने कहा कि सूखे से धान की फसल सूख गई है। किसानों को प्रकृति और शासन की उपेक्षा की मार झेलनी पड़ रही है। किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है।
किसानों ने मुआवजा दिलाने, धान क्रय केंद्र चालू कराने, बरहज इलाके में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
इस दौरान राघवेन्द्र प्रताप शाही, कुंवर राणा प्रताप सिंह, रवि प्रताप पाण्डेय, राम भवन यादव, प्रभु दयाल सिंह, गिरधारी यादव, मारकंडे सिंह, देवनाथ यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।