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Deoria News: सब्जी की नर्सरी स्वरोजगार का सबसे अच्छा साधन
Thu, 24 Sep 2026 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:03 AM IST
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भाटपाररानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के सभागार में बुधवार को सब्जी पौधा उत्पादन विषय पर अनुसूचित जाति उप-योजनांतर्गत तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण एवं कृषि निवेश वितरण कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मांधाता सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सब्जी की नर्सरी स्वरोजगार का सबसे अच्छा साधन है। उन्होंने कहा कि समूह बनाकर यदि सब्जी की पौधा तैयार की जाए तो क्षेत्र के अन्य किसानों की जरूरतों की पूर्ति भी की जा सकती है। कार्यक्रम के संयोजक एवं पशु जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ अंकुर शर्मा ने प्रशिक्षुओं को खाद के लिए वर्मी कम्पोस्ट तथा बकरी, मुर्गी के अपशिष्ट से बनी कम्पोस्ट खाद के प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सब्जी पौधशाला के लिए क्यारी का चयन, पोषक तत्वों का प्रयोग, बीज की बुवाई, नर्सरी में लगने वाले रोग तथा कीटों के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ-साथ सब्जियों के बीजों की किट भी उपलब्ध कराई गई।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मांधाता सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सब्जी की नर्सरी स्वरोजगार का सबसे अच्छा साधन है। उन्होंने कहा कि समूह बनाकर यदि सब्जी की पौधा तैयार की जाए तो क्षेत्र के अन्य किसानों की जरूरतों की पूर्ति भी की जा सकती है। कार्यक्रम के संयोजक एवं पशु जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ अंकुर शर्मा ने प्रशिक्षुओं को खाद के लिए वर्मी कम्पोस्ट तथा बकरी, मुर्गी के अपशिष्ट से बनी कम्पोस्ट खाद के प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सब्जी पौधशाला के लिए क्यारी का चयन, पोषक तत्वों का प्रयोग, बीज की बुवाई, नर्सरी में लगने वाले रोग तथा कीटों के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ-साथ सब्जियों के बीजों की किट भी उपलब्ध कराई गई।
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