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Deoria News: करंट की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत, लाइनमैन सहित तीन झुलसे
Mon, 22 May 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 22 May 2023 12:42 AM IST
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देवरिया रुद्रपुर मार्ग पर शव रखकर सड़क जामकर प्रदर्शन करतें गांव वाले
रुद्रपुर और देसही देवरिया क्षेत्र में हुई घटना, शट डाउन नहीं लेने के कारण हुई एक घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/देसही देवरिया। जिले में रविवार को दो जगहों पर करंट की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक लाइनमैन सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएचसी रुद्रपुर व हाटा में मृत घोषित होने के बाद भी दोनों के जीवित होने को लेकर असमंजस भी बना रहा। परिजनों और अन्य लोगों ने इस पर हंगामा भी किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज लेकर परिजन पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पहली घटना माहीगंज पॉवर हाउस के निकट 11 हजार वोल्ट की लाइन को ठीक करते समय घटी। यह लाइन शनिवार रात खराब हो गई थी। लाइन को ठीक करने के लिए रविवार सुबह लाइनमैन जितेन्द्र निषाद (35) निवासी माहीगंज गांव के सुमित पटेल (25), बलराम विश्वकर्मा (20) और जितेंद्र प्रजापति (34) को लेकर गए। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की लाइन पर पॉवर हाउस से शट डाउन लिया, लेकिन इसी जगह से 33 हजार वोल्ट की गुजरने वाली लाइन का शट डाउन नहीं लिया। 11 हजार वोल्ट की लाइन को पोल से खींचने के दौरान करीब पांच फीट की दूरी पर जाकर तार 33 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे काम कर रहे चारों लोग करंट की चपेट में आ गए और झुलस गए।
चारों घायलों को लेकर ग्रामीण सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सक ने सुमित पटेल को मृत बताया और अन्य को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। करीब 40 मिनट बाद अस्पताल में कुछ लोगों ने सुमित को जिंदा होने की संभावना जाहिर की। इस पर परिजन और गांव वाले हंगामा करने लगे। लोगों का गुस्सा देख अस्पताल कर्मचारी चेंबर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने बवाल कर रहे लोगों को शांत कराकर सुमित को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सुमित के माता-पिता और छोटा भाई दिल्ली में रहते हैं।
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ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय करंट के चपेट में आकर मजदूर की मौत
दूसरी घटना में ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय करंट के चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई। दरअसल, देसही देवरिया विकास खंड के हाटा कोतवाली (जिला देवरिया) क्षेत्र के करज गांव में एक मोबाइल कंपनी का टाॅवर लग रहा है। इसमें खामपार थाना क्षेत्र के परोहा गांव के रहने वाले राजेश शाह (40) मजदूरी कर रहे थे। शनिवार देर शाम बगल में स्थित ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय राजेश शाह करंट की चपेट में आ गए। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। साथी उन्हें लेकर हाटा सीएचसी पहुंचे। डाक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया, लेकिन साथी राजेश को जीवित मानकर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज चले गए। वहां पर डॉक्टरों ने मृत बता दिया। इसके बाद रात एक बजे के करीब शव लेकर हाटा कोतवाली पहुंचे। घटनास्थल पर जाकर पुलिस ने मामले की जांच की। उधर, मौत की जानकारी होते ही घर में चीख- पुकार मच गई। हाटा कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली की चपेट में आने से मजदूर राजेश की मौत हुई है। जरूरी कार्रवाई की जा रही है। मृतक खामपार थाना क्षेत्र के परोहा गांव का रहने वाला है।
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33 हजार का भी शटडाउन लेने की बात बोला साथी, फिर भी नहीं माने
बेटे के मरने की खबर सुनकर दिल्ली से रवाना हुए मां, बाप और भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। फाल्ट ठीक करते समय 11 हजार वोल्ट का शटडाउन लेने के दौरान लाइनमैन जितेन्द्र निषाद को पॉवर हाउस के साथी ने 33 हजार लाइन का भी शटडाउन लेने की सलाह दी, जिस पर दोनों तार के क्राॅसिंग में पांच फीट की दूरी बताकर लाइनमैन जितेन्द्र ने 33 हजार का शटडाउन नहीं लिया। घटना के बाद लोगों की जुबां पर यहीं था कि काश दोनों लाइन का शट डाउन लेकर काम शुरू किए होते, तो जान नहीं गई होती।
लाइनमैन जितेन्द्र के साथ गांव का सुमित पटेल भी बिजली का काम करने जाता था। रविवार की सुबह भी लाइनमैन के साथ मजदूरी करने के लिए गया और हादसे में जान चली गई। पिता रामअशीष पटेल और मां लीला वर्तमान में छोटे भाई विशाल को लेकर दिल्ली में हैं। मां छोटे बेटे विशाल के साथ तीन माह पहले दिल्ली गईं। बेटे की मौत की खबर सुनकर बदहवास मां, पिता घर के लिए रवाना हो गए। वह गांव में चाचा के परिवार के साथ रहता था। युवक की शादी नहीं हुई थी। युवक के मरने की खबर से अस्पताल में भीड़ लग गई। मिलनसार किस्म के युवक सुमित की मौत पर लोगों की आंखें नम हो गईं।
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हंगामे से छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करंट से मरे सुमित के जिंदा होने की आशंका की खबर फैलते ही अफरातफरी का माहौल बन गया। गांव वाले गुस्सा होकर अस्पताल कर्मचारियों की तरफ बढ़े, तो पुलिस ने मोर्चा संभाला। स्थिति बेकाबू होता देख अस्पताल कर्मी भाग निकले। प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार बाजपेयी ने भीड़ बेकाबू होती देख सुमित को एंबुलेंस से तत्काल देवरिया भेजे। पल भर में अस्पताल पुलिस छावनी में बदल गया।
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अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली
करंट से युवक की मौत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। सीओ जिलाजीत, नायब तहसीलदार कर्ण सिंह और बिजली निगम के एक्सईएन ब्रजेश कुमार, एसडीओ अवनीश श्रीवास्तव, जेई संगम रावत ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। एसडीओ ने घायलों के उपचार का इंतजाम कराया। सीओ ने कहा कि मामले में तहरीर नहीं मिली है। विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/देसही देवरिया। जिले में रविवार को दो जगहों पर करंट की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक लाइनमैन सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीएचसी रुद्रपुर व हाटा में मृत घोषित होने के बाद भी दोनों के जीवित होने को लेकर असमंजस भी बना रहा। परिजनों और अन्य लोगों ने इस पर हंगामा भी किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज लेकर परिजन पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पहली घटना माहीगंज पॉवर हाउस के निकट 11 हजार वोल्ट की लाइन को ठीक करते समय घटी। यह लाइन शनिवार रात खराब हो गई थी। लाइन को ठीक करने के लिए रविवार सुबह लाइनमैन जितेन्द्र निषाद (35) निवासी माहीगंज गांव के सुमित पटेल (25), बलराम विश्वकर्मा (20) और जितेंद्र प्रजापति (34) को लेकर गए। उन्होंने 11 हजार वोल्ट की लाइन पर पॉवर हाउस से शट डाउन लिया, लेकिन इसी जगह से 33 हजार वोल्ट की गुजरने वाली लाइन का शट डाउन नहीं लिया। 11 हजार वोल्ट की लाइन को पोल से खींचने के दौरान करीब पांच फीट की दूरी पर जाकर तार 33 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे काम कर रहे चारों लोग करंट की चपेट में आ गए और झुलस गए।
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चारों घायलों को लेकर ग्रामीण सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सक ने सुमित पटेल को मृत बताया और अन्य को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। करीब 40 मिनट बाद अस्पताल में कुछ लोगों ने सुमित को जिंदा होने की संभावना जाहिर की। इस पर परिजन और गांव वाले हंगामा करने लगे। लोगों का गुस्सा देख अस्पताल कर्मचारी चेंबर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने बवाल कर रहे लोगों को शांत कराकर सुमित को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सुमित के माता-पिता और छोटा भाई दिल्ली में रहते हैं।
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ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय करंट के चपेट में आकर मजदूर की मौत
दूसरी घटना में ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय करंट के चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई। दरअसल, देसही देवरिया विकास खंड के हाटा कोतवाली (जिला देवरिया) क्षेत्र के करज गांव में एक मोबाइल कंपनी का टाॅवर लग रहा है। इसमें खामपार थाना क्षेत्र के परोहा गांव के रहने वाले राजेश शाह (40) मजदूरी कर रहे थे। शनिवार देर शाम बगल में स्थित ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ते समय राजेश शाह करंट की चपेट में आ गए। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। साथी उन्हें लेकर हाटा सीएचसी पहुंचे। डाक्टरों ने राजेश को मृत घोषित कर दिया, लेकिन साथी राजेश को जीवित मानकर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज चले गए। वहां पर डॉक्टरों ने मृत बता दिया। इसके बाद रात एक बजे के करीब शव लेकर हाटा कोतवाली पहुंचे। घटनास्थल पर जाकर पुलिस ने मामले की जांच की। उधर, मौत की जानकारी होते ही घर में चीख- पुकार मच गई। हाटा कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली की चपेट में आने से मजदूर राजेश की मौत हुई है। जरूरी कार्रवाई की जा रही है। मृतक खामपार थाना क्षेत्र के परोहा गांव का रहने वाला है।
33 हजार का भी शटडाउन लेने की बात बोला साथी, फिर भी नहीं माने
बेटे के मरने की खबर सुनकर दिल्ली से रवाना हुए मां, बाप और भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। फाल्ट ठीक करते समय 11 हजार वोल्ट का शटडाउन लेने के दौरान लाइनमैन जितेन्द्र निषाद को पॉवर हाउस के साथी ने 33 हजार लाइन का भी शटडाउन लेने की सलाह दी, जिस पर दोनों तार के क्राॅसिंग में पांच फीट की दूरी बताकर लाइनमैन जितेन्द्र ने 33 हजार का शटडाउन नहीं लिया। घटना के बाद लोगों की जुबां पर यहीं था कि काश दोनों लाइन का शट डाउन लेकर काम शुरू किए होते, तो जान नहीं गई होती।
लाइनमैन जितेन्द्र के साथ गांव का सुमित पटेल भी बिजली का काम करने जाता था। रविवार की सुबह भी लाइनमैन के साथ मजदूरी करने के लिए गया और हादसे में जान चली गई। पिता रामअशीष पटेल और मां लीला वर्तमान में छोटे भाई विशाल को लेकर दिल्ली में हैं। मां छोटे बेटे विशाल के साथ तीन माह पहले दिल्ली गईं। बेटे की मौत की खबर सुनकर बदहवास मां, पिता घर के लिए रवाना हो गए। वह गांव में चाचा के परिवार के साथ रहता था। युवक की शादी नहीं हुई थी। युवक के मरने की खबर से अस्पताल में भीड़ लग गई। मिलनसार किस्म के युवक सुमित की मौत पर लोगों की आंखें नम हो गईं।
हंगामे से छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करंट से मरे सुमित के जिंदा होने की आशंका की खबर फैलते ही अफरातफरी का माहौल बन गया। गांव वाले गुस्सा होकर अस्पताल कर्मचारियों की तरफ बढ़े, तो पुलिस ने मोर्चा संभाला। स्थिति बेकाबू होता देख अस्पताल कर्मी भाग निकले। प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार बाजपेयी ने भीड़ बेकाबू होती देख सुमित को एंबुलेंस से तत्काल देवरिया भेजे। पल भर में अस्पताल पुलिस छावनी में बदल गया।
अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली
करंट से युवक की मौत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। सीओ जिलाजीत, नायब तहसीलदार कर्ण सिंह और बिजली निगम के एक्सईएन ब्रजेश कुमार, एसडीओ अवनीश श्रीवास्तव, जेई संगम रावत ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। एसडीओ ने घायलों के उपचार का इंतजाम कराया। सीओ ने कहा कि मामले में तहरीर नहीं मिली है। विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।